सुरक्षा शोधकर्ताओं ने Unisoc T612 मोडेम में एक खतरनाक 'अटैक चेन' का पता लगाया है, जिससे हमलावर केवल एक वीडियो कॉल के जरिए एंड्रॉइड डिवाइस के कर्नल का पूरा एक्सेस पा सकते हैं।
- Unisoc T612 मोडेम की दो खामियों को मिलाकर एंड्रॉइड कर्नल का एक्सेस पाया जा सकता है।
- इस हमले के लिए पीड़ित को एक दुर्भावनापूर्ण वीडियो कॉल का उत्तर देना होगा।
- Realme, Xiaomi और Motorola जैसे ब्रांड्स के प्रभावित डिवाइस इस खतरे की जद में हैं।
मोबाइल सुरक्षा के क्षेत्र में एक चौंकाने वाले खुलासे में, SSD Secure Disclosure के शोधकर्ताओं ने Unisoc T612 मोडेम को निशाना बनाने वाली एक परिष्कृत 'अटैक चेन' का प्रदर्शन किया है। एक पहले से ज्ञात रिमोट कोड एक्जीक्यूशन (RCE) भेद्यता और एक नई खोजी गई मेमोरी-आइसोलेशन कमजोरी को जोड़कर, हमलावर एंड्रॉइड डिवाइस के कर्नल तक पहुंच प्राप्त कर सकते हैं।
यह हमला दो चरणों में काम करता है। पहले चरण में, हमलावर SIP/SDP डेटा के माध्यम से फोन के मोडेम में एक मैलिशियस पेलोड भेजता है। दूसरे चरण में, हमलावर पीड़ित को एक वीडियो कॉल करता है। यदि उपयोगकर्ता कॉल उठाता है, तो पेलोड सक्रिय हो जाता है और मोडेम की मेमोरी सुरक्षा को हटाकर हमलावर को डिवाइस के सबसे संवेदनशील हिस्से, यानी कर्नल का एक्सेस मिल जाता है।
यह क्यों महत्वपूर्ण है?
BozokMedia के विश्लेषण से पता चलता है कि यह एक्सप्लॉइट इस बात को उजागर करता है कि सेलुलर मोडेम, जिन्हें अक्सर सुरक्षा जांच में नजरअंदाज कर दिया जाता है, मोबाइल सुरक्षा के लिए सबसे कमजोर कड़ी बन गए हैं। चूंकि मोडेम सीधे हार्डवेयर से जुड़े होते हैं, इसलिए वे एक ऐसा रास्ता प्रदान करते हैं जिससे हमलावर सीधे ऑपरेटिंग सिस्टम के कोर तक पहुंच सकते हैं। यह साबित करता है कि एक साधारण कॉल उठाना भी आपके पूरे डेटा को खतरे में डाल सकता है।
मोडेम-स्तर के RCE को कर्नल-स्तर के प्रिविलेज एस्केलेशन के साथ जोड़ना एक छोटी सी फर्मवेयर बग को विनाशकारी सुरक्षा विफलता में बदल देता है।
शोधकर्ताओं ने इस हमले का सफल परीक्षण Realme C33, Xiaomi Redmi A5 और Motorola E13 जैसे डिवाइस पर किया है। रिपोर्ट के अनुसार, Unisoc Technologies Co. Ltd. से ईमेल और लिंक्डइन के माध्यम से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन कंपनी की ओर से अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है, जिससे लाखों उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए हैं।
ऐतिहासिक रूप से, मोडेम की खामियां मोबाइल सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा रही हैं। गूगल के प्रोजेक्ट जीरो ने सैमसंग के एक्सिनोस मोडेम में इसी तरह की खामियां पाई थीं। Unisoc T612 का यह मामला और भी गंभीर है क्योंकि यह उन प्रोटोकॉल का उपयोग करता है जो वॉयस और वीडियो कॉल के लिए बुनियादी हैं।
| हमले का चरण | उपयोग की गई खामी | परिणाम |
|---|---|---|
| चरण 1: डिलीवरी | SIP/SDP RCE | मोडेम मेमोरी में पेलोड स्टोर होना |
| चरण 2: निष्पादन | मेमोरी आइसोलेशन फ्लॉ | एंड्रॉइड कर्नल का एक्सेस |
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न: इस Unisoc एक्सप्लॉइट से कौन से फोन प्रभावित हैं?
उत्तर: Unisoc T612 चिपसेट का उपयोग करने वाले डिवाइस, जिनमें Realme, Xiaomi और Motorola के कुछ मॉडल शामिल हैं, प्रभावित हो सकते हैं।
प्रश्न: क्या यह हमला बिना कॉल उठाए भी हो सकता है?
उत्तर: SSD सिक्योर के अनुसार, इस विशिष्ट हमले के अंतिम चरण के लिए पीड़ित का वीडियो कॉल का उत्तर देना आवश्यक है।