शोधकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि AI कोडिंग एजेंट 'हैलुसिनेशन' (भ्रम) के कारण फर्जी पैकेज और डोमेन का उपयोग कर रहे हैं, जिससे हैकर्स को सिस्टम में घुसने का आसान रास्ता मिल रहा है।

मुख्य बातें

  • AI कोडिंग एजेंट अक्सर फर्जी या 'हैलुसिनेटेड' लाइब्रेरी और डोमेन नामों को सच मान लेते हैं।
  • स्लोपस्क्वाटिंग, फैंटम डोमेन और हॉलुस्क्वाटिंग तीनों एक ही प्रकार के 'लेट-बाइंडिंग' हमले का हिस्सा हैं।
  • शोधकर्ताओं ने पाया कि AI मॉडल 85% से 100% मामलों में एक ही गलत नाम दोहराते हैं, जिससे हमलावरों के लिए जाल बिछाना आसान हो जाता है।

साइबर सुरक्षा की दुनिया में एक नया और खतरनाक पैटर्न सामने आया है। स्लोपस्क्वाटिंग (Slopsquatting), फैंटम डोमेन (Phantom Domains), और हॉलुस्क्वाटिंग (HalluSquatting)—ये तीनों नाम अलग लग सकते हैं, लेकिन इनका मूल कारण एक ही है: AI कोडिंग एजेंटों द्वारा बिना जांचे-परखे 'हैलुसिनेटेड' (भ्रमित) पहचानकर्ताओं पर भरोसा करना।

कैसे काम करता है यह हमला?

जब कोई डेवलपर किसी AI कोडिंग एजेंट (जैसे GitHub Copilot या Cursor) से कोई टूल लाने के लिए कहता है, तो कभी-कभी AI एक ऐसा नाम बताता है जो सुनने में सही लगता है लेकिन वास्तव में अस्तित्व में नहीं होता है। हमलावर इसी कमजोरी का फायदा उठाते हैं। वे पहले से ही उन संभावित नामों का अनुमान लगा लेते हैं जो AI भविष्य में 'हैलुसिनेट' कर सकता है, और फिर उन नामों से मिलते-जुलते फर्जी पैकेज या डोमेन रजिस्टर कर लेते हैं।

BozokMedia विश्लेषण: यह क्यों मायने रखता है

BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, यह हमला पारंपरिक फिशिंग से कहीं अधिक खतरनाक है क्योंकि इसमें किसी इंसान को लिंक पर क्लिक करने की जरूरत नहीं है। यहाँ एक 'बॉट' या स्वचालित प्रक्रिया खुद ही हमलावर के कोड को डाउनलोड और निष्पादित कर देती है। यह हमला बड़े पैमाने पर 'बॉटनेट' बनाने का रास्ता खोलता है, जहाँ हमलावर को हर मशीन को अलग से हैक करने की आवश्यकता नहीं होती।

"AI एजेंट उन नामों पर भरोसा करते हैं जिन्हें किसी ने सत्यापित नहीं किया है, और यही उनकी सबसे बड़ी कमजोरी है।" — शेन वार्डन, प्रिंसिपल आर्किटेक्ट।

तेल अवीव विश्वविद्यालय और अन्य शोधकर्ताओं के अध्ययन से पता चला है कि AI मॉडल रिपॉजिटरी अनुरोधों के लिए 85% तक और स्किल इंस्टॉल्स के लिए 100% तक एक ही गलत नाम दोहराते हैं। यह भविष्यवाणी की जा सकने वाली त्रुटि हमलावरों के लिए एक खुला दरवाजा है।

सुरक्षा के लिए ऐतिहासिक संदर्भ

सुरक्षा टीमों ने पिछले छह महीनों में इस पैटर्न को तीन बार देखा है: जनवरी 2026 में Slopsquatting, जून 2026 में Phantom Squatting, और अब जुलाई 2026 में HalluSquatting। यह दर्शाता है कि जैसे-जैसे AI का उपयोग बढ़ रहा है, हमले भी अधिक परिष्कृत होते जा रहे हैं।

क्या आप जानते हैं?: AI द्वारा की गई गलतियों को 'हैलुसिनेशन' कहा जाता है, जहाँ मॉडल पूरी तरह से आत्मविश्वास के साथ गलत तथ्य पेश करता है।

Frequently Asked Questions

1. क्या मेरे मौजूदा सुरक्षा स्कैनर इन हमलों को रोक सकते हैं?
नहीं, पारंपरिक स्कैनर अक्सर केवल ऊपरी स्तर के पैकेज की जाँच करते हैं और उन 'ट्रांजिटिव डिपेंडेंसी' को छोड़ देते हैं जो गहराई में छिपी होती हैं।

2. डेवलपर्स खुद को कैसे बचा सकते हैं?
डेवलपर्स को 'प्री-फ़ेच वेरिफिकेशन' और नियंत्रित निर्भरता प्रबंधन (governed dependency management) अपनाना चाहिए ताकि कोड निष्पादित होने से पहले उसकी सत्यता जांची जा सके।