यूरोपीय संघ की शीर्ष अदालत ने गूगल के खिलाफ फैसला सुनाते हुए इटली द्वारा लगाए गए 8.5 लाख डॉलर के जुर्माने को सही ठहराया है। यह मामला यूट्यूब पर अवैध जुआ विज्ञापनों से जुड़ा है।

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • यूरोपीय संघ की अदालत (CJEU) ने गूगल की अपील को खारिज कर दिया है।
  • इटली ने यूट्यूब पर अवैध जुआ विज्ञापनों के लिए गूगल पर €750,000 का जुर्माना लगाया था।
  • अदालत ने कहा कि व्यावसायिक साझेदारी वाले कंटेंट क्रिएटर्स के लिए गूगल जिम्मेदार है।
  • यह फैसला बड़ी टेक कंपनियों के लिए 'मध्यस्थ सुरक्षा' (Intermediary Liability) के नियमों को चुनौती देता है।

गूगल (Alphabet Inc.) को एक बार फिर यूरोपीय नियामक संस्थाओं के साथ कानूनी संघर्ष में हार का सामना करना पड़ा है। गुरुवार को, यूरोपीय संघ की न्याय अदालत (CJEU) ने इटली की संचार प्राधिकरण द्वारा लगाए गए €750,000 (लगभग 8.54 लाख डॉलर) के जुर्माने के खिलाफ गूगल की चुनौती को खारिज कर दिया। यह मामला चार साल पुराने उन विवादों से जुड़ा है जिसमें यूट्यूब प्लेटफॉर्म पर ऑनलाइन जुआ विज्ञापनों के प्रसारण को लेकर सवाल उठाए गए थे।

विवाद की जड़: व्यावसायिक साझेदारी और जिम्मेदारी

इस पूरे मामले की शुरुआत तब हुई जब इटली की एक प्रशासनिक अदालत ने 2022 में गूगल पर जुर्माना लगाया था। गूगल का तर्क था कि वह यूरोपीय दूरसंचार नियमों के तहत एक 'मध्यस्थ' (Intermediary) के रूप में कार्य करता है और तीसरे पक्ष (Third-party) द्वारा अपलोड किए गए कंटेंट के लिए वह कानूनी रूप से उत्तरदायी नहीं है। हालांकि, अदालत ने इस तर्क को पूरी तरह से खारिज कर दिया।

अदालत ने स्पष्ट किया कि चूंकि यूट्यूब पर विज्ञापन देने वाले कंटेंट क्रिएटर के साथ गूगल का एक 'व्यावसायिक साझेदारी समझौता' (Commercial Partnership Deal) था, इसलिए गूगल अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकता। न्यायाधीशों ने कहा कि यदि कोई प्लेटफॉर्म किसी चैनल के विषय, उसके सबसे अधिक देखे जाने वाले वीडियो और मेटाडेटा की समीक्षा करता है ताकि व्यावसायिक अनुबंध किया जा सके, तो वह केवल एक 'निष्क्रिय तकनीकी सेवा प्रदाता' नहीं रह जाता।

बिग टेक के लिए कड़े होते नियम

यह फैसला वैश्विक स्तर पर बड़ी तकनीकी कंपनियों (Big Tech) के लिए एक महत्वपूर्ण मिसाल है। वर्तमान में, मेटा (Meta), गूगल और अन्य सोशल मीडिया दिग्गज अक्सर यह दलील देते हैं कि वे केवल प्लेटफॉर्म प्रदान करते हैं और उपयोगकर्ताओं द्वारा पोस्ट किए गए हानिकारक या अवैध कंटेंट के लिए जिम्मेदार नहीं हैं। लेकिन, बच्चों पर सोशल मीडिया के प्रभाव और अवैध जुआ विज्ञापनों के बढ़ते प्रसार को देखते हुए, नियामक अब इन कंपनियों की जवाबदेही तय करने के लिए सख्त रुख अपना रहे हैं।

अब इटली की अदालत CJEU के इस फैसले के आधार पर मामले के गुण-दोषों पर अंतिम निर्णय लेगी। यह निर्णय भविष्य में डिजिटल विज्ञापन और प्लेटफॉर्म की जिम्मेदारी के बीच की रेखा को फिर से परिभाषित करेगा।