गूगल के सुरक्षा शोधकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि हैकर अमेरिकी वित्तीय फर्मों के कर्मचारियों को फोन कॉल (vishing) के जरिए निशाना बना रहे हैं ताकि संवेदनशील डेटा चोरी कर फिरौती वसूली जा सके।
मुख्य बातें
- हैकर्स 'vishing' (वॉयस फिशिंग) तकनीक का उपयोग कर रहे हैं।
- प्रमुख अमेरिकी निजी इक्विटी फर्मों को निशाना बनाया जा रहा है।
- हैकर्स डेटा लीक करने की धमकी देकर करोड़ों की फिरौती मांग रहे हैं।
- गूगल ने इन समूहों को Falcon, Helix, Pink और Redact नाम दिया है।
आधुनिक एआई-संचालित साइबर हमलों के युग में भी, हैकर्स पुराने और आजमाए हुए तरीकों का उपयोग कर रहे हैं। गूगल के सुरक्षा शोधकर्ताओं ने गुरुवार को एक रिपोर्ट में खुलासा किया कि अज्ञात हैकिंग समूह संयुक्त राज्य अमेरिका की बड़ी वित्तीय और निवेश फर्मों में सेंध लगा रहे हैं। इनका मुख्य उद्देश्य संवेदनशील डेटा चुराना और उसे सार्वजनिक करने की धमकी देकर पीड़ितों से भारी फिरौती वसूलना है।
हालांकि गूगल ने पीड़ितों के नाम उजागर नहीं किए हैं, लेकिन रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, प्रभावित होने वाली कंपनियों में अपोलो ग्लोबल मैनेजमेंट, बेन कैपिटल, ब्लैकस्टोन, ब्रिजवाटर एसोसिएट्स, सीएमई ग्रुप, केकेआर, मूडीज़ और टीपीजी जैसी दिग्गज निजी इक्विटी फर्में शामिल हैं।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह हमला केवल डेटा चोरी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह कॉर्पोरेट गोपनीयता पर सीधा प्रहार है। हैकर्स कर्मचारियों के व्यक्तिगत सेलफोन पर कॉल करते हैं और खुद को सहकर्मी या आईटी हेल्पडेस्क कर्मचारी बताकर उन्हें धोखा देते हैं। इस प्रक्रिया में, वे कर्मचारियों को नकली वेबसाइटों पर अपनी क्रेडेंशियल्स और मल्टी-फैक्टर प्रमाणीकरण (MFA) कोड दर्ज करने के लिए प्रेरित करते हैं।
'यह हमला दर्शाता है कि तकनीक कितनी भी उन्नत क्यों न हो जाए, मानवीय भूल ही साइबर अपराधियों का सबसे बड़ा हथियार बनी रहेगी।'
गूगल ने इन समूहों को Falcon, Helix, Pink, और Redact के रूप में पहचाना है। शोधकर्ताओं का मानना है कि ये सभी समूह एक बड़े नेटवर्क UNC6671 का हिस्सा हो सकते हैं। हैकर्स अक्सर अपनी वेबसाइटों पर चोरी किए गए डेटा का प्रचार करते हैं ताकि पीड़ितों पर दबाव बनाया जा सके।
ऐतिहासिक संदर्भ
साइबर अपराध के इतिहास में, 'सोशल इंजीनियरिंग' हमेशा से सबसे प्रभावी रहा है। पहले यह केवल ईमेल (Phishing) तक सीमित था, लेकिन अब यह सीधे वॉयस कॉल (Vishing) में बदल गया है, जिससे हमलावरों के लिए विश्वास बनाना आसान हो जाता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. 'विशिंग' (Vishing) क्या है?
यह वॉयस फिशिंग का संक्षिप्त रूप है, जहाँ हैकर्स फोन कॉल के जरिए लोगों को धोखा देकर उनकी गोपनीय जानकारी चुराते हैं।
2. हैकर्स कितनी फिरौती मांगते हैं?
रिपोर्ट के अनुसार, हैकर्स आमतौर पर पीड़ितों से $750,000 से $3 मिलियन (लगभग 6 से 25 करोड़ रुपये) तक की मांग करते हैं।