स्वदेश फाउंडेशन के सीईओ मंगेश वांगे ने बताया कि कैसे तकनीक दूरदराज के गांवों में गरीबी मिटाने और विकास लाने के लिए एक शक्तिशाली उपकरण बन सकती है। डिजिटल समाधानों के माध्यम से 1,000 से अधिक गांवों में बड़े पैमाने पर बदलाव लाया जा रहा है।

मुख्य बातें

  • स्वदेश फाउंडेशन महाराष्ट्र के 1,000 से अधिक गांवों में स्वास्थ्य, शिक्षा और जल जैसे क्षेत्रों में काम कर रहा है।
  • तकनीक का उपयोग डेटा प्रबंधन, ग्राम विकास योजना और समुदाय की जरूरतों को ट्रैक करने के लिए किया जा रहा है।
  • डिजिटल माध्यमों से सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने और करोड़ों रुपये की फंडिंग जुटाने में मदद मिली है।

स्वदेश फाउंडेशन के सीईओ मंगेश वांगे ने हाल ही में एक साक्षात्कार में साझा किया कि कैसे तकनीक दूरदराज के क्षेत्रों में सामाजिक प्रभाव पैदा करने के लिए अनिवार्य है। फाउंडेशन, जिसकी स्थापना ज़रीना और रोनी स्क्रूवाला ने की थी, का लक्ष्य हर पांच साल में दस लाख लोगों को गरीबी से बाहर निकालना है।

मंगेश वांगे के अनुसार, तकनीक का उपयोग केवल आंतरिक कार्यों के लिए नहीं, बल्कि समुदायों को सशक्त बनाने के लिए भी किया जा रहा है। पहले जहाँ सारा डेटा कागज-पेन पर दर्ज किया जाता था, जिससे देरी और गलतियां होती थीं, वहीं अब डिजिटल उपकरणों ने इस प्रक्रिया को सुव्यवस्थित कर दिया है।

तकनीक कैसे बदल रही है ग्रामीण जीवन

स्वदेश फाउंडेशन ने अपना स्वयं का मोबाइल ऐप विकसित किया है, जिसका उपयोग अब समुदाय के सदस्य भी कर रहे हैं। यह ऐप घर-घर की जनगणना, किसानों की जरूरतों, शिक्षा के स्तर और स्वच्छता संबंधी कमियों को दर्ज करने में मदद करता है। 1,237 गांवों में सक्रिय यह प्लेटफॉर्म वास्तविक समय में डेटा प्रदान करता है, जिससे विकास योजनाओं को सटीक बनाया जा सकता है।

BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, तकनीक का यह एकीकरण न केवल पारदर्शिता लाता है, बल्कि संसाधनों के वितरण में होने वाली देरी को भी समाप्त करता है। जब कोई गांव पशुपालन या कृषि उपकरणों की मांग करता है, तो ऐप के माध्यम से प्रशिक्षण से लेकर वितरण तक की पूरी प्रक्रिया को ट्रैक किया जाता है।

"तकनीक का असली उद्देश्य दूरदराज के क्षेत्रों में पहुंच बनाना और वहां के लोगों को सशक्त बनाना है ताकि वे स्वयं अपने विकास का नेतृत्व कर सकें।"

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

स्वदेश फाउंडेशन की शुरुआत 2012 में 'SHARE' नामक संगठन के रूप में हुई थी, जो मुख्य रूप से जल संकट और बालिका शिक्षा पर केंद्रित था। अनुभव और सीख के आधार पर, इसे एक व्यापक मिशन में बदल दिया गया जो अब महाराष्ट्र के पांच प्रमुख जिलों (रायगढ़, नासिक, पालघर, ठाणे और नंदुरबार) में सक्रिय है।

क्या आप जानते हैं?: स्वदेश फाउंडेशन ने पिछले वर्ष समुदायों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने में लगभग 150 करोड़ रुपये की सरकारी फंडिंग प्राप्त करने में मदद की है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. स्वदेश फाउंडेशन किन क्षेत्रों में कार्य करता है?
यह मुख्य रूप से पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा, स्वच्छता और आजीविका के क्षेत्रों में काम करता है।

2. स्वदेश ऐप का मुख्य लाभ क्या है?
यह समुदायों को अपनी मांगें दर्ज करने और विकास कार्यों की प्रगति को डिजिटल रूप से ट्रैक करने की सुविधा देता है।