भारतीय विज्ञान संस्थान (IISc) के प्रतिष्ठित प्रोफेसर ए.के. सूद को भारत सरकार का नया प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार नियुक्त किया गया है। वह प्रो. के. विजयराघवन का स्थान लेंगे।
- ए.के. सूद को भारत का नया प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार (PSA) नियुक्त किया गया है।
- वह आईआईएससी बेंगलुरु के एक प्रतिष्ठित भौतिक विज्ञानी हैं।
- वह प्रो. के. विजयराघवन का स्थान लेंगे।
- वह ग्राफीन (Graphene) अनुसंधान में विश्व प्रसिद्ध हैं।
भारत सरकार ने विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए प्रख्यात भौतिक विज्ञानी डॉ. ए.के. सूद को नया प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार (PSA) नियुक्त किया है। डॉ. सूद, जो वर्तमान में भारतीय विज्ञान संस्थान (IISc), बेंगलुरु में भौतिकी के प्रतिष्ठित प्रोफेसर हैं, इस महत्वपूर्ण पद की जिम्मेदारी संभालेंगे। वह प्रो. के. विजयराघवन का स्थान लेंगे, जिन्होंने महामारी प्रबंधन और वैक्सीन विकास जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में देश का मार्गदर्शन किया था।
डॉ. सूद की विशेषज्ञता विशेष रूप से ग्राफीन (Graphene) के क्षेत्र में है, जो आधुनिक नैनो-टेक्नोलॉजी और सामग्री विज्ञान के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। वह पहले से ही प्रधानमंत्री के विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार सलाहकार परिषद (PM-STIAC) के सदस्य के रूप में सरकार को रणनीतिक सलाह दे रहे हैं। उनकी नियुक्ति से भारत के वैज्ञानिक अनुसंधान और नीतिगत ढांचे को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार का पद भारत की भविष्य की तकनीकी संप्रभुता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। PSA का कार्यालय विभिन्न मंत्रालयों के साथ समन्वय करता है और उन विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी नीतियों पर सलाह देता है जिनका व्यापक सामाजिक-आर्थिक प्रभाव पड़ता है। डॉ. सूद का अनुभव भारत को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम कंप्यूटिंग और डीप ओशन एक्सप्लोरेशन जैसे उभरते क्षेत्रों में अग्रणी बनाने में मदद करेगा।
ए.के. सूद की नियुक्ति भारत के 'मिशन मोड' वाले वैज्ञानिक लक्ष्यों, जैसे कि क्वांटम फ्रंटियर और एआई, को प्राप्त करने की दिशा में एक रणनीतिक बढ़त है।
गौरतलब है कि PSA का कार्यालय न केवल सरकार को सलाह देता है, बल्कि शिक्षा जगत और उद्योग जगत के बीच एक सेतु का कार्य भी करता है। PM-STIAC के माध्यम से, यह कार्यालय नौ प्रमुख मिशनों पर ध्यान केंद्रित करता है, जिनमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इलेक्ट्रिक वाहन, और वेस्ट टू वेल्थ जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र शामिल हैं।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
भारत के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार का पद हमेशा से ही देश के महानतम वैज्ञानिकों का रहा है। डॉ. सूद से पहले, प्रो. के. विजयराघवन ने इस पद पर रहते हुए कोविड-19 महामारी के दौरान महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उनसे पहले, प्रख्यात परमाणु वैज्ञानिक आर. चिदंबरम ने लगभग डेढ़ दशक तक इस पद पर कार्य किया था। भारत के पूर्व राष्ट्रपति और मिसाइल मैन ए.पी.जे. अब्दुल कलाम ने भी इस गरिमामयी पद को सुशोभित किया था।
Frequently Asked Questions
1. ए.के. सूद का मुख्य वैज्ञानिक कार्य क्षेत्र क्या है?
डॉ. सूद मुख्य रूप से भौतिकी के विशेषज्ञ हैं और ग्राफीन (Graphene) के क्षेत्र में उनके शोध विश्व स्तर पर प्रसिद्ध हैं।
2. प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार (PSA) का क्या कार्य है?
PSA सरकार को विज्ञान और प्रौद्योगिकी से जुड़ी रणनीतिक नीतियों पर सलाह देता है और विभिन्न मंत्रालयों के बीच समन्वय स्थापित करता है।