केंद्र सरकार के दूरसंचार विभाग (DoT) ने सिम कार्ड खरीदने के नियमों को सख्त कर दिया है। 24 अगस्त से लागू होने वाले इन नए नियमों के तहत अब एक व्यक्ति एक निश्चित सीमा से अधिक सिम कार्ड नहीं रख पाएगा।

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  • 24 अगस्त 2026 से नए सिम कार्ड नियम लागू होंगे।
  • एक व्यक्ति अधिकतम 9 सिम कार्ड ही रख सकता है (कुछ राज्यों में सीमा 6 है)।
  • नया सिम लेने के लिए फोटो और डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म (DIP) से जांच होगी।
  • सीमा से अधिक सिम होने पर उन्हें तुरंत सस्पेंड किया जा सकता है।

भारत सरकार के दूरसंचार विभाग (DoT) ने देश में मोबाइल कनेक्शन के प्रबंधन को लेकर एक बड़ा कदम उठाया है। 24 अगस्त 2026 से सिम कार्ड खरीदने के नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव होने जा रहे हैं। इस नए नियम का मुख्य उद्देश्य फर्जी सिम कार्ड के उपयोग को रोकना और साइबर अपराधों पर लगाम लगाना है। अब टेलीकॉम कंपनियां किसी भी व्यक्ति को नया कनेक्शन देने से पहले यह जांच करेंगी कि उसके नाम पर पहले से कितने सिम कार्ड सक्रिय हैं।

नया सिम लेने से पहले क्या है सीमा?

नए नियमों के अनुसार, भारत के अधिकांश हिस्सों में एक व्यक्ति अपने नाम पर अधिकतम 9 मोबाइल कनेक्शन ही रख सकता है। हालांकि, सुरक्षा कारणों से जम्मू-कश्मीर, असम और पूर्वोत्तर राज्यों में यह सीमा घटाकर केवल 6 सिम कार्ड कर दी गई है। महत्वपूर्ण बात यह है कि यह सीमा सभी टेलीकॉम कंपनियों (जैसे Jio, Airtel, Vi, BSNL) को मिलाकर लागू होगी। यदि आप अलग-अलग कंपनियों के सिम इस्तेमाल कर रहे हैं, तो उनका कुल योग इस सीमा के भीतर होना चाहिए।

DoT का नया डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म (DIP) अब सिम वेरिफिकेशन को पूरी तरह से पारदर्शी और सख्त बना देगा।

क्यों जरूरी है यह बदलाव?

मोबाइल नंबर आजकल हमारे जीवन का अभिन्न हिस्सा हैं। बैंक अकाउंट, UPI, सोशल मीडिया और सरकारी सेवाओं के लिए मोबाइल नंबर की अनिवार्यता ने सिम कार्ड को एक संवेदनशील दस्तावेज बना दिया है। BozokMedia analysis shows कि फर्जी सिम कार्ड का उपयोग करके साइबर अपराधी बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी करते हैं। इस नए सिस्टम के जरिए सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि कोई भी व्यक्ति अपने दस्तावेजों का दुरुपयोग कर अवैध रूप से बड़ी संख्या में सिम न रख सके।

फोटो और डिजिटल इंटेलिजेंस से होगी पहचान

इस पूरी प्रक्रिया को और अधिक सटीक बनाने के लिए डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म (DIP) का उपयोग किया जाएगा। 23 अगस्त से टेलीकॉम कंपनियों को उन व्यक्तियों की तस्वीरें उपलब्ध कराई जाएंगी जिनके नाम पर पहले से निर्धारित सीमा से अधिक कनेक्शन हैं। 24 अगस्त से कंपनियों को नए आवेदनों के साथ-साथ इन तस्वीरों का मिलान करना होगा। यदि कोई व्यक्ति सीमा से अधिक सिम रखता पाया जाता है, तो अतिरिक्त कनेक्शनों को तुरंत सस्पेंड करने का प्रावधान है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि: सिम कार्ड का बदलता स्वरूप

भारत में सिम कार्ड का सफर 2G के दौर से शुरू हुआ था जब सिम कार्ड मिलना बहुत आसान था। जैसे-जैसे तकनीक विकसित हुई और डिजिटल भुगतान (UPI) बढ़ा, सिम कार्ड के दुरुपयोग की घटनाएं भी बढ़ीं। पहले सिम कार्ड केवल पहचान पत्र के आधार पर मिल जाते थे, लेकिन अब बायोमेट्रिक और डिजिटल सत्यापन अनिवार्य हो गया है ताकि सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

Did You Know?: क्या आप जानते हैं कि एक ही व्यक्ति के नाम पर सिम की संख्या सीमित करने का मुख्य उद्देश्य 'सिम स्वैपिंग' जैसे साइबर फ्रॉड को रोकना है?

Frequently Asked Questions

Q1: क्या मेरे पुराने सिम कार्ड बंद हो जाएंगे?
नहीं, मुख्य ध्यान नए कनेक्शन को रोकने पर है। हालांकि, यदि आपके पास सीमा से अधिक सिम हैं, तो अतिरिक्त कनेक्शनों को सस्पेंड किया जा सकता है।

Q2: क्या यह नियम सभी कंपनियों पर लागू है?
हाँ, यह नियम Jio, Airtel, Vi और BSNL सहित सभी टेलीकॉम ऑपरेटरों पर समान रूप से लागू होगा।