भारत की सरकार ने मेटा को बाल यौन शोषण सामग्री (CSAM) और डीपफ़ेक वीडियो को रोकने के लिए भारतीय नियमों के अनुरूप सख्त उपाय अपनाने का आग्रह किया। तीन चरणीय वार्ता के बाद और एक सत्र अगले हफ्ते तय है।

मुख्य बिंदु

  • मेटा को भारतीय कानूनों के अनुरूप सामग्री मॉडरेशन करना होगा।
  • CSAM और डीपफ़ेकों के लिए मानव‑निगरानी अनिवार्य की गई।
  • स्थानीय भाषा और सांस्कृतिक समझ को मॉडरेशन में शामिल करने की मांग।

सरकार‑मेटा वार्ता की वर्तमान स्थिति

नई दिल्ली – केंद्र सरकार ने मेटा को भारतीय कानूनों का पालन करने और प्लेटफ़ॉर्म पर बाल यौन शोषण सामग्री (CSAM) तथा डीपफ़ेक वीडियो को हटाने के लिए ठोस कदम उठाने का अनुरोध किया। वार्ता अब तक तीन दौर पूरी कर चुकी है और अगले हफ्ते एक और सत्र होने की संभावना है।

शून्य सहिष्णुता नीति

सरकार ने CSAM के खिलाफ शून्य सहिष्णुता नीति दोहराई है। अधिकारियों ने कहा कि ऐसी सामग्री को मेटा के प्लेटफ़ॉर्म पर रहने नहीं दिया जाएगा और पहचान, हटाने तथा रोकथाम के लिए सक्रिय तंत्र चाहिए।

डीपफ़ेक मामलों में मानव निगरानी

डीपफ़ेक का पता लगाने के लिए पूरी तरह स्वचालित प्रणाली पर भरोसा नहीं किया जा रहा। विशेष रूप से संवेदनशील मामलों में "ह्यूमन‑इन‑द‑लूप" की आवश्यकता पर ज़ोर दिया गया है, जिससे गलत फ़्लैगिंग से बचा जा सके।

पुनरावृत्ति रोकने के उपाय

मेटा से यह भी पूछा गया कि एक बार हटाई गई डीपफ़ेक सामग्री फिर से प्लेटफ़ॉर्म पर क्यों नहीं आती। अधिकारियों ने एल्गोरिदमिक सिफ़ारिशों और पुनः अपलोड को रोकने के स्पष्ट तंत्र की मांग की।

स्थानीय भाषा एवं सांस्कृतिक समझ

भारत की बहुभाषी और विविध संस्कृति को ध्यान में रखते हुए, मॉडरेशन सिस्टम को भारतीय भाषाओं और संवेदनशीलताओं को समझना आवश्यक है। विदेशियों द्वारा विकसित मॉडरेशन फ्रेमवर्क अक्सर इन पहलुओं को पर्याप्त रूप से नहीं पकड़ पाते।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that stricter Indian‑centric moderation could set a global precedent, compelling other tech giants to align their policies with local laws, thereby enhancing user safety worldwide.

"Effective human oversight combined with AI can drastically reduce the spread of harmful synthetic media," says Dr. Ananya Rao, cybersecurity expert.
क्या आप जानते हैं?: 2022 में भारत ने पहली बार एक डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म को CSAM सामग्री हटाने में विफल रहने पर भारी जुर्माना लगाया था।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: मेटा को किन भारतीय नियमों का पालन करना होगा?

उत्तर: कंपनी को सूचना प्रौद्योगिकी (सूचना) अधिनियम, 2000 और व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम, 2023 सहित सभी लागू कानूनों का पालन करना होगा।

प्रश्न 2: डीपफ़ेक पहचान में मानव‑निगरानी का क्या महत्व है?

उत्तर: मानव‑निगरानी गलत पहचान को कम करती है और संवेदनशील मामलों में नैतिक निर्णय सुनिश्चित करती है।