नासा के प्रतिष्ठित नील गेहरेल्स स्विफ्ट वेधशाला को बचाने के लिए भेजा गया 'लिंक' स्पेसक्राफ्ट तकनीकी खराबी के कारण विफल हो गया है। इस मिशन के रद्द होने से टेलीस्कोप के वायुमंडल में गिरने का खतरा बढ़ गया है।

वीडियो लोड हो रहा है...
  • लिंक स्पेसक्राफ्ट में नियंत्रण संबंधी गंभीर समस्याएं आईं, जिससे मिशन रद्द करना पड़ा।
  • स्विफ्ट वेधशाला का ऑर्बिट गिर रहा है और यह इस साल के अंत तक पृथ्वी के वायुमंडल में जल सकती है।
  • नासा अब इस मिशन का उपयोग भविष्य के उपग्रहों की मरम्मत के लिए डेटा एकत्र करने हेतु करेगा।

नासा के सबसे लंबे समय तक चलने वाले अंतरिक्ष वेधशालाओं में से एक, नील गेहरेल्स स्विफ्ट वेधशाला (Neil Gehrels Swift Observatory) को बचाने का एक महत्वाकांक्षी प्रयास विफल हो गया है। नासा और काटलिस्ट स्पेस (Katalyst Space) ने पुष्टि की है कि 'लिंक' (Link) स्पेसक्राफ्ट में आए तकनीकी दोषों के कारण इसे स्विफ्ट को ऊंचे ऑर्बिट में ले जाने के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा।

मिशन की विफलता के पीछे का कारण

लिंक स्पेसक्राफ्ट को स्विफ्ट के गिरते हुए ऑर्बिट को स्थिर करने के लिए भेजा गया था। हालांकि, लॉन्च के बाद ही स्पेसक्राफ्ट में नियंत्रण संबंधी समस्याएं पैदा हो गईं। जुलाई के अंत में रिपोर्ट किया गया कि स्पेसक्राफ्ट के तीन रिएक्शन व्हील्स में से दो काम नहीं कर रहे थे और इसके कोल्ड-गैस थ्रस्टर सिस्टम में भी खराबी आ गई थी। इस वजह से स्पेसक्राफ्ट अनियंत्रित रूप से घूमने लगा, जिससे संचार और दिशा नियंत्रण में भारी बाधा उत्पन्न हुई।

क्यों महत्वपूर्ण है यह मिशन?

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि स्विफ्ट वेधशाला केवल एक उपकरण नहीं, बल्कि ब्रह्मांड के सबसे शक्तिशाली विस्फोटों, यानी गामा-रे बर्स्ट (Gamma-ray bursts) का अध्ययन करने का एक महत्वपूर्ण जरिया है। यह टेलीस्कोप एक्स-रे, पराबैंगनी और दृश्य प्रकाश का अध्ययन करने में सक्षम है। यदि लिंक सफल होता, तो यह रोबोटिक भुजाओं के माध्यम से स्विफ्ट को वापस उसकी मूल ऊंचाई पर पहुंचा देता।

तकनीकी खराबी ने न केवल एक मिशन को विफल किया है, बल्कि अंतरिक्ष में उपग्रहों की मरम्मत की जटिलताओं को भी उजागर कर दिया है।

स्विफ्ट का ऑर्बिट सौर गतिविधि के कारण पृथ्वी के ऊपरी वायुमंडल के घर्षण (drag) की वजह से तेजी से नीचे गिर रहा है। बिना किसी हस्तक्षेप के, नासा का अनुमान है कि यह वेधशाला इस साल के अंत तक वायुमंडल में पुनः प्रवेश कर जाएगी और जलकर नष्ट हो जाएगी।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

स्विफ्ट वेधशाला को 20 नवंबर, 2004 को लॉन्च किया गया था। मूल रूप से इसे केवल दो साल के मिशन के लिए डिज़ाइन किया गया था, लेकिन इसने दो दशकों से अधिक समय तक विज्ञान की दुनिया में अमूल्य डेटा प्रदान किया है।

Did You Know?: स्विफ्ट वेधशाला ब्रह्मांड में होने वाले सबसे शक्तिशाली विस्फोटों को खोजने और उनका अध्ययन करने के लिए दुनिया के सबसे तेज़ उपकरणों में से एक है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: लिंक स्पेसक्राफ्ट क्यों विफल हुआ?
उत्तर: लिंक स्पेसक्राफ्ट के रिएक्शन व्हील्स और थ्रस्टर सिस्टम में खराबी आने के कारण वह अनियंत्रित रूप से घूमने लगा, जिससे मिशन को रद्द करना पड़ा।

प्रश्न 2: स्विफ्ट वेधशाला का क्या होगा?
उत्तर: बिना किसी सहायता के, स्विफ्ट के ऑर्बिट में गिरावट जारी रहेगी और यह इस वर्ष के अंत तक पृथ्वी के वायुमंडल में जलकर समाप्त हो सकती है।