पीयू रिसर्च के एक नए अध्ययन ने खुलासा किया है कि चैटजीपीटी के आने के बाद इंटरनेट पर प्रकाशित होने वाले लगभग 35% वेबपेज एआई द्वारा लिखे या संपादित किए गए हैं। यह खोज इंटरनेट के बदलते स्वरूप और बॉट्स के बढ़ते प्रभाव को दर्शाती है।

  • चैटजीपीटी के बाद प्रकाशित 35% वेबपेज में एआई लेखन के संकेत मिले हैं।
  • .com डोमेन वाले पेजों में एआई लेखन की दर .edu और .gov की तुलना में 10 गुना अधिक है।
  • इंटरनेट पर बॉट ट्रैफिक अब मानवीय ट्रैफिक को पीछे छोड़ चुका है।

पीयू रिसर्च (Pew Research) द्वारा गुरुवार को जारी एक विस्तृत अध्ययन ने डिजिटल दुनिया में एक बड़े बदलाव की पुष्टि की है। रिपोर्ट के अनुसार, ChatGPT के नवंबर 2022 में लॉन्च होने के बाद से इंटरनेट पर प्रकाशित होने वाले एक-तिहाई से अधिक वेबपेज में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) द्वारा लिखे जाने या भारी मात्रा में संपादित किए जाने के स्पष्ट संकेत मिले हैं।

यह अध्ययन उस समय आया है जब इंटरनेट इंफ्रास्ट्रक्चर प्रदाता Cloudflare ने रिपोर्ट किया था कि बॉट वेब ट्रैफिक ने मानवीय ट्रैफिक को पीछे छोड़ दिया है। पीयू रिसर्च का डेटा इस बात पर केंद्रित है कि इंटरनेट पर क्या पढ़ा जा रहा है, और वर्तमान में हम एक ऐसे दौर में हैं जहां बॉट्स द्वारा लिखे गए कंटेंट को अन्य बॉट्स ही पढ़ रहे हैं।

तकनीकी विश्लेषण और कार्यप्रणाली

इस रिपोर्ट को तैयार करने के लिए, पीयू ने Common Crawl वेब आर्काइव का उपयोग किया, जिससे पिछले पांच वर्षों के लगभग पांच लाख अंग्रेजी भाषा के वेबपेजों को एकत्र किया गया। इसके बाद, Open Pangram की तकनीक का उपयोग करके यह पता लगाया गया कि इनमें से कितने पेज एआई द्वारा तैयार किए गए थे।

अध्ययन में पाया गया कि जुलाई 2026 के एक यादृच्छिक नमूने में, लगभग 10% पेजों में एआई लेखन के महत्वपूर्ण संकेत थे। हालांकि, जब शोधकर्ताओं ने पुराने पेजों (जो एआई के अस्तित्व में आने से पहले के थे) को हटा दिया, तो चौंकाने वाला आंकड़ा सामने आया: चैटजीपीटी के बाद के पेजों में से 35% में एआई के स्पष्ट निशान मिले।

डोमेन प्रकार और एआई का प्रभाव

अध्ययन ने यह भी दिखाया कि एआई का प्रभाव सभी प्रकार की वेबसाइटों पर समान नहीं है। व्यावसायिक वेबसाइटों और शैक्षणिक या सरकारी वेबसाइटों के बीच एक बड़ा अंतर देखा गया।

डोमेन प्रकारएआई लेखन की दर (%)
.com (व्यावसायिक)~35% (उच्च)
.org (गैर-लाभकारी)4.6%
.edu (शैक्षणिक)~1%
.gov (सरकारी)~1%

विशेष रूप से, .com डोमेन वाले यूआरएल में एआई लेखन की दर .edu या .gov डोमेन की तुलना में लगभग 10 गुना अधिक पाई गई। यह दर्शाता है कि व्यावसायिक लाभ के लिए कंटेंट निर्माण में एआई का उपयोग सबसे अधिक किया जा रहा है।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण दिखाता है कि इंटरनेट का पारिस्थितिकी तंत्र तेजी से बदल रहा है। एआई द्वारा जनरेट किए गए कंटेंट की बाढ़ न केवल सूचना की गुणवत्ता को प्रभावित कर सकती है, बल्कि यह सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन (SEO) और डिजिटल ट्रस्ट के लिए भी नई चुनौतियां पैदा करती है।

इंटरनेट अब केवल सूचना का भंडार नहीं रह गया है, बल्कि यह एआई द्वारा निर्मित डेटा का एक लूप बनता जा रहा है।

अध्ययन में यह भी नोट किया गया कि एआई के लेखन के कुछ विशिष्ट पैटर्न जैसे 'em dashes' का अधिक उपयोग, 'Oxford commas' का प्रयोग, और विशिष्ट वाक्यांशों (जैसे "it’s not X, it’s Y") का बढ़ता चलन भी एआई की उपस्थिति की पुष्टि करते हैं।

Did You Know?: क्या आप जानते हैं कि इंटरनेट पर बॉट ट्रैफिक अब इंसानों द्वारा किए जाने वाले ब्राउजिंग से अधिक हो चुका है?

Frequently Asked Questions

1. क्या सभी एआई द्वारा लिखे गए पेज गलत जानकारी देते हैं?
जरूरी नहीं, लेकिन एआई द्वारा लिखे गए कंटेंट में तथ्यों की सटीकता की जांच करना आवश्यक है क्योंकि वे पैटर्न पर आधारित होते हैं।

2. .gov और .edu वेबसाइटों पर एआई का उपयोग कम क्यों है?
इन डोमेन में कड़े संपादकीय मानक और मानवीय समीक्षा की आवश्यकता होती है, जिससे एआई का सीधा उपयोग सीमित रहता है।