कोस्टा रिका के जंगलों में वैज्ञानिकों ने 'CapuchinAI' नामक एक उन्नत एआई सिस्टम तैनात किया है, जो जंगली बंदरों की संज्ञानात्मक क्षमताओं का अध्ययन करने में मदद कर रहा है। यह तकनीक जानवरों की बुद्धिमत्ता को समझने के तरीके को पूरी तरह बदल सकती है।

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मुख्य बातें

  • वैज्ञानिकों ने कोस्टा रिका के जंगलों में 'CapuchinAI' नामक एक एआई-संचालित कंप्यूटर सिस्टम स्थापित किया है।
  • यह सिस्टम चेहरे की पहचान (facial recognition) तकनीक का उपयोग करके सफेद चेहरे वाले कैपचिन बंदरों की पहचान करता है।
  • बंदरों ने स्क्रीन के साथ इंटरैक्ट करना और पुरस्कार के रूप में केला प्राप्त करना सीख लिया है।
  • यह तकनीक भविष्य में अन्य जटिल प्राइमेट्स के व्यवहार को समझने में क्रांतिकारी साबित हो सकती है।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की लहर अब केवल इंसानों तक सीमित नहीं है। वैज्ञानिकों ने एक अभूतपूर्व प्रयोग करते हुए कोस्टा रिका के Taboga Forest Reserve में जंगली बंदरों के लिए एक एआई कंप्यूटर सिस्टम पेश किया है। Emory University और Georgia Institute of Technology के शोधकर्ताओं द्वारा विकसित इस सिस्टम का नाम 'CapuchinAI' रखा गया है।

यह कोई साधारण कंप्यूटर नहीं है। इसे एक मौसमरोधी और वन्यजीव-सुरक्षित बॉक्स में फिट किया गया है, जिसे शोधकर्ताओं ने स्थानीय स्टोर से खरीदे गए हिस्सों का उपयोग करके खुद बनाया है। जैसे ही कोई सफेद चेहरे वाला कैपचिन बंदर (Cebus imitator) सिस्टम के पास आता है, इसका फेसियल रिकग्निशन सॉफ्टवेयर उसे पहचान लेता है और स्क्रीन चमकने लगती है।

यह क्यों महत्वपूर्ण है?

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह प्रयोग केवल मनोरंजन के लिए नहीं है, बल्कि यह प्राइमेटोलॉजी (Primatology) के क्षेत्र में एक बड़ी छलांग है। पारंपरिक रूप से, जंगली जानवरों पर संज्ञानात्मक परीक्षण करने के लिए भारी-भरकम उपकरणों की आवश्यकता होती थी। लेकिन CapuchinAI के साथ, शोधकर्ता केवल एक नया कोड लिखकर तुरंत नए परीक्षण लागू कर सकते हैं।

"कैपचिन बंदर स्वाभाविक रूप से बहुत जिज्ञासु होते हैं। जब वे कुछ नया देखते हैं, तो वे तुरंत उसके पास पहुँच जाते हैं," शोधकर्ता Federico Sánchez Vargas ने बताया।

प्रयोग के दौरान, बंदरों ने पाया कि स्क्रीन को एक विशेष तरीके से छूने (जैसे अपने होंठों से स्पर्श करना) पर उन्हें इनाम के रूप में केले का टुकड़ा मिलता है। आश्चर्यजनक रूप से, 10 में से 8 बंदरों ने बहुत जल्दी इस कार्य को समझ लिया और इनाम की प्रत्याशा में व्यवहार करने लगे।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

यह अध्ययन प्रसिद्ध प्राइमेटोलॉजिस्ट Frans de Waal के कार्यों से प्रेरित है, जिन्होंने जानवरों की बुद्धिमत्ता, सहानुभूति और नैतिकता के बारे में हमारी समझ को बदल दिया था। CapuchinAI उसी विरासत को आगे बढ़ाते हुए जानवरों के प्राकृतिक आवास में बिना किसी बाधा के डेटा एकत्र करने का लक्ष्य रखता है।

क्या आप जानते हैं?: कैपचिन बंदरों की याददाश्त और समस्या सुलझाने की क्षमता उन्हें अन्य कई प्रजातियों की तुलना में अधिक बुद्धिमान बनाती है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. CapuchinAI क्या है?
यह एक एआई-आधारित कंप्यूटर सिस्टम है जिसे जंगली बंदरों की संज्ञानात्मक क्षमताओं और व्यवहार का अध्ययन करने के लिए बनाया गया है।

2. क्या यह तकनीक अन्य जानवरों पर भी लागू हो सकती है?
हाँ, शोधकर्ताओं का मानना है कि इस प्रणाली को अन्य प्राइमेट्स और प्रजातियों के लिए भी अनुकूलित किया जा सकता है।