मेटा की भारत और दक्षिण-पूर्व एशिया की उपाध्यक्ष संध्या देवनाथन अब चैटजीपीटी निर्माता ओपनएआई (OpenAI) में शामिल हो रही हैं, जिससे टेक जगत में हलचल मच गई है।
- संध्या देवनाथन मेटा में एक दशक से अधिक समय तक रहीं।
- वह सिंगापुर में आधारित होकर दक्षिण-पूर्व एशिया और ऑस्ट्रेलिया के लिए काम करेंगी।
- यह कदम मेटा के लिए तब आया है जब कंपनी भारत में नियामक दबाव का सामना कर रही है।
सोशल मीडिया दिग्गज मेटा (Meta) के भारत और दक्षिण-पूर्व एशिया की उपाध्यक्ष, संध्या देवनाथन, कंपनी छोड़ रही हैं। उन्होंने चैटजीपीटी (ChatGPT) बनाने वाली कंपनी ओपनएआई (OpenAI) में शामिल होने का निर्णय लिया है। टेक जगत के विशेषज्ञों का मानना है कि यह स्थानांतरण एशिया-प्रशांत क्षेत्र में एआई (AI) की बढ़ती शक्ति का संकेत है।
ओपनएआई के अनुसार, देवनाथन सिंगापुर में आधारित रहेंगी और कंपनी के एशिया-प्रशांत प्रबंध निदेशक, किरण मणि को रिपोर्ट करेंगी। उनकी नई भूमिका में उपभोक्ता विकास, उद्यमों द्वारा एआई का उपयोग, साझेदारी, नियामक जुड़ाव और दक्षिण-पूर्व एशिया तथा ऑस्ट्रेलिया में परिचालन की देखरेख करना शामिल होगा।
क्यों महत्वपूर्ण है यह बदलाव?
BozokMedia विश्लेषण दिखाता है कि यह केवल एक कार्यकारी का बदलाव नहीं है, बल्कि एशिया में एआई की बढ़ती प्रतिस्पर्धा का प्रतीक है। देवनाथन का मेटा से जाना उस समय हो रहा है जब मेटा भारत में ऑनलाइन सुरक्षा, सामग्री मॉडरेशन और नियामक चुनौतियों से जूझ रही है।
एआई क्षेत्र में शीर्ष प्रतिभाओं का मेटा जैसे दिग्गजों से ओपनएआई की ओर जाना, भविष्य की तकनीकी शक्ति के केंद्र में बदलाव को दर्शाता है।
देवनाथन का ओपनएआई में आना हाल ही में प्रभजीत सिंह के ओपनएआई के भारत प्रमुख के रूप में शामिल होने के कुछ ही दिनों बाद हुआ है। सिंह ने उबर (Uber) में एक लंबा करियर बिताया था। इससे पता चलता है कि ओपनएआई तेजी से एशिया में अपना विस्तार कर रहा है, जिसके लिए उसने सिंगापुर, टोक्यो, सियोल, सिडनी और दिल्ली में कार्यालय खोले हैं।
मेटा के लिए चुनौतियां और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
मेटा के लिए पिछला कुछ समय काफी चुनौतीपूर्ण रहा है। भारतीय अधिकारियों ने हाल ही में ऑनलाइन सुरक्षा और बाल शोषण सामग्री जैसे मुद्दों पर कंपनी पर कड़ा रुख अपनाया है। जुलाई में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक पोस्ट को गलती से प्रतिबंधित करने के बाद मेटा को माफी मांगनी पड़ी थी। इसके अलावा, इंस्टाग्राम विज्ञापनों के माध्यम से अनुचित सामग्री के प्रसार को लेकर भी सरकार ने सवाल उठाए हैं।
मेटा ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि उन्होंने उल्लंघन करने वाले 1,60,000 खातों को हटा दिया है। कंपनी के नेतृत्व में अब बदलाव देखने को मिलेगा, जहां मेटा के भारत प्रबंध निदेशक अरुण श्रीनिवास अब सीधे एशिया-प्रशांत उपाध्यक्ष बेंजामिन जो को रिपोर्ट करेंगे।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
1. संध्या देवनाथन की नई भूमिका क्या है?
वह ओपनएआई के लिए दक्षिण-पूर्व एशिया और ऑस्ट्रेलिया में उपभोक्ता विकास और नियामक मामलों की देखरेख करेंगी।
2. मेटा को भारत में किन समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है?
मेटा को सामग्री मॉडरेशन, ऑनलाइन सुरक्षा और सरकारी नियामक जांच जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।