कैलिफोर्निया स्थित Xona Space Systems 258 नए सैटेलाइट्स लॉन्च करने की तैयारी में है, जो GPS की तुलना में 100 गुना अधिक शक्तिशाली सिग्नल प्रदान करेंगे।
मुख्य बिंदु (Key Takeaways)
- Xona Space Systems 258 'Pulsar' सैटेलाइट्स का एक नया समूह (Constellation) तैनात करने की योजना बना रहा है।
- ये सैटेलाइट्स GPS की तुलना में 100 गुना अधिक शक्तिशाली सिग्नल प्रदान करेंगे।
- यह तकनीक घने शहरों, इमारतों के अंदर और घने जंगलों में सटीक लोकेशन प्रदान करने में सक्षम होगी।
- अक्टूबर 2026 में पहले छह सैटेलाइट्स का प्रक्षेपण निर्धारित है।
वैश्विक नेविगेशन की दुनिया में एक बड़ी क्रांति दस्तक दे रही है। वर्तमान में हम पूरी तरह से GPS (ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम) पर निर्भर हैं, जो उच्च कक्षा (High Orbit) में स्थित सैटेलाइट्स का उपयोग करता है। लेकिन इसकी कुछ सीमाएं हैं—जैसे घनी शहरी इमारतों के बीच सिग्नल का कमजोर होना या जानबूझकर किए जाने वाले 'GPS जैमिंग' से प्रभावित होना। अब, कैलिफोर्निया स्थित Xona Space Systems इस चुनौती को बदलने के लिए तैयार है।
लो-अर्थ ऑर्बिट (LEO) का जादू
Xona का लक्ष्य लो-अर्थ ऑर्बिट (LEO) में 258 'Pulsar' सैटेलाइट्स का एक नेटवर्क स्थापित करना है। पारंपरिक GPS सैटेलाइट्स की तुलना में, ये LEO सैटेलाइट्स पृथ्वी के बहुत करीब होंगे। इस निकटता का सबसे बड़ा लाभ सिग्नल की शक्ति है। विशेषज्ञों का मानना है कि Xona के सैटेलाइट्स GPS की तुलना में 100 गुना अधिक शक्तिशाली सिग्नल भेज सकेंगे। यह शक्ति न केवल सिग्नल की पहुंच बढ़ाएगी, बल्कि सटीक नेविगेशन को भी संभव बनाएगी।
सटीकता और सुरक्षा का नया मानक
Xona के सह-संस्थापक और इंजीनियरिंग उपाध्यक्ष, Adrien Perkins के अनुसार, इस उच्च शक्ति का सबसे बड़ा लाभ यह है कि यह उन स्थानों पर भी काम कर सकेगा जहाँ GPS विफल हो जाता है, जैसे कि ऊंची इमारतों के भीतर या घने पेड़ों के नीचे। इसके अलावा, वर्तमान में समुद्री जहाजों, वाणिज्यिक उड़ानों और स्मार्टफोन ऐप्स को 'GPS जैमिंग' के कारण भारी व्यवधान का सामना करना पड़ रहा है। Xona का नया सिस्टम इन हस्तक्षेपों (Interference) के प्रति अधिक लचीला होगा, जिससे नेविगेशन अधिक सुरक्षित बनेगा।
भविष्य की रूपरेखा
इस महत्वाकांक्षी परियोजना की शुरुआत अक्टूबर 2026 में पहले छह उत्पादन सैटेलाइट्स के प्रक्षेपण के साथ होगी। यदि सब कुछ योजना के अनुसार रहा, तो 2027 तक शुरुआती सेवाएं शुरू हो सकती हैं। एक बार जब सभी 258 सैटेलाइट्स तैनात हो जाएंगे, तो Xona का दावा है कि उपयोगकर्ता पृथ्वी पर कहीं भी कुछ सेंटीमीटर की सटीकता के साथ अपनी स्थिति का पता लगा सकेंगे। यह तकनीक स्वायत्त वाहनों (Autonomous Vehicles) और ड्रोन तकनीक के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकती है।