मेटा के पूर्व इंजीनियरिंग निदेशक आर्टुरो बेजर ने अदालत में गवाही दी है कि मार्क जुकरबर्ग ने बच्चों की सुरक्षा के ऊपर कंपनी के विकास और मुनाफे को रखा। यह मामला सोशल मीडिया के बच्चों पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों से जुड़ा एक ऐतिहासिक मुकदमा है।

  • मेटा के पूर्व कार्यकारी आर्टुरो बेजर ने आरोप लगाया कि जुकरबर्ग बच्चों की सुरक्षा की तुलना में विकास को प्राथमिकता देते थे।
  • कैलिफोर्निया और न्यू जर्सी सहित कई राज्यों ने मेटा पर युवाओं में मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं पैदा करने का आरोप लगाया है।
  • गवाह ने दावा किया कि मेटा के पास 13 साल से कम उम्र के बच्चों की पहचान करने की तकनीक है, लेकिन उन्होंने मुनाफे के लिए इसे नजरअंदाज किया।

कैलिफोर्निया के ओकलैंड स्थित संघीय न्यायालय में चल रहे एक ऐतिहासिक मुकदमे के दौरान, मेटा प्लेटफॉर्म्स के पूर्व इंजीनियरिंग निदेशक आर्टुरो बेजर ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। बेजर ने गवाही दी कि सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने एक ऐसी कार्य संस्कृति को बढ़ावा दिया जहाँ फेसबुक और इंस्टाग्राम पर उपयोगकर्ताओं की संख्या और जुड़ाव (engagement) को बच्चों की सुरक्षा से ऊपर रखा गया।

यह मुकदमा उन राज्यों के गठबंधन द्वारा दायर किया गया है जो आरोप लगाते हैं कि मेटा ने अपने प्लेटफॉर्म्स को इस तरह डिजाइन किया है कि वे युवा उपयोगकर्ताओं को लत लगा दें। कैलिफोर्निया, कोलोराडो, केंटकी और न्यू जर्सी जैसे राज्यों का दावा है कि इन ऐप्स के कारण किशोरों में चिंता, अवसाद और यहाँ तक कि आत्महत्या जैसी गंभीर समस्याएँ बढ़ रही हैं। इसके अलावा, मेटा पर 13 वर्ष से कम उम्र के बच्चों का डेटा अवैध रूप से एकत्र करने का भी आरोप है।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह मुकदमा केवल एक कानूनी लड़ाई नहीं है, बल्कि यह सोशल मीडिया कंपनियों के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ है। यदि अदालत मेटा को दोषी पाती है, तो यह न केवल भारी जुर्माना लगा सकती है, बल्कि फेसबुक और इंस्टाग्राम के कार्य करने के तरीके को भी पूरी तरह बदल सकती है। यह मामला वैश्विक स्तर पर डिजिटल सुरक्षा कानूनों को नया आकार दे सकता है।

"आप बच्चों के मामले में मार्क जुकरबर्ग पर भरोसा नहीं कर सकते," बेजर ने अपनी गवाही के दौरान कड़े शब्दों में कहा।

बेजर ने यह भी बताया कि जुकरबर्ग कंपनी के निर्णय लेने की प्रक्रिया में अत्यधिक सक्रिय रहते हैं। उन्होंने कहा, "यदि मार्क किसी चीज़ को प्राथमिकता देते हैं, तो पहाड़ भी महीनों में हिल जाते हैं।" उन्होंने जुकरबर्ग के उन दावों को खारिज कर दिया जिसमें उन्होंने कहा था कि कंपनी सुरक्षा के लिए निरंतर शोध का उपयोग करती है। बेजर के अनुसार, सुरक्षा संबंधी चिंताओं को ईमेल के माध्यम से सीधे जुकरबर्ग तक पहुँचाया गया था, लेकिन उन पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

एक व्यक्तिगत और हृदयविदारक उदाहरण देते हुए, बेजर ने बताया कि कैसे उनकी अपनी बेटी को इंस्टाग्राम पर महिलाओं के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियों का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि उनकी बेटी को एक सुरक्षित स्थान मिला, लेकिन उसकी कीमत मानसिक नुकसान के रूप में चुकानी पड़ी।

Did You Know?: मेटा के पास ऐसी तकनीक है जो उन लाखों उपयोगकर्ताओं की पहचान कर सकती है जो 13 साल से कम उम्र के हैं, लेकिन कंपनी ने इसे 'न पूछें, न बताएं' नीति के तहत रखा है।

Frequently Asked Questions

1. यह मुकदमा क्यों महत्वपूर्ण है?
यह मुकदमा सोशल मीडिया के बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभाव की सबसे बड़ी कानूनी परीक्षा है।

2. मेटा पर मुख्य आरोप क्या हैं?
मेटा पर युवाओं को लत लगाने, मानसिक स्वास्थ्य को नुकसान पहुँचाने और बच्चों का डेटा अवैध रूप से उपयोग करने के आरोप हैं।