मेटा के एक पूर्व इंजीनियरिंग निदेशक ने अदालत में चौंकाने वाला दावा किया है कि कंपनी जानबूझकर 13 वर्ष से कम उम्र के बच्चों की मौजूदगी को नजरअंदाज करती थी। उन्होंने आरोप लगाया कि मेटा ने सुरक्षा के बजाय मुनाफे को प्राथमिकता दी।
- मेटा के पूर्व इंजीनियर आर्टुरो बेजर ने अदालत में गवाही दी कि कंपनी 13 साल से कम उम्र के बच्चों के प्रति 'न पूछो, न बताओ' की नीति अपनाती थी।
- आरोप है कि मेटा ने मानसिक स्वास्थ्य के बजाय उपयोगकर्ता जुड़ाव और मुनाफे को अधिक महत्व दिया।
- कैलिफोर्निया सहित चार राज्यों ने बच्चों की सुरक्षा और गोपनीयता के उल्लंघन के लिए मेटा पर मुकदमा किया है।
ओकलैंड, कैलिफोर्निया की एक ऐतिहासिक अदालत में चल रहे मुकदमे के दौरान, मेटा (Meta) के पूर्व इंजीनियरिंग निदेशक आर्टुरो बेजर (Arturo Béjar) ने एक सनसनीखेज खुलासा किया है। बेजर ने जूरी के सामने गवाही देते हुए कहा कि इंस्टाग्राम पर 13 वर्ष से कम उम्र के बच्चों की उपस्थिति को लेकर कंपनी का रवैया स्पष्ट रूप से 'न पूछो, न बताओ' (Don’t ask, don’t tell) जैसा था।
बेजर ने अपने बयान में कहा कि मेटा ने अपने उत्पादों को डिजाइन करते समय सुरक्षा के बजाय निरंतर मुनाफे को प्राथमिकता दी। उनका तर्क था कि कंपनी का मुख्य ध्यान इस बात पर था कि लोग कितनी बार और कितनी देर तक प्लेटफॉर्म का उपयोग करते हैं, भले ही यह उनके मानसिक स्वास्थ्य के लिए हानिकारक क्यों न हो। उन्होंने चेतावनी दी, "यदि आप उत्पाद से दूर हट जाते हैं, तो वे कोई पैसा नहीं कमाएंगे।"
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह मामला केवल एक कानूनी लड़ाई नहीं है, बल्कि यह वैश्विक स्तर पर बिग टेक कंपनियों की जवाबदेही का एक बड़ा परीक्षण है। यदि मेटा दोषी पाया जाता है, तो यह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स द्वारा बच्चों के डेटा संग्रह और उनकी मनोवैज्ञानिक सुरक्षा के प्रति उनके दृष्टिकोण को पूरी तरह से बदल सकता है।
मेटा ने सुरक्षा को केवल एक विचार के रूप में देखा, जबकि मुख्य ध्यान उपयोगकर्ता की संख्या बढ़ाने पर था।
यह मुकदमा कैलिफोर्निया, कोलोराडो, केंटकी और न्यू जर्सी जैसे राज्यों द्वारा दायर किया गया है। इन राज्यों का आरोप है कि मेटा ने जानबूझकर ऐसे फीचर्स डिजाइन किए जो बच्चों को अपने प्लेटफॉर्म का आदी बना देते हैं और इन नुकसानों को जनता से छिपाते हैं। इसके अलावा, कंपनी पर बिना माता-पिता की सहमति के 13 साल से कम उम्र के बच्चों का डेटा एकत्र करने का भी आरोप है, जो संघीय कानून COPPA का उल्लंघन है।
ऐतिहासिक रूप से, बेजर ने 2009 से 2015 तक फेसबुक में काम किया और साइबर बुलिंग से लड़ने के लिए जाने जाते थे। उन्होंने 2023 में कांग्रेस के सामने भी गवाही दी थी कि सीईओ मार्क जुकरबर्ग (Mark Zuckerberg) सहित शीर्ष अधिकारियों को इंस्टाग्राम द्वारा होने वाले नुकसान की जानकारी थी, लेकिन उन्होंने कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
मेटा ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा है कि वे सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्ध हैं। कंपनी के वकील पॉल श्मिट ने तर्क दिया कि वे किशोरों के मानसिक स्वास्थ्य और सोशल मीडिया के उपयोग जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर जिम्मेदारी से काम कर रहे हैं।
Frequently Asked Questions
1. मेटा पर मुख्य आरोप क्या है?
मेटा पर आरोप है कि उसने बच्चों को अपने प्लेटफॉर्म का आदी बनाने के लिए हानिकारक फीचर्स डिजाइन किए और 13 साल से कम उम्र के बच्चों की सुरक्षा की अनदेखी की।
2. COPPA क्या है?
COPPA (Children’s Online Privacy Protection Act) एक संघीय कानून है जो बच्चों की ऑनलाइन गोपनीयता की रक्षा करता है और उनके डेटा के संग्रह को नियंत्रित करता है।