एक छोटे से दो सदस्यीय स्टार्टअप ने माइक्रोवेव की उस कर्कश 'बीप' आवाज़ को बदलने का तरीका खोज लिया है, जिससे पूरी दुनिया परेशान है। बिना किसी नए हार्डवेयर के, केवल कोडिंग के माध्यम से वे इस अनुभव को सुखद बना सकते हैं।
मुख्य बातें
- स्टार्टअप 'Starling' ने माइक्रोवेव की कर्कश आवाज़ को बदलने के लिए नया समाधान निकाला है।
- इसके लिए किसी नए हार्डवेयर या महंगे स्पीकर की आवश्यकता नहीं है, केवल सॉफ्टवेयर अपडेट काफी है।
- साउंड डिज़ाइनर जोएल कोरलिट्ज़ और कोलिन कून ने मौजूदा 'पीजो बज़र' का उपयोग करके मधुर ध्वनियाँ बनाई हैं।
क्या आपने कभी महसूस किया है कि आपके माइक्रोवेव की वह तीखी 'बीप' आपके कानों में चुभती है? हम में से बहुत से लोग उस आवाज़ से बचने के लिए माइक्रोवेव के खत्म होने से ठीक एक सेकंड पहले ही दौड़कर उसके पास पहुँच जाते हैं। लेकिन अब, एक छोटे से दो लोगों के स्टार्टअप, Starling ने इस समस्या का एक क्रांतिकारी समाधान पेश किया है।
साउंड डिज़ाइनर जोएल कोरलिट्ज़ (Joel Corelitz) और कोलिन कून (Colin Coogan) ने यह साबित कर दिया है कि माइक्रोवेव निर्माताओं को अपनी लागत बढ़ाए बिना ग्राहकों के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए महंगे स्पीकर लगाने की ज़रूरत नहीं है। उन्होंने केवल मौजूदा माइक्रोप्रोसेसर और 'पीजोइलेक्ट्रिक बज़र' (piezoelectric buzzer) के कोड में बदलाव करके मधुर ध्वनियाँ, ट्रिल्स और वीडियो गेम जैसी सुखद आवाज़ें तैयार की हैं।
यह क्यों महत्वपूर्ण है?
BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स में 'यूजर एक्सपीरियंस' (UX) केवल दिखने में नहीं, बल्कि सुनने में भी होता है। वर्तमान में, अधिकांश निर्माता लागत बचाने के लिए सबसे सस्ते और कर्कश बज़र का उपयोग करते हैं। Starling का यह नवाचार दिखाता है कि कैसे मामूली सॉफ्टवेयर अपडेट एक साधारण उपकरण को प्रीमियम अनुभव में बदल सकता है।
'हम केवल कोडिंग के माध्यम से मौजूदा हार्डवेयर का उपयोग करके आवाज़ की गुणवत्ता बदल सकते हैं, जो इसे किसी भी माइक्रोवेव के लिए संगत बनाता है।'
कोरलिट्ज़ ने दिखाया कि कैसे वे 'फ्रीक्वेंसी स्वीप' का उपयोग करके आवाज़ को तेज़ या धीमा महसूस करा सकते हैं, जबकि वास्तव में हार्डवेयर वही रहता है। यहाँ तक कि उन्होंने स्मार्टफोन की तरह सॉफ्ट 'क्लिक' साउंड भी तैयार की है, जो मेनू नेविगेट करते समय बहुत सुखद लगती है।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
माइक्रोवेव में उपयोग होने वाले 'पीजो बज़र' 1970 के दशक में जापानी निर्माताओं द्वारा व्यापक रूप से पेश किए गए थे। अपनी कम लागत के कारण, ये खिलौनों से लेकर धुंआ डिटेक्टरों तक हर जगह पहुँच गए, लेकिन इनकी आवाज़ हमेशा से ही नीरस और कष्टप्रद रही है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. क्या इसके लिए मुझे नया माइक्रोवेव खरीदना होगा?
नहीं, यदि निर्माता उनके कोड को अपडेट करने के लिए तैयार हैं, तो यह मौजूदा हार्डवेयर पर काम कर सकता है।
2. क्या यह तकनीक महंगी है?
बिल्कुल नहीं, क्योंकि यह केवल सॉफ्टवेयर आधारित है और इसमें किसी नए हार्डवेयर की आवश्यकता नहीं है।