रूसी राज्य-प्रायोजित हैकर्स अब ईमेल के बजाय व्हाट्सएप और सिग्नल जैसे मैसेजिंग ऐप्स के जरिए यूरोपीय संघ के उच्च अधिकारियों को निशाना बना रहे हैं। यह हमला तकनीकी खामियों के बजाय सोशल इंजीनियरिंग और भरोसे का फायदा उठाकर किया जा रहा है।

  • रूसी हैकर्स ने ईमेल के बजाय व्हाट्सएप और सिग्नल जैसे सुरक्षित माने जाने वाले ऐप्स को अपना नया हथियार बनाया है।
  • हमलावर 'सोशल इंजीनियरिंग' का उपयोग करके अधिकारियों के अकाउंट पिन और क्यूआर कोड के जरिए उनके खातों पर कब्जा कर रहे हैं।
  • यूरोपीय संघ के कई देशों में 2026 के दौरान आठ बड़े फिशिंग हमले दर्ज किए गए हैं।

यूरोपीय संघ (EU) ने हाल ही में पुष्टि की है कि राज्य-प्रायोजित हैकर्स अब सरकारी अधिकारियों को निशाना बनाने के लिए पारंपरिक ईमेल के बजाय लोकप्रिय मैसेजिंग ऐप्स का उपयोग कर रहे हैं। उन्नत निरंतर खतरे (APT) वाले ये हैकर्स अब Signal और WhatsApp जैसे एन्क्रिप्टेड प्लेटफॉर्म्स का लाभ उठा रहे हैं, क्योंकि अधिकारी इन ऐप्स पर अधिक भरोसा करते हैं और तेजी से प्रतिक्रिया देते हैं।

हाल ही में प्राप्त एक आंतरिक दस्तावेज़ के अनुसार, यूरोपीय संघ के ब्लॉक सरकारों को 2026 में व्हाट्सएप और सिग्नल पर आठ "महत्वपूर्ण फिशिंग घटनाओं" का सामना करना पड़ा है। इन हमलों में कोई सॉफ्टवेयर भेद्यता (vulnerability) नहीं थी, बल्कि पूरी तरह से सोशल इंजीनियरिंग का खेल था। हमलावर अक्सर सिग्नल की आधिकारिक सपोर्ट टीम या चैटबॉट बनकर अधिकारियों को डराते हैं और उनके डेटा के नुकसान का बहाना बनाकर उनका अकाउंट पिन मांग लेते हैं।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह हमला केवल डेटा चोरी के बारे में नहीं है, बल्कि यह सरकारी संचार की सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह से बदलने की मांग करता है। जब हैकर्स संचार को ईमेल से हटाकर मैसेजिंग ऐप्स पर ले जाते हैं, तो सुरक्षा निगरानी (security monitoring) करना लगभग असंभव हो जाता है क्योंकि इन ऐप्स पर संदेशों को मिटाया जा सकता है, जिससे सबूत मिटाना आसान हो जाता है।

"खतरा करने वाले अब संचार को ईमेल से बाहर ले जा रहे हैं ताकि वे सुरक्षा निगरानी की दृष्टि से बच सकें," वोलेक्सिटी के अध्यक्ष स्टीवन एडायर ने कहा।

जर्मनी में यह अभियान काफी सफल रहा। हालांकि हमलावर जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ तक नहीं पहुंच सके, लेकिन उन्होंने बुंडेस्टाग अध्यक्ष जूलिया क्लोक्नर के अकाउंट में सेंध लगाने में सफलता प्राप्त की। इसके बाद नीदरलैंड और अन्य यूरोपीय देशों में भी इसी तरह के हमलों की श्रृंखला देखी गई, जिनमें रूस को मुख्य अपराधी माना गया है।

विशेषज्ञों का कहना है कि समस्या केवल ऐप की नहीं, बल्कि वर्कफ़्लो की है। जब तक यूरोपीय संस्थानों के पास संवेदनशील दस्तावेजों के आदान-प्रदान के लिए कोई साझा सुरक्षित प्लेटफॉर्म नहीं होगा, तब तक अधिकारी अनजाने में वाणिज्यिक ऐप्स का उपयोग करते रहेंगे।

Did You Know?: हैकर्स अब क्यूआर कोड (QR Codes) का उपयोग कर रहे हैं ताकि वे शिकार के डिवाइस को सीधे अपने नियंत्रण वाले अकाउंट से जोड़ सकें।

Frequently Asked Questions

1. हैकर्स ईमेल के बजाय मैसेजिंग ऐप्स का उपयोग क्यों कर रहे हैं?
क्योंकि मैसेजिंग ऐप्स पर लोग अधिक भरोसा करते हैं और वहां संदेशों को डिलीट किया जा सकता है, जिससे सुरक्षा टीमों के लिए जांच करना कठिन हो जाता है।

2. क्या व्हाट्सएप और सिग्नल पूरी तरह असुरक्षित हैं?
नहीं, ये ऐप्स तकनीकी रूप से सुरक्षित हैं, लेकिन हैकर्स ऐप की सुरक्षा को नहीं, बल्कि उपयोगकर्ता के भरोसे (सोशल इंजीनियरिंग) को निशाना बनाते हैं।