अमेज़न ने अपने प्रमुख हार्डवेयर—फ़ायर टीवी, इको, किंडल और ईरो—की कीमतें 60% तक बढ़ा दीं, जबकि कंपनी ने इसे वैश्विक मेमोरी कमी का परिणाम बताया। इस कदम से उपभोक्ताओं को भारी खर्च का सामना करना पड़ेगा और तकनीकी बाजार में कीमतों की नई लहर शुरू होगी।
- अमेज़न ने कई डिवाइस की कीमतें 60% तक बढ़ाईं
- वृद्धि का मुख्य कारण वैश्विक मेमोरी और स्टोरेज घटक की कीमतों में उछाल
- उपभोक्ता अब हार्डवेयर खरीदने में कठिनाई का सामना करेंगे
कीमतों में अचानक उछाल
अमेज़न ने सप्ताहांत में अपने फ़ायर टीवी, इको, किंडल और ईरो जैसे लोकप्रिय डिवाइसों की कीमतें बढ़ा दीं। सबसे उल्लेखनीय उदाहरण इको डॉट है, जिसकी कीमत रातोंरात $49.99 से $79.99 कर दी गई, यानी 60% की वृद्धि। इस बदलाव को कैमेलकैमेलकैमेल जैसे मूल्य ट्रैकिंग साइटों ने तुरंत दर्ज किया।
कंपनी का बयान
टेकक्रंच को दिए गए जवाब में अमेज़न ने कहा, "उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग को मेमोरी और स्टोरेज घटकों की लागत में उल्लेखनीय वृद्धि का सामना करना पड़ रहा है। हमने इन लागतों को यथासंभव समय तक अपने ऊपर रखा, लेकिन अब हमें अपने उत्पाद लाइनों में मूल्य समायोजन करना पड़ा।" कंपनी ने अगले साल तक समय-समय पर प्रमोशन जारी रखने का आश्वासन भी दिया।
वैश्विक मेमोरी कमी का प्रभाव
AI बूम के कारण मेमोरी की मांग में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है, जिसे अक्सर "RAMmageddon" कहा जाता है। इस कारण DRAM और NAND जैसी प्रमुख मेमोरी की कीमतें आसमान छू रही हैं, जिससे सभी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसों का उत्पादन महंगा हो गया है। परिणामस्वरूप, अमेज़न, एप्पल और अन्य तकनीकी दिग्गज लागत को उपभोक्ताओं पर थोप रहे हैं।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
पिछले दो वर्षों में मेमोरी की कमी कई बार समाचार बना चुकी है। 2021 में चिप फैक्ट्री में उत्पादन में बाधा, 2022 में सिलिकॉन वैली में श्रमिक हड़ताल और 2023 में चीन में निर्यात प्रतिबंधों ने इस संकट को और गहरा किया। इससे न केवल स्मार्टफ़ोन, बल्कि सर्वर और क्लाउड इन्फ्रास्ट्रक्चर की कीमतें भी बढ़ी।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that sustained price pressure on core components like RAM can reshape consumer buying cycles, push companies toward leasing models, and accelerate the shift to subscription‑based hardware revenue streams.
"यदि मेमोरी कीमतें 2027 तक उच्च स्तर पर बनी रहती हैं, तो हम देखेंगे कि अधिकांश प्रमुख ब्रांड डिवाइस‑लीजिंग को अपना मुख्य व्यवसाय बना लेंगे," कहते हैं उद्योग विश्लेषक डॉ. रीता मेहता।
Frequently Asked Questions
प्र. अमेज़न की कीमत बढ़ने से मेरे मौजूदा डिवाइस पर क्या असर पड़ेगा?
उ. नहीं, मौजूदा डिवाइस की कीमत नहीं बदलेगी, लेकिन नई खरीद पर उच्च कीमतें लागू होंगी।
प्र. क्या अन्य कंपनियां भी समान कदम उठा रही हैं?
उ. हाँ, एप्पल ने हाल ही में अपने प्रीमियम डिवाइस की कीमतें बढ़ाईं और डिवाइस‑लीजिंग कार्यक्रम शुरू किया है।