वैज्ञानिकों ने इंग्लैंड के पूर्वी तट के नीचे एक विशाल प्राचीन सुपरवॉल्केनो की खोज की है, जो माउंट एटना से हजारों गुना अधिक शक्तिशाली था। यह ज्वालामुखी 454 मिलियन वर्ष पहले फटा था और इसका प्रभाव पूरे यूरोप तक फैला हुआ था।

  • इंग्लैंड के 'द वॉश' (The Wash) क्षेत्र के नीचे एक विशाल सुपरवॉल्केनो का पता चला है।
  • यह ज्वालामुखी 454 मिलियन वर्ष पुराना है और माउंट एटना से कहीं अधिक शक्तिशाली था।
  • इसकी राख नॉर्वे, स्वीडन और पोलैंड जैसे देशों तक फैली हुई थी।
  • वैज्ञानिकों के अनुसार, इस ज्वालामुखी के दोबारा फटने का कोई खतरा नहीं है।

ब्रिटिश भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (BGS) के वैज्ञानिकों ने एक ऐसी खोज की है जिसने पृथ्वी के भूगर्भीय इतिहास को फिर से लिखने पर मजबूर कर दिया है। इंग्लैंड के पूर्वी तट, विशेष रूप से द वॉश (The Wash) के नीचे, एक विशाल प्राचीन सुपरवॉल्केनो के अवशेष मिले हैं। यह ज्वालामुखी इतना शक्तिशाली था कि इसकी विस्फोट की तीव्रता हजारों हाइड्रोजन बमों के बराबर थी।

विशाल आकार और ऐतिहासिक प्रभाव

शोधकर्ताओं के अनुसार, इस सुपरवॉल्केनो का विस्तार कम से कम 65 किलोमीटर (40 मील) तक था, जो नॉरफ़ॉक और लिंकनशायर के क्षेत्रों तक फैला हुआ था। लगभग 454 मिलियन वर्ष पहले हुए इस विस्फोट ने पृथ्वी की पपड़ी से सैकड़ों क्यूबिक किलोमीटर सामग्री को समताप मंडल (stratosphere) में फेंक दिया था। वैज्ञानिकों का मानना है कि इस विस्फोट से निकली राख नॉर्वे, स्वीडन, बाल्टिक क्षेत्र, बेलारूस और पोलैंड तक फैल गई थी, जिसका प्रमाण आज भी वहां की चट्टानों में मिलता है।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह खोज न केवल पृथ्वी के इतिहास को समझने के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि यह भी बताती है कि कैसे प्राचीन भूगर्भीय घटनाएं आज के वैश्विक परिदृश्य को आकार देती हैं। इस तरह के खोजों से हमें भविष्य में संसाधनों के प्रबंधन और भूगर्भीय स्थिरता को समझने में मदद मिलती है।

इस खोज ने इंग्लैंड के गहरे भूगर्भीय अतीत के बारे में हमारी समझ को पूरी तरह से बदल दिया है। - डॉ. टिम फरोह, BGS

यह खोज अचानक नहीं हुई। वैज्ञानिकों ने 80 साल पुराने बोरहोल नमूनों का पुन: विश्लेषण किया। कोविड लॉकडाउन के दौरान, अत्याधुनिक उपकरणों का उपयोग करके जिरकॉन क्रिस्टल (Zircon crystals) का अध्ययन किया गया। इन सूक्ष्म क्रिस्टल ने पुष्टि की कि नॉरफ़ॉक और लिंकनशायर से मिले नमूने एक ही ज्वालामुखी से संबंधित थे।

सुपरवॉल्केनो बनाम सामान्य ज्वालामुखी

एक सुपरवॉल्केनो को तब परिभाषित किया जाता है जब वह 1,000 क्यूबिक किलोमीटर से अधिक सामग्री का उत्सर्जन करता है। वर्तमान में दुनिया में लगभग 20 सक्रिय या संभावित सुपरवॉल्केनो हैं, जिनमें अमेरिका का येलोस्टोन (Yellowstone) और इंडोनेशिया का लेक टोबो (Lake Toba) शामिल हैं।

विशेषतामाउंट एटना (Mount Etna)द वॉश सुपरवॉल्केनो
शक्ति का स्तरसामान्य सक्रिय ज्वालामुखीहजारों हाइड्रोजन बमों के बराबर
विस्फोट का समयवर्तमान में सक्रिय454 मिलियन वर्ष पूर्व
विस्फोट का दायराक्षेत्रीय प्रभावपूरा यूरोप और समताप मंडल

हालांकि इस खोज से डर का माहौल नहीं बनना चाहिए। डॉ. टिम फरोह ने स्पष्ट किया कि चूंकि यह ज्वालामुखी अब पूरी तरह से विलुप्त हो चुका है, इसलिए इसके दोबारा सक्रिय होने का कोई खतरा नहीं है। एक बार जब ज्वालामुखी विलुप्त हो जाता है, तो वह फिर कभी नहीं जागता।

Did You Know?: यह सुपरवॉल्केनो डायनासोर के पृथ्वी पर आने से लगभग 200 मिलियन वर्ष पहले सक्रिय था।

Frequently Asked Questions

1. क्या यह सुपरवॉल्केनो फिर से फट सकता है?
नहीं, वैज्ञानिकों के अनुसार यह पूरी तरह से विलुप्त हो चुका है और इसके दोबारा फटने का कोई खतरा नहीं है।

2. इस खोज में वैज्ञानिकों ने किस तकनीक का उपयोग किया?
वैज्ञानिकों ने सूक्ष्म जिरकॉन क्रिस्टल के सटीक आयु निर्धारण के लिए आधुनिक विश्लेषणात्मक तकनीकों का उपयोग किया।