एक भारतीय AI इंजीनियर को अमेरिका में अपनी ड्रीम जॉब से हाथ धोना पड़ा क्योंकि उसकी कंपनी ने पूरा प्रोजेक्ट ही भारत शिफ्ट कर दिया। 60 दिनों की समय सीमा के भीतर नई नौकरी न मिल पाने के कारण अब उसे वापस भारत लौटना पड़ रहा है।

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मुख्य बातें

  • अमेरिकी कंपनी ने अपना AI प्रोजेक्ट अमेरिका से भारत शिफ्ट किया।
  • H-1B वीजा धारक को नई नौकरी खोजने के लिए केवल 60 दिनों का समय मिला।
  • इंजीनियर ने कंपनी के ऑफर के बजाय 'सेवरेंस पैकेज' (Severance Package) को चुना।
  • 2026 में वैश्विक टेक क्षेत्र में 1,20,000 से अधिक छंटनी की घटनाएं हुई हैं।

एक बेहद विडंबनापूर्ण स्थिति में, एक भारतीय AI इंजीनियर को अमेरिका में छह साल बिताने और फॉर्च्यून 500 कंपनी में नौकरी पाने के बाद भी वापस भारत लौटने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। यह घटना तब हुई जब उसकी कंपनी ने अपने पूरे AI प्रोजेक्ट को अमेरिका से भारत स्थानांतरित करने का निर्णय लिया।

Reddit के r/developersIndia सबरेडिट पर साझा की गई एक पोस्ट में, इंजीनियर ने खुलासा किया कि 60 दिनों की कानूनी 'ग्रेस पीरियड' के भीतर कोई नया नियोक्ता न मिल पाने के कारण उसका H-1B वीजा उसे बचाने में विफल रहा। विडंबना यह है कि जिस प्रोजेक्ट की वजह से उसे निकाला गया, उसे अब भारत में स्थित टीम द्वारा संभाला जाएगा।

यह क्यों महत्वपूर्ण है?

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह मामला केवल एक व्यक्ति की कहानी नहीं है, बल्कि यह वैश्विक टेक परिदृश्य में आ रहे बड़े बदलाव का संकेत है। कंपनियां अब लागत कम करने और AI विकास के लिए भारत जैसे देशों में अपनी तकनीकी बुनियादी संरचना का विस्तार कर रही हैं, जिससे अमेरिका में कार्यरत कुशल पेशेवरों के लिए अनिश्चितता बढ़ गई है।

H-1B वीजा पर निर्भरता और प्रोजेक्ट का भौगोलिक स्थानांतरण, भारतीय पेशेवरों के लिए एक नया जोखिम पैदा कर रहा है।

इंजीनियर ने बताया कि कंपनी ने उसे या तो भारत में काम करने का विकल्प दिया या फिर सेSeverance Package (छंटनी पैकेज) दिया। उसने डॉलर में मिलने वाले नकद पैकेज को प्राथमिकता दी। यह निर्णय दिखाता है कि अनिश्चित भविष्य के बीच वित्तीय सुरक्षा कितनी महत्वपूर्ण हो जाती है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

H-1B वीजा कार्यक्रम को विशेष रूप से उन पेशेवरों के लिए बनाया गया था जिनके पास विशेष कौशल है। हालांकि, अमेरिकी नियमों के अनुसार, नौकरी जाने के बाद कर्मचारी के पास नया स्पॉन्सर खोजने के लिए केवल 60 दिन होते हैं, अन्यथा उन्हें देश छोड़ना पड़ता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

1. H-1B वीजा धारक को नौकरी जाने के बाद कितना समय मिलता है?
आमतौर पर, उन्हें नया स्पॉन्सर खोजने के लिए 60 दिनों का ग्रेस पीरियड मिलता है।

2. क्या कंपनियां प्रोजेक्ट को भारत शिफ्ट कर रही हैं?
हाँ, लागत कम करने और AI क्षमता बढ़ाने के लिए कई बड़ी टेक कंपनियां अपने प्रोजेक्ट्स को भारत स्थानांतरित कर रही हैं।

क्या आप जानते हैं?: 2026 में अब तक वैश्विक स्तर पर 1.2 लाख से अधिक टेक कर्मचारियों की छंटनी हो चुकी है।