व्हाट्सएप भारत में नए डेटा सुरक्षा कानूनों के अनुपालन के लिए आयु सत्यापन की सुविधा का परीक्षण कर रहा है। यह कदम बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा और DPDP अधिनियम को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है।
मुख्य बातें
- व्हाट्सएप भारत में आयु सत्यापन (Age Verification) का विकल्प टेस्ट कर रहा है।
- यह प्रक्रिया पूरी तरह से वैकल्पिक है और इससे यूजर अनुभव नहीं बदलेगा।
- यह कदम डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण (DPDP) अधिनियम के अनुपालन के लिए है।
- बच्चों के डेटा की सुरक्षा के लिए सख्त नियम लागू होने वाले हैं।
मेटा के स्वामित्व वाला लोकप्रिय मैसेजिंग प्लेटफॉर्म WhatsApp, भारत में अपने उपयोगकर्ताओं के लिए आयु सत्यापन (Age Verification) के नए विकल्पों का परीक्षण कर रहा है। यह कदम नए कानूनी आवश्यकताओं, विशेष रूप से डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण (DPDP) अधिनियम के तहत बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा और डेटा सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
हाल ही में, उपयोगकर्ताओं ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर ऐसे स्क्रीनशॉट साझा किए हैं जिनमें व्हाट्सएप की ओर से जन्मतिथि दर्ज करने का प्रॉम्प्ट दिखाई दे रहा है। इस प्रॉम्प्ट में स्पष्ट रूप से लिखा है: "भारत में आगामी कानून हमें आपकी आयु पूछने के लिए बाध्य करते हैं"। व्हाट्सएप के प्रवक्ता ने स्पष्ट किया है कि यह परीक्षण गोपनीयता को ध्यान में रखकर किया जा रहा है और यह उपयोगकर्ताओं के मौजूदा अनुभव को प्रभावित नहीं करेगा।
यह क्यों महत्वपूर्ण है?
BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, यह बदलाव भारत में डेटा गोपनीयता के बदलते परिदृश्य को दर्शाता है। DPDP अधिनियम के तहत, 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों के डेटा को संसाधित करने के लिए माता-पिता या कानूनी अभिभावक की सत्यापन योग्य सहमति अनिवार्य होगी। व्हाट्सएप द्वारा अभी से परीक्षण शुरू करना यह संकेत देता है कि कंपनी 2027 तक लागू होने वाले सख्त नियमों के लिए खुद को तैयार कर रही है।
यह परीक्षण दर्शाता है कि टेक दिग्गज अब भारत के सख्त डेटा सुरक्षा कानूनों के साथ तालमेल बिठाने के लिए सक्रिय रूप से तैयारी कर रहे हैं।
इसके अतिरिक्त, व्हाट्सएप एक अन्य विवाद में भी फंसा हुआ है। कंपनी द्वारा प्रस्तावित 'यूजरनेम' फीचर, जो फोन नंबर छिपाने की सुविधा देता है, पर सरकार ने चिंता जताई है। आईटी मंत्रालय का मानना है कि इससे धोखाधड़ी और डिजिटल अरेस्ट जैसे स्कैम बढ़ सकते हैं।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि: भारत का डेटा कानून
भारत सरकार ने हाल ही में DPDP अधिनियम पारित किया है, जिसका उद्देश्य नागरिकों के व्यक्तिगत डेटा की सुरक्षा करना है। इस कानून के तहत, कंपनियों को बच्चों के व्यवहार की निगरानी करने या उन्हें लक्षित विज्ञापन दिखाने से प्रतिबंधित किया गया है। उल्लंघन करने पर कंपनियों पर भारी जुर्माना लगाया जा सकता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
1. क्या व्हाट्सएप का उपयोग जारी रखने के लिए आयु बताना अनिवार्य है?
नहीं, कंपनी के अनुसार यह परीक्षण वैकल्पिक है। आप बिना आयु पुष्टि किए भी व्हाट्सएप का उपयोग जारी रख सकते हैं।
2. क्या मेरी जन्मतिथि निजी रहेगी?
हाँ, व्हाट्सएप ने आश्वासन दिया है कि आपकी आयु से संबंधित जानकारी पूरी तरह से निजी रखी जाएगी।