IIT बॉम्बे के प्रोफेसर अरिंद्रजीत चौधरी ने अंतरिक्ष में बुनियादी ढांचे के निर्माण की दिशा में पहला कदम उठाते हुए अपने स्टार्टअप 'InspeCity' के लिए 100 करोड़ रुपये की फंडिंग जुटाई है। कंपनी का प्राथमिक लक्ष्य अंतरिक्ष में उपग्रहों की मरम्मत और रिफ्यूलिंग करना है।

  • IIT बॉम्बे के प्रोफेसर अरिंद्रजीत चौधरी और डॉ. तौसीफ शेख ने 'InspeCity' स्टार्टअप की स्थापना की।
  • कंपनी ने प्री-सीरीज A राउंड में 100 करोड़ रुपये की फंडिंग जुटाई है।
  • लक्ष्य: अंतरिक्ष में उपग्रहों की लाइफ बढ़ाना, रिफ्यूलिंग करना और मलबे को कम करना।
  • भविष्य का विजन: अंतरिक्ष में कारखाने और मानव बस्तियां (Space Cities) बसाना।

मुंबई की भीषण ट्रैफिक जाम से प्रेरित होकर, IIT बॉम्बे के मैकेनिकल इंजीनियरिंग प्रोफेसर अरिंद्रजीत चौधरी ने एक ऐसा विचार विकसित किया जो पृथ्वी की सीमाओं से परे है। उन्होंने महसूस किया कि जैसे-जैसे जनसंख्या और संसाधनों की मांग बढ़ेगी, मानव जाति को पृथ्वी के बाहर बुनियादी ढांचे की आवश्यकता होगी। इसी सोच ने 2022 में InspeCity के जन्म को प्रेरित किया, जिसे उन्होंने अपने पूर्व छात्र और प्रोपल्शन विशेषज्ञ डॉ. तौसीफ शेख के साथ मिलकर शुरू किया।

यद्यपि प्रोफेसर चौधरी का अंतिम लक्ष्य भौतिक विज्ञानी जेरार्ड ओ'नील के विचारों से प्रेरित होकर अंतरिक्ष में शहर बसाना है, लेकिन उन्होंने एक व्यावहारिक शुरुआती बिंदु चुना है: इन-ऑर्बिट सैटेलाइट सर्विसिंग। वर्तमान में, जब कोई उपग्रह ईंधन खत्म होने या तकनीकी खराबी के कारण बेकार हो जाता है, तो उसे पृथ्वी पर लाना असंभव होता है और उसे बदलना बेहद महंगा। इससे अंतरिक्ष में मलबे (Space Debris) की समस्या भी बढ़ती है।

तकनीकी ढांचा: अंतरिक्ष का मैकेनिक

InspeCity ने एक जटिल तकनीकी स्टैक विकसित किया है जिसे VEDA आर्किटेक्चर कहा जाता है। इसके मुख्य घटक इस प्रकार हैं:

सिस्टमकार्य/उद्देश्य
GITAप्रोपल्शन और मोबिलिटी (गतिशीलता)
CHAKSUसेंसिंग, ट्रैकिंग और नेविगेशन
RAMAरोबोटिक मैनिपुलेशन सिस्टम
SPARSHऑटोनॉमस डॉकिंग और रिफ्यूलिंग

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, यह पहल भारत को वैश्विक अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था में एक 'सर्विस प्रोवाइडर' के रूप में स्थापित कर सकती है। केवल उपग्रह लॉन्च करना पर्याप्त नहीं है; उन्हें बनाए रखना और उनके जीवनकाल को बढ़ाना भविष्य की अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था (Space Economy) की कुंजी है। यह न केवल लागत कम करेगा बल्कि अंतरिक्ष स्थिरता (Space Sustainability) को भी सुनिश्चित करेगा।

"अंतरिक्ष में शहरों का निर्माण करने से पहले, हमें उस बुनियादी ढांचे को बनाना होगा जो दीर्घकालिक मानवीय गतिविधियों को संभव बना सके।"

कंपनी ने हाल ही में Speciale Invest और दिग्गज निवेशक आशीष कचोलिया के नेतृत्व में 100 करोड़ रुपये (लगभग 10.5 मिलियन डॉलर) जुटाए हैं। इस राशि का उपयोग अगले 12 से 18 महीनों में चार महत्वपूर्ण इन-ऑर्बिट मिशनों (RIG-X, VEDA-X, और SAMA-X) के लिए किया जाएगा। ये मिशन यह साबित करेंगे कि एक अंतरिक्ष यान दूसरे यान के करीब सुरक्षित रूप से कैसे पहुंच सकता है और डॉकिंग कर सकता है।

क्या आप जानते हैं?: अंतरिक्ष मलबे की समस्या इतनी गंभीर है कि हजारों निष्क्रिय उपग्रह और टुकड़े पृथ्वी की कक्षा में घूम रहे हैं, जो सक्रिय उपग्रहों के लिए खतरा पैदा करते हैं।

Frequently Asked Questions

1. InspeCity का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इसका मुख्य उद्देश्य अंतरिक्ष में उपग्रहों की मरम्मत, रिफ्यूलिंग और उन्हें कक्षा से बाहर (de-orbit) करना है ताकि उनका जीवनकाल बढ़ाया जा सके।

2. इस स्टार्टअप को फंडिंग किसने दी है?
इसे Speciale Invest और आशीष कचोलिया के नेतृत्व में Antler India और Shastra VC जैसे निवेशकों ने फंड किया है।