डच डेटा संरक्षण प्राधिकरण ने उबर पर 825 मिलियन यूरो का ऐतिहासिक जुर्माना लगाया है। यह कार्रवाई ड्राइवरों के खातों को बिना मानवीय हस्तक्षेप के स्वचालित रूप से निलंबित करने के कारण की गई है।
- डच नियामक ने उबर पर €825 मिलियन (लगभग $966 मिलियन) का जुर्माना लगाया है।
- जुर्माना ड्राइवरों के खातों को बिना मानवीय निगरानी के स्वचालित रूप से निलंबित करने के कारण लगाया गया है।
- यह GDPR के तहत अब तक का दूसरा सबसे बड़ा जुर्माना है।
- उबर ने इस फैसले का विरोध किया है और अपील करने की योजना बना रहा है।
राइड-हेलिंग दिग्गज Uber को यूरोपीय संघ के डेटा संरक्षण नियमों के उल्लंघन के लिए एक बहुत बड़ा झटका लगा है। डच डेटा संरक्षण प्राधिकरण ने कंपनी पर 825 मिलियन यूरो (लगभग 966 मिलियन डॉलर) का भारी जुर्माना लगाया है। यह दंड यूरोप के General Data Protection Regulation (GDPR) के तहत अब तक लगाए गए सबसे बड़े दंडों में से दूसरा सबसे बड़ा है।
यह कानूनी विवाद तब शुरू हुआ जब नियामक ने उन शिकायतों की जांच की जिनमें आरोप लगाया गया था कि उबर ने बिना किसी पर्याप्त चेतावनी या मानवीय निरीक्षण के, एक पूरी तरह से स्वचालित प्रक्रिया के माध्यम से ड्राइवरों के खातों को निष्क्रिय कर दिया था। डच नियामक की डिप्टी चेयर मोनिक वर्दियर ने कहा कि कंपनी ने "गंभीर उल्लंघन" किए हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी कंप्यूटर को अपने आप ऐसे निर्णय नहीं लेने चाहिए जिनके परिणाम इतने गंभीर हों।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण दर्शाता है कि यह मामला केवल एक जुर्माने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह 'गिग इकोनॉमी' में एआई और एल्गोरिदम के शासन पर एक बड़ा सवाल खड़ा करता है। यदि कंपनियां महत्वपूर्ण निर्णय लेने के लिए पूरी तरह से मशीनों पर निर्भर रहती हैं, तो क्या वे मानवीय जवाबदेही से बच सकती हैं? यह फैसला भविष्य में अन्य टेक दिग्गजों के लिए एक मिसाल बनेगा।
"एक कंप्यूटर को अपने आप ऐसे निर्णय नहीं लेने चाहिए जिनके परिणाम इतने गंभीर हों।" - मोनिक वर्दियर, डिप्टी चेयर, डच डेटा संरक्षण प्राधिकरण
उबर ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। कंपनी का तर्क है कि अधिकांश निलंबन संक्षिप्त होते हैं और कोई भी स्थायी निष्क्रियता मानवीय समीक्षा के बिना नहीं की जाती है। उबर के एक प्रवक्ता ने कहा, "हम इस निर्णय और असंगत जुर्माने से कड़ाई से असहमत हैं," और कंपनी इस मामले में अपील करने की तैयारी कर रही है।
इस पूरे मामले की जड़ें 2019 में फ्रांस के एक पूर्व उबर ड्राइवर ब्राहिम बेन अली की शिकायत में छिपी हैं। बेन अली ने 171 अन्य ड्राइवरों से गवाही इकट्ठा की और इस मामले को नीदरलैंड तक पहुँचाया, जहाँ उबर का यूरोपीय मुख्यालय स्थित है। इस संघर्ष में उन्हें PersonalData.io नामक एक स्विस गैर-लाभकारी संस्था ने डिजिटल अधिकारों के माध्यम से सहायता प्रदान की।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
यह उबर के लिए डच नियामकों द्वारा लगाया गया तीसरा बड़ा जुर्माना है। इससे पहले, कंपनी पर ड्राइवरों के व्यक्तिगत डेटा को संभालने के मामले में 290 मिलियन यूरो का जुर्माना लगाया गया था, और एक अन्य संबंधित मुद्दे पर 10 मिलियन यूरो का दंड भी दिया गया था।
डिजिटल अधिकार कार्यकर्ता पॉल-ओलिवर डेहेये ने संकेत दिया है कि वे अब एक 'क्लास एक्शन सूट' शुरू करने की योजना बना रहे हैं ताकि प्रभावित ड्राइवर मुआवजे की मांग कर सकें। उन्होंने StartClaims नामक एक नई कंपनी की भी घोषणा की है जो इस तरह के कानूनी संघर्षों में मदद करेगी।
Frequently Asked Questions
1. उबर पर जुर्माना क्यों लगाया गया है?
उबर पर ड्राइवरों के खातों को बिना किसी मानवीय जांच के स्वचालित रूप से निलंबित करने के कारण जुर्माना लगाया गया है।
2. क्या उबर इस फैसले को चुनौती देगा?
हाँ, उबर ने स्पष्ट किया है कि वे इस निर्णय और जुर्माने की राशि से असहमत हैं और अपील करेंगे।