ToxicPanda एंड्रॉइड मैलवेयर का नया संस्करण अब VPN अनुमतियों का उपयोग करके Google Play और सुरक्षा सेवाओं को ब्लॉक कर सकता है। यह मैलवेयर बैंकिंग और क्रिप्टो ऐप्स को निशाना बनाकर यूजर का डेटा चोरी करने में सक्षम है।
- ToxicPanda 2.0 अब VPN अनुमतियों का उपयोग करके नेटवर्क ट्रैफिक को नियंत्रित कर सकता है।
- यह Google Play और Play Protect की संचार सेवाओं को ब्लॉक करने में सक्षम है।
- मैलवेयर 349 बैंकिंग और वित्तीय ऐप्स पर फिशिंग ओवरले का उपयोग करता है।
- यह Android Debug Bridge (ADB) का दुरुपयोग करके डिवाइस पर पूर्ण नियंत्रण प्राप्त करता है।
साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों ने एक खतरनाक नए विकास की चेतावनी दी है। ToxicPanda नामक एंड्रॉइड मैलवेयर अब अपने नए और अधिक घातक संस्करण 'ToxicPanda 2.0' के साथ वापस आ गया है। इस नए संस्करण में मैलवेयर ने न केवल अपने लक्ष्यों का विस्तार किया है, बल्कि यह उपयोगकर्ताओं के सुरक्षा तंत्र को पूरी तरह से ठप करने के लिए नए तरीके भी अपना रहा है।
मोबाइल सुरक्षा कंपनी Zimperium की रिपोर्ट के अनुसार, यह मैलवेयर अब VPN सेवा अनुमतियों की मांग करता है। एक बार अनुमति मिलने के बाद, यह एक स्थानीय इंटरफेस बनाता है जो डिवाइस से गुजरने वाले पूरे नेटवर्क ट्रैफिक को नियंत्रित कर सकता है। इसका सबसे घातक उपयोग Google Play और Google Play Services के साथ होने वाले संचार को ब्लॉक करने के लिए किया जाता है, जिससे सुरक्षा अपडेट और ऐप सत्यापन प्रक्रियाएं विफल हो जाती हैं।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह हमला केवल डेटा चोरी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एंड्रॉइड ऑपरेटिंग सिस्टम के मूल सुरक्षा ढांचे को ही चुनौती दे रहा है। जब मैलवेयर Google Play को ब्लॉक कर देता है, तो उपयोगकर्ता को पता भी नहीं चलता कि उसके डिवाइस पर चल रहे सुरक्षा स्कैन और अपडेट रुक चुके हैं। यह हमलावरों को बिना किसी रुकावट के हानिकारक पेलोड इंस्टॉल करने का मौका देता है।
एक बार जब मैलवेयर शेल यूजर अनुमतियां प्राप्त कर लेता है, तो यह मानक एंड्रॉइड रनटाइम सहमति प्रॉम्प्ट को बायपास करके खुद को व्यापक अधिकार दे देता है।
मैलवेयर का दायरा भी काफी बढ़ गया है। यह अब 349 बैंकिंग, वित्तीय, क्रिप्टोकरेंसी और ई-वॉलेट एप्लिकेशन को निशाना बना रहा है। यह 167 रिमोट कमांड का समर्थन करता है और 'फिशिंग ओवरले' का उपयोग करता है जो पीड़ित को दिखाई नहीं देते, जिससे उपयोगकर्ता द्वारा किए गए टच इनपुट को आसानी से कैप्चर किया जा सकता है।
ADB का खतरनाक दुरुपयोग
ToxicPanda 2.0 की सबसे चिंताजनक विशेषता Android Debug Bridge (ADB) का स्वचालित दुरुपयोग है। मैलवेयर 'Accessibility Services' का उपयोग करके 'Developer Options' को सक्षम करता है और 'Wireless Debugging' को सक्रिय करता है। इसके माध्यम से, यह डिवाइस पर शेल-स्तर की पहुंच प्राप्त कर लेता है, जिससे हमलावर डिवाइस पर पूर्ण नियंत्रण पा सकते हैं।
| विशेषता | पुराना संस्करण | ToxicPanda 2.0 |
|---|---|---|
| लक्ष्य ऐप्स | सीमित संख्या | 349 (बैंकिंग/क्रिप्टो) |
| नेटवर्क नियंत्रण | सीमित | VPN के माध्यम से पूर्ण नियंत्रण |
| ADB पहुंच | मैन्युअल/सीमित | स्वचालित वायरलेस ADB एक्सेस |
| सुरक्षा बाईपास | सामान्य | Google Play और Play Protect को ब्लॉक करना |
इसके अलावा, यह मैलवेयर डिवाइस के निर्माता (जैसे Xiaomi, Samsung, OPPO) की पहचान कर सकता है और उनके विशिष्ट पावर मैनेजमेंट सेटिंग्स को बदल सकता है ताकि बैकग्राउंड में चलते रहने के दौरान बैटरी की खपत को रोका जा सके और डिवाइस रीबूट होने पर भी यह सक्रिय रहे।
Frequently Asked Questions
1. मैं ToxicPanda मैलवेयर से कैसे बच सकता हूँ?
किसी भी अज्ञात स्रोत से ऐप्स इंस्टॉल न करें और सुनिश्चित करें कि आपके फोन में 'Developer Options' और 'Wireless Debugging' बंद है।
2. क्या VPN का उपयोग करना असुरक्षित है?
VPN अपने आप में सुरक्षित है, लेकिन यदि कोई संदिग्ध ऐप आपसे VPN अनुमति मांगता है, तो यह खतरनाक हो सकता है।