कैलिफोर्निया स्थित साइबर सुरक्षा दिग्गज बैरकुडा नेटवर्क्स ने कर्नाटक के पांच विभिन्न इंजीनियरिंग कॉलेजों में साइबर सुरक्षा उत्कृष्टता केंद्र (COEs) स्थापित किए हैं। यह पहल राज्य के टियर-2 और टियर-3 शहरों में कौशल विकास और डिजिटल सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए की गई है।
- बैरकुडा नेटवर्क्स ने कर्नाटक के पांच इंजीनियरिंग कॉलेजों में साइबर सुरक्षा उत्कृष्टता केंद्र (COE) स्थापित किए हैं।
- इन केंद्रों का उद्देश्य छात्रों को व्यावहारिक प्रशिक्षण, मेंटरिंग और इंटर्नशिप प्रदान करना है।
- यह पहल भारत में साइबर सुरक्षा पेशेवरों की भारी कमी को दूर करने में मदद करेगी।
कैलिफोर्निया स्थित प्रमुख साइबर सुरक्षा फर्म, बैरकुडा नेटवर्क्स (Barracuda Networks) ने कर्नाटक के शैक्षणिक परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए पांच इंजीनियरिंग कॉलेजों में साइबर सुरक्षा उत्कृष्टता केंद्र (Centres of Excellence - COEs) की शुरुआत की है। यह रणनीतिक विस्तार राज्य के विभिन्न हिस्सों में तकनीकी कौशल और डिजिटल सुरक्षा जागरूकता को बढ़ाने के उद्देश्य से किया गया है।
ये केंद्र कर्नाटक के प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों में स्थित हैं, जिनमें बासवेश्वर इंजीनियरिंग कॉलेज (बागलकोट), BLDEA डॉ. पी.जी. हलकट्टी कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (विजयपुरा), सिद्धगंगा इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (तुमकुरु), विद्यावर्धक कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग (मैसूरु) और अल्वा इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (मूडबिद्री) शामिल हैं।
शैक्षणिक और औद्योगिक कौशल का संगम
इन केंद्रों के माध्यम से, बैरकुडा नेटवर्क्स उद्योग-आधारित तकनीकी सत्र, व्यावहारिक साइबर सुरक्षा लैब, छात्र मेंटरिंग और करियर मार्गदर्शन प्रदान करने की योजना बना रहा है। इसका मुख्य लक्ष्य छात्रों को वास्तविक दुनिया की सुरक्षा चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार करना और उन्हें इंटर्नशिप एवं प्रायोजन (sponsorships) के अवसर प्रदान करना है।
बैरकुडा नेटवर्क्स इंडिया के इंजीनियरिंग वाइस प्रेसिडेंट और मैनेजिंग डायरेक्टर, रोहित आराध्या ने कहा, “एक लचीला डिजिटल भविष्य बनाने के लिए उद्योग, शिक्षा जगत, सरकार, शिक्षकों और छात्रों के बीच सहयोग आवश्यक है।”
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह पहल भारत के डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। जैसे-जैसे भारत का डिजिटलीकरण बढ़ रहा है, साइबर खतरों का जोखिम भी बढ़ रहा है। विशेष रूप से छोटे और मध्यम उद्यमों (SMEs), अस्पतालों और वित्तीय संस्थानों के लिए सुरक्षा एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।
भारत में साइबर सुरक्षा पेशेवरों की कमी एक गंभीर संकट है, जिसे केवल उद्योग-अकादमिक सहयोग के माध्यम से ही पाटा जा सकता है।
रिपोर्टों के अनुसार, 2026 में भारत में लगभग 39,000 साइबर सुरक्षा पदों पर रिक्तियां होने का अनुमान है। ये नए केंद्र टियर-2 और टियर-3 शहरों के छात्रों को सीधे उद्योग से जोड़कर इस कौशल अंतर (skill gap) को भरने का काम करेंगे।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
भारत पिछले एक दशक में दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते डिजिटल अर्थव्यवस्थाओं में से एक रहा है। हालांकि, इस तीव्र परिवर्तन ने साइबर हमलों के नए द्वार भी खोल दिए हैं, जिससे कुशल साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों की मांग में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है।
Frequently Asked Questions
1. ये उत्कृष्टता केंद्र किन शहरों में स्थित हैं?
ये केंद्र बागलकोट, विजयपुरा, तुमकुरु, मैसूरु और मूडबिद्री में स्थित हैं।
2. छात्रों को इन केंद्रों से क्या लाभ होगा?
छात्रों को व्यावहारिक लैब अनुभव, मेंटरिंग, इंटर्नशिप और वास्तविक दुनिया की सुरक्षा चुनौतियों से निपटने का प्रशिक्षण मिलेगा।