क्वांटम कंप्यूटरों को काम करने के लिए अंतरिक्ष से भी ठंडा तापमान चाहिए। बेंगलुरु स्थित क्वानफ़्लुएंस फ़ोटॉनिक तकनीक से कमरे के तापमान पर क्वांटम कंप्यूटिंग का समाधान खोज रहा है।

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मुख्य बिंदु

  • क्वांटम कंप्यूटरों को लगभग -273 °C पर ठंडा रखना पड़ता है।
  • क्वानफ़्लुएंस प्रकाश‑आधारित प्रणाली से कमरे के तापमान पर काम करने का दावा करता है।
  • ऑप्टिकल आयसिंग मशीन पहले से ही जटिल योजना समस्याओं के लिये व्यावसायिक रूप से उपलब्ध है।

क्वांटम कंप्यूटरों से आज की सबसे तेज़ सुपरकम्प्यूटर्स के लिये भी कई सदी लग सकती हैं, पर इनकी अत्यधिक ठंडा वातावरण की आवश्यकता ने उन्हें व्यावहारिक उपयोग से दूर रखा है।

गूगल और आईबीएम जैसी कंपनियां अपने सुपरकंडक्टिंग क्वांटम प्रोसेसर को -273 °C के निकट क्रायोजेनिक रेफ्रिजरेटर में रखती हैं, जिससे लागत में भारी वृद्धि और स्केलेबिलिटी में बाधा आती है।

बेंगलुरु‑आधारित स्टार्टअप क्वानफ़्लुएंस विद्युत के बजाय प्रकाश (फ़ोटॉन) का उपयोग करके इस समस्या को हल करने का दावा करता है, जिससे क्रायोजेनिक कूलिंग की जरूरत समाप्त हो सकती है।

संस्थापकों सुजॉय चक्रवर्ती, रवि मेहता और बिमन चट्टोपाध्याय ने 2018 में सिलिकॉन एंड बियॉन्ड को सिंओप्सिस को बेचने के बाद विभिन्न क्वांटम तकनीकों का परीक्षण किया और अंततः फ़ोटॉनिक्स को सबसे व्यावहारिक विकल्प माना।

उनका पहला व्यावसायिक उत्पाद, ऑप्टिकल आयसिंग मशीन, प्रकाश‑आधारित ऑप्टिमाइज़ेशन से जटिल योजना समस्याओं को हल करता है, जो फ़ोटॉनिक कंप्यूटिंग की संभावनाओं को दर्शाता है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

क्वांटम कंप्यूटिंग की खोज 1980 के दशक में शुरू हुई, जब शुरुआती प्रस्ताव सुपरकंडक्टिंग सर्किट पर आधारित थे, जिन्हें लगभग शून्य के समीप तापमान चाहिए था। वर्षों में शोधकर्ता आयन‑ट्रैप, टोपोलॉजिकल क्विबिट और हाल ही में फ़ोटॉनिक क्विबिट जैसे विकल्पों की तलाश करते रहे।

यह क्यों महत्वपूर्ण है

BozokMedia विश्लेषण दर्शाता है कि कमरे के तापमान पर कार्य करने वाला फ़ोटॉनिक क्वांटम कंप्यूटर भारतीय फ़ार्मास्युटिकल, लॉजिस्टिक्स और वित्तीय क्षेत्रों में व्यापक अपनाने को सुलभ बना सकता है।

"फ़ोटॉनिक्स बिना अत्यधिक कूलिंग लागत के क्वांटम लाभ प्राप्त करने का स्केलेबल मार्ग प्रदान करता है," कहते हैं डॉ. अनन्या राव, क्वांटम‑टेक्नोलॉजी विश्लेषक।
क्या आप जानते हैं?: पहली फ़ोटॉनिक क्वांटम कंप्यूटर प्रोटोटाइप 2010 में एक अमेरिकी शोध समूह ने प्रदर्शित की थी, जिसमें एंटैंगल्ड फोटॉन्स का उपयोग करके सरल एल्गोरिद्म चलाए गए थे।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

  • क्या फ़ोटॉनिक क्वांटम कंप्यूटर सुपरकंडक्टिंग को प्रतिस्थापित कर सकते हैं? फ़ोटॉनिक सिस्टम कुछ ऑप्टिमाइज़ेशन कार्यों में श्रेष्ठ हैं, पर वर्तमान में वे सार्वभौमिक क्वांटम कंप्यूटिंग के लिए सुपरकंडक्टिंग क्विबिट को पूरक मानते हैं।
  • कमरे के तापमान पर क्वांटम कंप्यूटर कब उपलब्ध होगा? विशेषज्ञ अनुमान लगाते हैं कि फ़ोटॉनिक एकीकरण के परिपक्व होने पर 5‑7 वर्षों में व्यावहारिक उत्पाद बाजार में आ सकता है।