रिलेटिविटी नेटवर्क्स ने अपनी क्रांतिकारी 'हॉलो-कोर फाइबर' तकनीक के विकास के लिए 22 मिलियन डॉलर का निवेश प्राप्त किया है, जो डेटा ट्रांसमिशन की गति को 30% तक बढ़ा सकती है।

  • रिलेटिविटी नेटवर्क्स ने $22 मिलियन की SAFE नोट फंडिंग जुटाई है।
  • कंपनी की 'हॉलो-कोर फाइबर' तकनीक पारंपरिक फाइबर की तुलना में 30% तेज है।
  • यह तकनीक डेटा सेंटरों के बीच की भौगोलिक दूरी और लेटेंसी (latency) की समस्याओं को हल कर सकती है।
  • एक प्रमुख हाइपरस्केलर ने कंपनी को $40 मिलियन का फॉलो-ऑन ऑर्डर दिया है।

डेटा सेंटर उद्योग एक बड़े बदलाव के मुहाने पर खड़ा है। अनुमान है कि दशक के अंत तक डेटा सेंटर डेवलपर्स 4 ट्रिलियन डॉलर तक खर्च करेंगे। हालांकि, वर्तमान में निर्माण कार्य राजनीतिक और पावर-ग्रिड की सीमाओं के कारण बाधित हो रहे हैं। ऐसे में Relativity Networks एक ऐसी तकनीक लेकर आया है जो डेटा सेंटर के विस्तार के पीछे के भौगोलिक गणित को पूरी तरह बदल सकती है।

हॉलो-कोर फाइबर: प्रकाश की गति के करीब

मंगलवार को, रिलेटिविटी नेटवर्क्स ने घोषणा की कि उसने Rhapsody Venture Partners, Bell Ventures Inc., और Faster Than Glass LLC सहित कई निवेशकों से $22 मिलियन की SAFE नोट फंडिंग जुटाई है। यह निवेश कंपनी के शुरुआती विकास के लिए महत्वपूर्ण है। इसके साथ ही, कंपनी ने एक प्रमुख (नाम न बताने वाले) हाइपरस्केलर से $40 मिलियन का एक बड़ा ऑर्डर भी सुरक्षित किया है।

कंपनी की मुख्य शक्ति उनकी 'हॉलो-कोर फाइबर' तकनीक है। जहाँ पारंपरिक फाइबर ऑप्टिक केबल प्रकाश को कांच के माध्यम से भेजते हैं, वहीं हॉलो-कोर फाइबर प्रकाश को केबल के केंद्र में स्थित एक वैक्यूम चैंबर (निर्वात कक्ष) के माध्यम से प्रसारित करता है। यह तकनीक डेटा को प्रकाश की सैद्धांतिक गति के बहुत करीब ले आती है, जिससे ट्रांसमिशन की गति में 30% की वृद्धि होती है।

तकनीकी अंतर: माइक्रोसेकंड का महत्व

यह अंतर केवल माइक्रोसेकंड का है, लेकिन बड़े पैमाने पर कंप्यूटिंग के लिए यह क्रांतिकारी है। CEO Jason Eisenholz के अनुसार, पारंपरिक फाइबर में एक किलोमीटर की दूरी तय करने में लगभग पांच माइक्रोसेकंड लगते हैं, जबकि हॉलो-कोर फाइबर के साथ यह समय घटकर केवल साढ़े तीन माइक्रोसेकंड रह जाता है।

हॉलो-कोर फाइबर डेटा केंद्रों के बीच की भौतिक दूरी को कम करने के बजाय, यह दूरी के प्रभाव को कम करने का काम करता है।

Why This Matters: BozokMedia विश्लेषण

BozokMedia विश्लेषण दिखाता है कि जैसे-जैसे AI कंप्यूटिंग का पैमाना बढ़ रहा है, GPU के बीच की भौतिक दूरी भी बढ़ रही है। आज के डेटा सेंटर कैंपस सैकड़ों एकड़ में फैले होते हैं। हॉलो-कोर फाइबर डेवलपर्स को लेटेंसी (latency) की समस्या के बिना 30% अधिक दूरी तक विस्तार करने की अनुमति देता है। इसका मतलब है कि कंपनियां अलग-अलग स्थानों पर स्थित डेटा सेंटरों को एक एकल, सिंक्रोनाइज़्ड मशीन के रूप में संचालित कर सकती हैं।

Eisenholz का मानना है कि हम AI के विकास के तीन चरणों को देख रहे हैं: पहला कंप्यूट (GPU) के लिए, दूसरा नेटवर्किंग के लिए, और अब तीसरा चरण भूगोल (Geography) के अनुकूलन के लिए है।

Did You Know?: पारंपरिक फाइबर में डेटा कांच के माध्यम से यात्रा करता है, जो प्रकाश को थोड़ा धीमा कर देता है, जबकि हॉलो-कोर फाइबर में डेटा हवा या वैक्यूम में चलता है, जो इसे अत्यंत तीव्र बनाता है।

Frequently Asked Questions

1. हॉलो-कोर फाइबर पारंपरिक फाइबर से बेहतर क्यों है?
यह प्रकाश को कांच के बजाय वैक्यूम के माध्यम से भेजता है, जिससे डेटा 30% तेजी से चलता है।

2. इसका AI उद्योग पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
यह बड़े पैमाने पर AI मॉडल चलाने के लिए अलग-अलग स्थानों पर फैले डेटा सेंटरों को एक साथ जोड़ने में मदद करेगा।