केरल विधानसभा चुनावों के दौरान सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बने 'चुवरबॉट 2.0' को केरल स्टार्टअप मिशन से ₹12 लाख का ग्रांट मिला है। यह रोबोटिक तकनीक अब दीवारों पर विज्ञापन और कलाकारी के तरीके को बदल देगी।

मुख्य बातें

  • चुवरबॉट 2.0 को उत्पाद निर्माण के लिए ₹12 लाख का अनुदान मिला है।
  • यह एक CNC-आधारित रोबोटिक मशीन है जो दीवारों पर ग्राफिटी पेंटिंग करती है।
  • इसका लक्ष्य 2026 के अंत तक बाजार में उतरना है।
  • यह तकनीक राजनीतिक अभियानों के साथ-साथ ब्रांड विज्ञापनों के लिए भी उपयोगी है।

केरल के स्टार्टअप इकोसिस्टम में एक नई क्रांति आ रही है। Tevanova Techtrade Private Limited द्वारा विकसित Chuvarbot 2.0, जिसने 2026 के केरल विधानसभा चुनावों के दौरान अपनी अनूठी कार्यशैली से सबका ध्यान खींचा था, अब आधिकारिक रूप से विकास के अगले चरण में प्रवेश कर गया है। केरल स्टार्टअप मिशन (KSM) ने इस नवाचार को बढ़ावा देने के लिए ₹12 लाख का उत्पाद निर्माण अनुदान (Productisation Grant) प्रदान किया है।

चुवरबॉट (Chuvarbot) का नाम मलयालम शब्द 'चुवर' (दीवार) और 'रोबोट' का मिश्रण है। यह एक CNC-आधारित मशीन है जो X, Y और Z अक्षों का उपयोग करके दीवारों की अनियमितताओं के अनुसार खुद को ढाल लेती है। यह मशीन स्प्रे पेंट का उपयोग करती है, जिससे यह विभिन्न प्रकार की सतहों पर बहुत तेजी से काम कर सकती है। एक तीन मीटर लंबी दीवार को यह मात्र 10 से 15 मिनट में पूरा कर सकती है।

यह क्यों महत्वपूर्ण है?

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह तकनीक न केवल विज्ञापन के क्षेत्र में बल्कि पारंपरिक कला को बचाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। वर्तमान में, शारीरिक श्रम और कौशल की कमी के कारण ग्राफिटी कलाकार कम हो रहे हैं। चुवरबॉट कलाकारों को प्रतिस्थापित करने के बजाय उन्हें एक शक्तिशाली उपकरण प्रदान करता है, जिससे उनकी उत्पादकता बढ़ती है।

"हम रोबोटिक्स को एकीकृत करके इस कला रूप को संरक्षित करने की कोशिश कर रहे हैं। यह कलाकारों को बदलने के लिए नहीं, बल्कि उन्हें अधिक सक्षम बनाने के लिए है।" - शक्कीब गीतंजली, CEO

इस तकनीक का बाजार केवल राजनीतिक दलों तक सीमित नहीं है। इसमें सीमेंट, स्टील, कपड़ा और ज्वेलरी जैसे बड़े ब्रांड शामिल हैं जो दीवारों पर लंबे समय तक टिकने वाले और पर्यावरण के अनुकूल विज्ञापनों की तलाश में हैं। कंपनी भविष्य में एक 'वॉल रेंटल ऐप' भी लॉन्च करने की योजना बना रही है, जहाँ लोग अपनी दीवारों को विज्ञापनों के लिए किराए पर दे सकेंगे।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

भारत में दीवारों पर विज्ञापन की परंपरा दशकों पुरानी है, लेकिन पारंपरिक रूप से यह हाथ से की जाने वाली पेंटिंग पर निर्भर थी। तकनीक के आगमन के साथ, अब डिजिटल और रोबोटिक समाधानों की ओर बदलाव देखा जा रहा है, जो सटीकता और गति सुनिश्चित करते हैं।

क्या आप जानते हैं?: चुवरबॉट का उपयोग करके एक कलाकार पारंपरिक तरीकों की तुलना में कई गुना तेजी से और कम लागत में जटिल ग्राफिटी बना सकता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. चुवरबॉट 2.0 क्या है?
यह एक उन्नत रोबोटिक मशीन है जो दीवारों पर सटीक और सुंदर ग्राफिटी पेंटिंग करने के लिए डिज़ाइन की गई है।

2. यह कब तक बाजार में उपलब्ध होगा?
कंपनी की योजना 2026 के अंत तक इसे फ्रैंचाइजी मॉडल के साथ लॉन्च करने की है।