पिछले दो वर्षों में भारत में 50 OTT प्लेटफ़ॉर्म को सार्वजनिक उपयोग से ब्लॉक किया गया, क्योंकि वे IT एक्ट, 2000 और नई BNS 2023 के तहत आपराधिक सामग्री प्रसारित कर रहे थे। इस कदम का उद्देश्य डिजिटल सामग्री की सुरक्षा को सुदृढ़ करना और नियामक अनुपालन को तेज़ करना है।
मुख्य बिंदु (Key Takeaways)
- पिछले दो साल में 50 OTT प्लेटफ़ॉर्म सार्वजनिक उपयोग से बंद किए गए
- इन प्लेटफ़ॉर्म को IT एक्ट, 2000, BNS 2023 और अन्य कानूनों के उल्लंघन के लिए बंद किया गया
- नए नियमों के तहत डिजिटल मध्यस्थों को 3 घंटे में आपराधिक सामग्री हटानी अनिवार्य है
भारत सरकार ने 22 जुलाई, 2026 को लोकसभा में बताया कि पिछले दो वर्षों में 50 ओवर‑द‑टॉप (OTT) प्लेटफ़ॉर्म को सार्वजनिक पहुंच से अक्षम किया गया। इन प्लेटफ़ॉर्मों पर आपराधिक एवं यौन स्पष्ट सामग्री का प्रसारण होने के कारण सूचना प्रौद्योगिकी (IT) एक्ट, 2000, भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 और संबंधित कानूनों का उल्लंघन पाया गया।
2021 में सूचना प्रौद्योगिकी (इंटरमीडिएरी गाइडलाइन और डिजिटल मीडिया, एथिक्स कोड) नियम जारी किए गए, जो डिजिटल समाचार प्रकाशकों और OTT प्लेटफ़ॉर्मों के लिए एक एथिक्स कोड स्थापित करते हैं। इन नियमों के तहत, किसी भी आपराधिक सामग्री की शिकायत मिलने पर तुरंत कार्रवाई करनी अनिवार्य है।
संबंधित कानूनों में सेक्शन 79(3)(b) के तहत “सेफ‑हैबर” की सुरक्षा खो जाती है यदि इंटरमीडिएरी को कोर्ट आदेश या सरकारी नोटिफिकेशन मिलने के बाद सामग्री हटाने में देर हो। सेक्शन 67 और 67A यौन स्पष्ट सामग्री के लिए अधिकतम सात साल की सजा और 10 लाख रुपये तक जुर्माना निर्धारित करते हैं। सेक्शन 67B बाल यौन शोषण सामग्री पर विशेष दंड लागू करता है।
"OTT प्लेटफ़ॉर्म की नियमन से डिजिटल सामग्री की सुरक्षा में सुधार होगा," कहा है डिजिटल कानून विशेषज्ञ प्रो. अजय शर्मा।
Why This Matters (इसके मायने क्या हैं)
BozokMedia के विश्लेषण के अनुसार, यह कदम डिजिटल मनोरंजन उद्योग में पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ावा देता है, जिससे उपयोगकर्ता विशेषकर महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा बेहतर होती है। साथ ही, यह निवेशकों को स्पष्ट नियामक ढांचा प्रदान करके उद्योग की स्थिरता को सुदृढ़ करता है।
आर्थिक दृष्टिकोण से, अनुपालन न करने वाले OTT प्लेटफ़ॉर्मों के बंद होने से संभावित राजस्व हानि और वैकल्पिक प्लेटफ़ॉर्मों की मांग में वृद्धि हो सकती है, जिससे डिजिटल इकोसिस्टम में पुनर्संतुलन की संभावना बनती है।
| स्थिति | पहले (2020‑2024) | अब (2025‑2026) |
|---|---|---|
| कानूनी ढांचा | IT एक्ट के तहत सीमित दिशा-निर्देश | IT एक्ट + BNS 2023 + एथिक्स कोड |
| सामग्री मॉनिटरिंग | स्वैच्छिक रिपोर्टिंग | 3‑घंटे में हटाना अनिवार्य |
| प्लेटफ़ॉर्म बंदी | कम संख्या | 50 प्लेटफ़ॉर्म तक |
Frequently Asked Questions (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)
प्रश्न 1: कौन से नियम OTT प्लेटफ़ॉर्म को बाध्य करते हैं?
उत्तर: सूचना प्रौद्योगिकी (इंटरमीडिएरी गाइडलाइन और डिजिटल मीडिया, एथिक्स कोड) नियम 2021, IT एक्ट की धारा 67‑67B और भारतीय न्याय संहिता 2023।
प्रश्न 2: भविष्य में और कौन सी प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की संभावना है?
उत्तर: सरकार ने कहा है कि नई डिजिटल सामग्री नीतियों को लागू करने के साथ-साथ उल्लंघन करने वाले प्लेटफ़ॉर्मों के खिलाफ तेज़ कार्रवाई जारी रहेगी।