MIT और हार्वर्ड के शोधकर्ताओं ने एक नई mRNA तकनीक विकसित की है जो टी-सेल प्रतिक्रिया को बढ़ाकर कैंसर और संक्रामक रोगों से लड़ने में मदद कर सकती है। यह तकनीक मौजूदा कैंसर टीकों की कमियों को दूर करने में सक्षम है।

  • शोधकर्ताओं ने mRNA-आधारित एक नया एडजुवेंट (adjuvant) विकसित किया है जो टी-सेल प्रतिक्रिया को बढ़ाता है।
  • यह तकनीक कैंसर ट्यूमर के विकास को रोकने और उन्हें पूरी तरह खत्म करने में सक्षम पाई गई है।
  • यह तकनीक कोविड-19 और फ्लू जैसे वायरल संक्रमणों के खिलाफ भी प्रतिरक्षा को 10-15 गुना बढ़ा सकती है।

कैंसर के इलाज की दिशा में एक अभूतपूर्व सफलता मिली है। MIT के रासायनिक इंजीनियर डैनियल एंडरसन और उनके सहयोगियों ने एक ऐसी विधि विकसित की है जो शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली, विशेष रूप से टी-सेल्स (T-cells) को कैंसर कोशिकाओं पर हमला करने के लिए अधिक शक्तिशाली बनाती है। वर्तमान में उपलब्ध कई कैंसर टीके पर्याप्त प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया उत्पन्न करने में विफल रहते हैं, लेकिन यह नई खोज इस बाधा को दूर कर सकती है।

कैसे काम करती है यह नई तकनीक?

पारंपरिक टीकों के विपरीत, जो मुख्य रूप से एंटीबॉडी उत्पन्न करते हैं, यह नई विधि mRNA अणुओं का उपयोग करती है जो दो विशिष्ट जीन को एनकोड करते हैं। ये जीन प्रतिरक्षा कोशिकाओं को एक अधिक सक्रिय अवस्था में स्विच कर देते हैं। शोधकर्ताओं ने इसे लिपिड नैनोकणों (lipid nanoparticles) के माध्यम से वितरित किया है, जिससे प्रतिरक्षा प्रणाली को यह समझने में मदद मिलती है कि उसे किस कोशिका पर हमला करना है।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह विकास केवल कैंसर तक सीमित नहीं है। यह इम्यूनोथेरेपी की प्रभावशीलता को भी बढ़ाता है, विशेष रूप से 'चेकपॉइंट ब्लॉकेड इनहिबिटर्स' के साथ, जो वर्तमान में कई प्रकार के कैंसर के लिए FDA द्वारा अनुमोदित हैं। यह तकनीक ट्यूमर के आसपास के शत्रुतापूर्ण वातावरण को बदलकर टी-सेल्स के लिए अनुकूल बनाती है।

"जब इन एडजुवेंट mRNA को टीकों में शामिल किया जाता है, तो एंटीजन-लक्षित टी-सेल्स की संख्या काफी बढ़ जाती है, जो प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है," डैनियल एंडरसन ने कहा।

प्रयोगों के दौरान, चूहों में मूत्राशय कैंसर, कोलन कार्सिनोमा और मेटास्टैटिक फेफड़ों के कैंसर जैसे विभिन्न प्रकार के ट्यूमर के खिलाफ इस तकनीक ने असाधारण परिणाम दिखाए। शोधकर्ताओं ने पाया कि यह विधि न केवल कैंसर को रोकती है, बल्कि उसे पूरी तरह समाप्त करने में भी सक्षम है।

संक्रामक रोगों के लिए भी उम्मीद

कैंसर के अलावा, शोधकर्ताओं ने पाया कि यदि इस तकनीक को कोविड-19 या फ्लू के टीकों के साथ मिलाया जाए, तो यह टी-सेल प्रतिक्रिया को सामान्य से 10 से 15 गुना अधिक मजबूत बना सकती है। यह भविष्य में महामारी नियंत्रण के लिए एक गेम-चेंजर साबित हो सकता है।

Did You Know?: टी-सेल्स हमारे शरीर के 'सैनिक' हैं जो सीधे संक्रमित या कैंसरग्रस्त कोशिकाओं को पहचानकर उन्हें नष्ट करने में सक्षम होते हैं।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: यह नई तकनीक मौजूदा कैंसर टीकों से कैसे अलग है?
उत्तर: मौजूदा टीके अक्सर पर्याप्त टी-सेल प्रतिक्रिया नहीं दे पाते, जबकि यह नई mRNA एडजुवेंट तकनीक टी-सेल्स को बहुत अधिक सक्रिय और प्रभावी बनाती है।

प्रश्न 2: क्या इसका उपयोग फ्लू के टीकों के लिए किया जा सकता है?
उत्तर: हाँ, शोध में पाया गया है कि यह तकनीक फ्लू और कोविड जैसे वायरल संक्रमणों के खिलाफ प्रतिरक्षा को 10-15 गुना बढ़ा सकती है।