भारतीय सरकार द्वारा मालवेयर घोटाले की चेतावनी के बाद मेटा ने फेसबुक और इंस्टाग्राम से दर्जनों विज्ञापन हटा दिए हैं। ये विज्ञापन अश्लील सामग्री का उपयोग करके उपयोगकर्ताओं को बैंकिंग विवरण चुराने वाले ऐप्स डाउनलोड करने के लिए लुभा रहे थे।
- भारत सरकार की चेतावनी के बाद मेटा ने फेसबुक और इंस्टाग्राम से कई विज्ञापन हटाए।
- स्कैमर्स बैंकिंग विवरण चुराने के लिए अश्लील सामग्री का उपयोग कर रहे थे।
- 2025 में भारत में साइबर धोखाधड़ी से लगभग $2.4 बिलियन का नुकसान हुआ।
- मालवेयर ऐप्स उपयोगकर्ताओं के OTP और बैंक PIN चोरी कर रहे थे।
भारत सरकार द्वारा एक बड़े मालवेयर अभियान की चेतावनी के बाद, मेटा (Meta) ने सोमवार को अपने प्लेटफॉर्म फेसबुक और इंस्टाग्राम से दर्जनों विज्ञापनों को हटा दिया। सरकार ने पाया कि ये विज्ञापन यौन रूप से स्पष्ट (sexually explicit) सामग्री का उपयोग करके उपयोगकर्ताओं को ऐसे दुर्भावनापूर्ण ऐप्स डाउनलोड करने के लिए प्रेरित कर रहे थे, जो बैंक खातों को खाली करने में सक्षम थे।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, ये विज्ञापन “Night Play” और “Kyss” जैसे नामों से चल रहे थे। ये विज्ञापन उपयोगकर्ताओं को फिशिंग वेबसाइटों पर ले जाते थे, जहाँ उन्हें “Movexa.apk” जैसी फाइलें डाउनलोड करने के लिए कहा जाता था। चूंकि ये फाइलें आधिकारिक ऐप स्टोर के बाहर से डाउनलोड कराई जा रही थीं, इसलिए ये फोन की सुरक्षा प्रणालियों को आसानी से भेद सकती थीं।
BozokMedia के विश्लेषण से पता चलता है कि यह घटना मेटा की विज्ञापन समीक्षा प्रक्रिया में एक गंभीर खामी को उजागर करती है। हालांकि कंपनी की नीतियां नग्नता और धोखाधड़ी वाले विज्ञापनों को प्रतिबंधित करती हैं, लेकिन सरकारी चेतावनी के बाद भी इन विज्ञापनों का सक्रिय रहना चिंताजनक है। भारत में डिजिटल भुगतान के बढ़ते चलन ने साइबर अपराधियों के लिए एक बड़ा अवसर पैदा कर दिया है।
सोशल मीडिया विज्ञापनों के माध्यम से APK-आधारित मालवेयर का प्रसार सोशल इंजीनियरिंग का एक खतरनाक रूप है, जो गूगल प्ले स्टोर की सुरक्षा को पूरी तरह बाईपास कर देता है।
साइबर अपराध का पैमाना डराने वाला है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 2025 में भारत में साइबर धोखाधड़ी के कारण लगभग $2.4 बिलियन का नुकसान हुआ है। यह केवल मेटा तक सीमित नहीं है; हाल ही में भारत सरकार ने गूगल को भी अपने फायरबेस प्लेटफॉर्म पर सैकड़ों खातों को बंद करने का निर्देश दिया था, जिनका उपयोग बैंकों के नाम पर धोखाधड़ी के लिए किया जा रहा था।
एक रिपोर्ट के अनुसार, मेटा ने आंतरिक रूप से अनुमान लगाया था कि घोटाले और प्रतिबंधित सामानों के विज्ञापन उसकी 2024 की कमाई का लगभग 10% (करीब $16 बिलियन) हिस्सा हो सकते हैं। यह स्थिति संकेत देती है कि सुरक्षा मानकों की तुलना में राजस्व को अधिक प्राथमिकता दी जा रही है।
प्रश्न 1: यह घोटाला कैसे काम करता था?
स्कैमर्स अश्लील विज्ञापनों के जरिए यूजर्स को वेबसाइट पर ले जाते थे, जहाँ से एक APK फाइल डाउनलोड कराई जाती थी। यह ऐप फोन से OTP और पिन चोरी कर पैसे निकाल लेता था।
प्रश्न 2: उपयोगकर्ता खुद को कैसे सुरक्षित रख सकते हैं?
किसी भी विज्ञापन या अनजान लिंक से ऐप डाउनलोड न करें; हमेशा केवल गूगल प्ले स्टोर या एप्पल ऐप स्टोर का ही उपयोग करें।