एमआईटी बेंगलुरु और आईबीएम ने मिलकर एक उन्नत एआई लैब की शुरुआत की है, जो छात्रों और शोधकर्ताओं को हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग और अत्याधुनिक एआई संसाधन प्रदान करेगी। यह लैब भारत में एआई कौशल के लोकतंत्रीकरण और नवाचार को गति देने के लिए एक प्रमुख केंद्र बनेगी।

मुख्य बातें

  • एमआईटी बेंगलुरु और आईबीएम ने मिलकर एक अत्याधुनिक एआई लैब की स्थापना की है।
  • लैब में हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग (HPC) और उन्नत GPU-सक्षम बुनियादी ढांचा उपलब्ध होगा।
  • यह लैब मशीन लर्निंग, जनरेटिव एआई और साइबर सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में शोध को बढ़ावा देगी।
  • IBM SkillsBuild के माध्यम से मुफ्त तकनीकी शिक्षा और कार्यशालाएं प्रदान की जाएंगी।

बेंगलुरु: मणिपाल एकेडमी ऑफ हायर एजुकेशन (MAHE) की इकाई, एमआईटी बेंगलुरु ने आईबीएम (IBM) के साथ साझेदारी में अपने बेंगलुरु परिसर में एक अत्याधुनिक 'IBM-MIT AI Lab' का उद्घाटन किया है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में नए कौशल को तेजी से विकसित करना और इसे छात्रों के लिए सुलभ बनाना है।

यह लैब एक हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग (HPC) सुविधा से लैस है, जिसे विशेष रूप से छात्रों और शोधकर्ताओं के लिए एआई तक पहुंच को लोकतांत्रिक बनाने के लिए डिज़ाइन किया गया है। उन्नत GPU-सक्षम कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के माध्यम से, यह लैब मशीन लर्निंग, डीप लर्निंग, जनरेटिव एआई, कंप्यूटर विजन, नेचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग (NLP), साइबर सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवा और डेटा एनालिटिक्स जैसे क्षेत्रों में अत्याधुनिक शोध का समर्थन करेगी। यह सुविधा एक साथ 30 हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग वर्कलोड को संभालने में सक्षम है।

यह क्यों महत्वपूर्ण है?

BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, भारत में एआई प्रतिभा की भारी मांग है, लेकिन उच्च-स्तरीय कंप्यूटिंग संसाधनों तक पहुंच अक्सर सीमित होती है। यह लैब इस अंतर को पाटती है। यह न केवल अनुसंधान को सक्षम बनाती है, बल्कि शिक्षा और उद्योग के बीच एक सेतु के रूप में भी कार्य करती है। यह उद्योग-प्रायोजित परियोजनाओं, स्टार्टअप इनक्यूबेशन और हैकथॉन के लिए एक सहयोगी केंद्र के रूप में विकसित होगी।

"एआई सभी के लिए एक सक्षम कारक बनना चाहिए, न कि केवल कुछ विशेषाधिकार प्राप्त लोगों के लिए।" - डॉ. वीरराघवन, प्रो वाइस-चांसलर, MAHE बेंगलुरु

इस लैब का उद्घाटन MAHE बेंगलुरु के प्रो वाइस-चांसलर मधु वीरराघवन और IBM इंडिया और दक्षिण एशिया की मानव संसाधन उपाध्यक्ष निशा गोपीनाथ द्वारा किया गया। कर्नाटक सरकार के आईटी और बीटी मंत्री प्रियांक खड़गे ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह लैब सामाजिक चुनौतियों का समाधान करने के लिए एआई-संचालित समाधान विकसित करने में छात्रों को सशक्त बनाएगी।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

भारत पिछले कुछ वर्षों में वैश्विक डिजिटल अर्थव्यवस्था में एक महाशक्ति के रूप में उभरा है। बेंगलुरु, जिसे भारत की सिलिकॉन वैली कहा जाता है, इस परिवर्तन का केंद्र है। शैक्षणिक संस्थानों और वैश्विक तकनीकी दिग्गजों जैसे IBM के बीच इस तरह के सहयोग भारत को 'एआई-फर्स्ट' अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं।

क्या आप जानते हैं?: यह एआई लैब एक साथ 30 जटिल कंप्यूटिंग कार्यों (workloads) को बिना किसी रुकावट के प्रोसेस कर सकती है!

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. इस एआई लैब का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इसका उद्देश्य छात्रों और शोधकर्ताओं को उन्नत एआई कंप्यूटिंग संसाधन और डिजिटल कौशल प्रदान करना है ताकि वे अगली पीढ़ी के एआई समाधान विकसित कर सकें।

2. क्या इसमें प्रशिक्षण के लिए कोई विशेष कार्यक्रम है?
हाँ, IBM SkillsBuild के माध्यम से एआई लर्निंग इनिशिएटिव शुरू किया गया है, जो कार्यशालाएं और व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान करेगा।