इलेक्ट्रॉनिक फ्रंटियर फाउंडेशन (EFF) की एक नई रिपोर्ट ने खुलासा किया है कि कई एंड्रॉइड ऐप्स अनजाने में उपयोगकर्ताओं के सटीक स्थान डेटा को विज्ञापनदाताओं और डेटा ब्रोकर्स के साथ साझा कर रहे हैं।
मुख्य बातें
- ऐप डेवलपर्स के पास मौजूद थर्ड-पार्टी कोड (SDKs) अनजाने में लोकेशन डेटा इकट्ठा कर रहे हैं।
- उपयोगकर्ता द्वारा ऐप को दी गई लोकेशन की अनुमति स्वतः ही विज्ञापनदाताओं को भी मिल जाती है।
- यह डेटा ब्रोकर्स द्वारा सरकारों और खुफिया एजेंसियों को बेचा जा सकता है।
- EFF ने डेवलपर्स से अनावश्यक डेटा संग्रह को तुरंत बंद करने का आग्रह किया है।
आज के डिजिटल युग में, मौसम या फिटनेस ऐप के लिए आपकी लोकेशन जानना आवश्यक हो सकता है। हालांकि, एक गंभीर सुरक्षा जोखिम सामने आया है। इलेक्ट्रॉनिक फ्रंटियर फाउंडेशन (EFF) की हालिया जांच में पाया गया है कि कई एंड्रॉइड ऐप डेवलपर्स को पता भी नहीं है कि उनके ऐप्स में मौजूद थर्ड-पार्टी कोड (SDKs) उपयोगकर्ताओं के संवेदनशील स्थान डेटा को विज्ञापनदाताओं के साथ साझा कर रहे हैं।
समस्या की जड़ 'सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट किट्स' (SDKs) में है। जब कोई उपयोगकर्ता किसी ऐप को अपनी लोकेशन एक्सेस करने की अनुमति देता है, तो वह अनुमति उस ऐप के भीतर मौजूद सभी SDKs को भी मिल जाती है। यदि डेवलपर ने सक्रिय रूप से इस डेटा संग्रह को बंद नहीं किया है, तो ये कोड चुपचाप उपयोगकर्ता की सटीक स्थिति को डेटा ब्रोकर्स तक पहुंचा देते हैं।
यह क्यों मायने रखता है
BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, यह केवल गोपनीयता का मामला नहीं है, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा का भी है। विज्ञापन SDKs का उपयोग ऐप्स से कमाई करने के लिए किया जाता है, लेकिन इसके बदले में उपयोगकर्ताओं का लोकेशन इतिहास डेटा ब्रोकर्स के पास चला जाता है। ये ब्रोकर्स इस जानकारी को सैन्य बलों, सरकारों और यहाँ तक कि FBI जैसी खुफिया एजेंसियों को भी बेच सकते हैं।
"ऐप-स्तरीय लोकेशन अनुमतियां केवल तीसरे पक्ष के विज्ञापन SDKs द्वारा डेटा संग्रह और साझाकरण के लिए सार्थक सहमति का संकेत नहीं दे सकती हैं।" - EFF रिपोर्ट।
EFF की जांच में ऐसे दो एंड्रॉइड ऐप्स भी मिले जिन्हें मिलाकर 60 मिलियन बार डाउनलोड किया जा चुका है, और वे चुपचाप लोकेशन डेटा साझा कर रहे थे। EFF के वरिष्ठ तकनीशियन बिल बुडिंगटन ने बताया कि हालांकि ये विशिष्ट SDKs विज्ञापन पारिस्थितिकी तंत्र का एक छोटा हिस्सा हैं, लेकिन वे हजारों ऐप्स के माध्यम से अरबों उपयोगकर्ताओं तक पहुँचते हैं।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
पिछले कुछ वर्षों में, डेटा ब्रोकिंग उद्योग एक विशाल वैश्विक बाजार बन गया है। पहले यह केवल मार्केटिंग तक सीमित था, लेकिन अब यह डेटा 'डिजिटल सोने' के रूप में उपयोग किया जाता है, जिससे व्यक्तिगत सुरक्षा और निगरानी के जोखिम काफी बढ़ गए हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न 1: क्या मैं अपने फोन पर लोकेशन बंद करके सुरक्षित रह सकता हूँ?
उत्तर: हाँ, लेकिन यदि आपने किसी ऐप को अनुमति दी है, तो उसके अंदर के SDKs भी डेटा ले सकते हैं। ऐप्स की अनुमतियों की नियमित जांच करें।
प्रश्न 2: क्या डेवलपर्स जानबूझकर ऐसा करते हैं?
उत्तर: रिपोर्ट के अनुसार, अधिकांश डेवलपर्स अनजाने में ऐसा करते हैं क्योंकि वे थर्ड-पार्टी कोड के व्यवहार से पूरी तरह अवगत नहीं होते हैं।