मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने घोषणा की है कि असम अपने स्वयं के पृथ्वी अवलोकन उपग्रह 'AssamSAT' के निर्माण के लिए निजी क्षेत्र के भागीदार के चयन के अंतिम चरण में है। यह कदम राज्य को अंतरिक्ष-तकनीक पारिस्थितिकी तंत्र में एक सक्रिय भागीदार बना देगा।
- असम भारत का पहला राज्य बनने की राह पर है जिसके पास अपना स्वयं का पृथ्वी अवलोकन प्रणाली (Earth Observation System) होगी।
- उपग्रह का निर्माण 'DBLOTT' (Design, Build, Launch, Operate, Train & Transfer) मॉडल के तहत किया जाएगा।
- 'AssamSAT' का मुख्य उद्देश्य बाढ़ प्रबंधन, सीमा सुरक्षा और कृषि डेटा की निगरानी करना है।
- यह परियोजना IN-SPACe और ISRO के सहयोग से क्रियान्वित की जाएगी।
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने रविवार को एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए बताया कि राज्य सरकार अपने स्वयं के उपग्रह के प्रक्षेपण के लिए एक निजी क्षेत्र के भागीदार का चयन करने के उन्नत चरण में है। यह परियोजना, जिसे 'AssamSAT' नाम दिया गया है, राज्य के शासन और तकनीकी क्षमता में एक क्रांतिकारी बदलाव का प्रतीक है।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि असम अब केवल उपग्रह डेटा का उपयोग करने वाला राज्य नहीं रहेगा, बल्कि अंतरिक्ष-तकनीक (Space-tech) पारिस्थितिकी तंत्र में एक सक्रिय भागीदार बन जाएगा। उन्होंने बताया कि इस वर्ष की शुरुआत में 'अभिव्यक्ति की रुचि' (Expression of Interest) के लिए निविदाएं आमंत्रित की गई थीं और अब समर्पित समितियां निजी अंतरिक्ष कंपनियों द्वारा प्रस्तुत प्रस्तावों का मूल्यांकन कर रही हैं।
तकनीकी मॉडल और कार्यान्वयन
असम सरकार इस महत्वाकांक्षी परियोजना को DBLOTT (Design, Build, Launch, Operate, Train & Transfer) मॉडल के तहत संचालित करेगी। इस मॉडल का अर्थ है कि चुना गया निजी भागीदार उपग्रह के डिजाइन, निर्माण, प्रक्षेपण और संचालन के साथ-साथ राज्य के कर्मियों को प्रशिक्षित करने की जिम्मेदारी भी उठाएगा। इससे राज्य को दीर्घकालिक तकनीकी आत्मनिर्भरता प्राप्त होगी।
यह पहल भारत सरकार के IN-SPACe (इंडियन नेशनल स्पेस प्रमोशन एंड ऑथराइजेशन सेंटर) के सहयोग से की जा रही है। पूर्व वित्त मंत्री अजंता नोग ने बजट 2025-26 में इस योजना की नींव रखी थी, जिसका उद्देश्य सामाजिक-आर्थिक परियोजनाओं के लिए निरंतर और विश्वसनीय डेटा प्रवाह सुनिश्चित करना है।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि असम का यह कदम भारत में 'राज्य-स्तरीय अंतरिक्ष अन्वेषण' के एक नए युग की शुरुआत है। अब तक अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी मुख्य रूप से केंद्र सरकार और इसरो (ISRO) तक सीमित थी, लेकिन असम का यह मॉडल अन्य राज्यों के लिए एक ब्लूप्रिंट साबित हो सकता है।
असम का यह कदम राज्य को डेटा-संचालित शासन की ओर ले जाएगा, जिससे आपदा प्रबंधन में अभूतपूर्व सटीकता आएगी।
AssamSAT के माध्यम से राज्य निम्नलिखित क्षेत्रों में अपनी पकड़ मजबूत करेगा:
- बाढ़ प्रबंधन: ब्रह्मपुत्र घाटी में बाढ़ की सटीक निगरानी।
- सीमा सुरक्षा: सीमाओं पर निरंतर निगरानी और पुलिस संचालन।
- कृषि: फसलों की स्थिति और मृदा स्वास्थ्य का डेटा।
- बुनियादी ढांचा: विकास परियोजनाओं की प्रगति की ट्रैकिंग।
Frequently Asked Questions
1. AssamSAT का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इसका मुख्य उद्देश्य बाढ़, सीमा सुरक्षा, कृषि और बुनियादी ढांचे की निगरानी के लिए सटीक डेटा प्रदान करना है।
2. यह उपग्रह किस मॉडल पर बनाया जा रहा है?
इसे DBLOTT (Design, Build, Launch, Operate, Train & Transfer) मॉडल के तहत बनाया जा रहा है।