एक चौंकाने वाली जांच में सामने आया है कि एआई कंपनियां प्रशिक्षण डेटा के लिए दुर्लभ पुस्तकों को थोक में खरीद रही हैं, उन्हें स्कैन कर रही हैं और फिर पूरी तरह नष्ट कर रही हैं। इस प्रक्रिया ने कॉपीराइट और बौद्धिक संपदा के संरक्षण पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
- एआई कंपनियां दुर्लभ पुस्तकों को थोक में खरीदकर उन्हें डिजिटल डेटा में बदल रही हैं।
- लास वेगास स्थित अमेज़न सुविधा (VGT3) में किताबों की बाइंडिंग काटकर उन्हें स्कैन किया जा रहा है।
- स्कैनिंग के बाद मूल भौतिक प्रतियों को पूरी तरह नष्ट कर दिया जाता है।
- लेखकों और प्रकाशकों द्वारा मेटा, गूगल और ओपनएआई जैसी कंपनियों पर कॉपीराइट उल्लंघन के मुकदमे दर्ज हैं।
आधुनिक तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) की दौड़ में अब ज्ञान के भौतिक स्रोतों पर खतरा मंडराने लगा है। एक हालिया जांच, जिसे 404 Media द्वारा संचालित किया गया, ने एक ऐसी प्रथा का खुलासा किया है जिसे कई लोग 'ज्ञान की चोरी' मान रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, एआई मॉडल को प्रशिक्षित करने के लिए दुर्लभ और महत्वपूर्ण पुस्तकों को बड़े पैमाने पर खरीदा जा रहा है, लेकिन उनका उद्देश्य उन्हें सहेजना नहीं, बल्कि उन्हें डिजिटल डेटा में बदलकर नष्ट करना है।
इस जांच की शुरुआत तब हुई जब पुस्तक विक्रेताओं ने असामान्य खरीदारी पैटर्न देखा। कई विक्रेताओं ने पाया कि कुछ खरीदार बिना कीमत की चिंता किए यादृच्छिक (random) और दुर्लभ शीर्षकों के बड़े ऑर्डर दे रहे थे। इन खरीदारों का व्यवहार न तो किसी पुस्तकालय जैसा था और न ही किसी व्यक्तिगत संग्रहकर्ता जैसा। सच्चाई जानने के लिए, एक विक्रेता ने 1,000 पुस्तकों के शिपमेंट में एक Apple AirTag छिपाया, जिसने इस शिपमेंट को लास वेगास स्थित अमेज़न के एक गोदाम, VGT3 तक ट्रैक किया।
रिपोर्ट के मुताबिक, VGT3 सुविधा में एक औद्योगिक प्रक्रिया अपनाई जाती है। यहाँ कर्मचारियों द्वारा किताबों की बाइंडिंग (जिल्द) को काट दिया जाता है ताकि पन्नों को तेजी से स्कैन किया जा सके। एक बार जब पुस्तक की सामग्री डिजिटल रूप में सुरक्षित हो जाती है, तो भौतिक प्रतियों को कचरे में फेंक दिया जाता है या नष्ट कर दिया जाता है। अमेज़न ने स्वीकार किया है कि वह व्यावसायिक चैनलों के माध्यम से किताबें खरीदता है, लेकिन उसने स्पष्ट नहीं किया कि क्या ये विशेष रूप से एआई प्रशिक्षण के लिए उपयोग की जा रही हैं।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows कि यह मामला केवल कॉपीराइट का नहीं, बल्कि सांस्कृतिक विरासत के विनाश का है। एआई कंपनियों के लिए, पुस्तकें 'स्ट्रक्चर्ड नॉलेज' का सबसे शुद्ध स्रोत हैं। जब कंपनियां भौतिक प्रतियों को नष्ट करती हैं, तो वे न केवल लेखक के अधिकार का उल्लंघन करती हैं, बल्कि भविष्य की पीढ़ियों के लिए उपलब्ध भौतिक साक्ष्यों को भी मिटा देती हैं। यह डिजिटल उपनिवेशवाद का एक नया रूप है जहाँ ज्ञान को निजी डेटासेट में कैद किया जा रहा है।
"किताबों को स्कैन करके नष्ट करना बौद्धिक संपदा का औद्योगिक स्तर पर शोषण है, जो भविष्य के शोधकर्ताओं के लिए भौतिक अभिलेखागार को समाप्त कर सकता है।"
यह विवाद नया नहीं है। Anthropic जैसी कंपनियों पर 'प्रोजेक्ट पनामा' के तहत लाखों पुस्तकों का उपयोग करने का आरोप लगा था, जिसके बाद उन्हें लेखकों के साथ 1.5 बिलियन डॉलर का समझौता करना पड़ा। इसी तरह, Meta, Google और OpenAI भी वर्तमान में विभिन्न लेखकों और प्रकाशकों (जैसे Hachette और Elsevier) के साथ कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं।
| कंपनी | आरोप/विवाद | वर्तमान स्थिति |
|---|---|---|
| Anthropic | प्रोजेक्ट पनामा (किताबों की स्कैनिंग) | $1.5 बिलियन का समझौता |
| Meta | Llama मॉडल के लिए कॉपीराइट डेटा | अदालत में मामला लंबित |
| Gemini के लिए प्रकाशकों के डेटा का उपयोग | कानूनी लड़ाई जारी |
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: क्या किताबों को खरीदना और फिर उन्हें स्कैन करना कानूनी है?
यह एक जटिल कानूनी मुद्दा है। कुछ अदालतें इसे 'फेयर यूज' मानती हैं, लेकिन यदि इससे मूल लेखक के व्यावसायिक हितों को नुकसान पहुँचता है, तो यह कॉपीराइट उल्लंघन माना जा सकता है।
प्रश्न 2: एआई कंपनियों को भौतिक पुस्तकों की इतनी आवश्यकता क्यों है?
क्योंकि उच्च गुणवत्ता वाली, व्याकरणिक रूप से सही और गहराई से लिखी गई मानव-लिखित सामग्री एआई मॉडल की तर्क क्षमता और सटीकता को बढ़ाने के लिए अनिवार्य है।