नासा और कटालिस्ट स्पेस टेक्नोलॉजीज ने स्विफ्ट गामा-रे टेलिस्कोप को कक्षा में वापस लाने के अपने महत्वाकांक्षी मिशन को रोकने की घोषणा की है। तकनीकी खराबी के कारण अब इस महत्वपूर्ण वेधशाला के वायुमंडल में गिरने की संभावना है।
- कटालिस्ट स्पेस टेक्नोलॉजीज का 'लिंक' उपग्रह तकनीकी खराबी के कारण मिशन पूरा करने में असमर्थ।
- स्विफ्ट ऑब्जर्वेटरी के वायुमंडल में पुनः प्रवेश करने और नष्ट होने का खतरा।
- मिशन अब केवल नेविगेशन सिस्टम के प्रदर्शन तक सीमित रहेगा।
नासा (NASA) और स्टार्टअप कटालिस्ट स्पेस टेक्नोलॉजीज (Katalyst Space Technologies) ने बुधवार को एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए स्विफ्ट गामा-रे टेलिस्कोप को बचाने के अपने रोबोटिक मिशन को रद्द करने का निर्णय लिया है। यह मिशन टेलिस्कोप को उसकी गिरती हुई कक्षा से बचाने के लिए डिज़ाइन किया गया था, लेकिन तकनीकी बाधाओं ने इस योजना को विफल कर दिया है।
इस बचाव अभियान के लिए 'लिंक' (Link) नामक एक विशेष उपग्रह को 3 जुलाई को लॉन्च किया गया था। लिंक का उद्देश्य नासा की नील गेहल्स स्विफ्ट ऑब्जर्वेटरी (Neil Gehrels Swift Observatory) के पास जाना, तीन रोबोटिक भुजाओं की मदद से उसे पकड़ना और उसके कक्षीय वेग को बढ़ाना था ताकि वह वायुमंडल में गिरने से बच सके। लिंक आकार में एक रेफ्रिजरेटर के बराबर है और इसमें सौर पैनलों के साथ-साथ तीन ज़ेनॉन-ईंधन वाले इलेक्ट्रिक थ्रस्टर लगे हुए थे।
तकनीकी विफलता का कारण
कटालिस्ट स्पेस टेक्नोलॉजीज ने स्पष्ट किया कि 'निरंतर एटीट्यूड कंट्रोल समस्याओं' (attitude control issues) के कारण लिंक उपग्रह अपने बचाव मिशन को पूरा करने में सक्षम नहीं होगा। एटीट्यूड कंट्रोल का अर्थ है उपग्रह की अंतरिक्ष में अपनी स्थिति और दिशा को बनाए रखने की क्षमता। यदि यह नियंत्रण विफल हो जाता है, तो उपग्रह सटीक रूप से लक्ष्य की ओर नहीं बढ़ सकता।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह घटना अंतरिक्ष मलबे के प्रबंधन और उपग्रहों की सेवा अवधि बढ़ाने के लिए विकसित की जा रही नई तकनीकों के लिए एक बड़ी चुनौती है। स्विफ्ट ऑब्जर्वेटरी ब्रह्मांडीय विस्फोटों और गामा-रे बर्स्ट का अध्ययन करने के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण उपकरण है। इसके खोने का अर्थ है खगोल विज्ञान के एक महत्वपूर्ण डेटा स्रोत का नुकसान।
अंतरिक्ष में उपग्रहों की मरम्मत और बचाव की तकनीकें अभी भी अपने शुरुआती दौर में हैं, जहाँ एक छोटी सी तकनीकी त्रुटि अरबों डॉलर के मिशन को खतरे में डाल सकती है।
हालांकि मिशन विफल हो गया है, लेकिन कटालिस्ट ने कहा है कि वे लिंक की शेष क्षमता का उपयोग करेंगे। वे इसे स्विफ्ट के करीब ले जाने का प्रयास करेंगे ताकि उनके 'क्लोज-इन नेविगेशन सिस्टम' का परीक्षण किया जा सके। यदि यह सफल होता है, तो यह भविष्य के मिशनों के लिए एक महत्वपूर्ण तकनीकी सबक होगा।
Frequently Asked Questions
1. स्विफ्ट ऑब्जर्वेटरी के साथ क्या होने वाला है?
बचाव मिशन विफल होने के कारण, स्विफ्ट के इस साल के अंत तक पृथ्वी के वायुमंडल में पुनः प्रवेश करने और नष्ट होने की संभावना है।
2. 'लिंक' उपग्रह क्या था?
लिंक एक छोटा रोबोटिक उपग्रह था जिसे स्विफ्ट को पकड़ने और उसकी कक्षा को ऊंचा करने के लिए बनाया गया था।