अगस्त के महीने में भारत ने मौसम का एक अजीब पैटर्न देखा, जहाँ कई क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश हुई लेकिन राष्ट्रीय स्तर पर औसत बारिश में 16.3% की गिरावट दर्ज की गई। लो प्रेशर सिस्टम और वेस्टर्न डिस्टर्बेंस की असामान्य सक्रियता ने मानसून के मिजाज को बदल दिया है।
- पूरे देश में अगस्त के दौरान सामान्य से 16.3% कम बारिश दर्ज की गई।
- लो प्रेशर सिस्टम इस महीने 26 दिनों तक सक्रिय रहे, जो सामान्य से काफी अधिक है।
- तापमान के मामले में अगस्त 1901 के बाद चौथा सबसे गर्म महीना रहा।
- मेघालय में मानसून सीजन के दौरान 58% की भारी कमी देखी गई।
भारत में इस वर्ष अगस्त का महीना मौसम विज्ञानियों के लिए एक पहेली बना हुआ है। एक ओर जहाँ देश के कई हिस्सों में लो प्रेशर सिस्टम और वेस्टर्न डिस्टर्बेंस (पश्चिमी विक्षोभ) के कारण मूसलाधार बारिश का दौर चला, वहीं दूसरी ओर राष्ट्रीय औसत बारिश में 16.3% की भारी कमी देखी गई। यह विरोधाभास मानसून के बदलते स्वरूप की ओर इशारा करता है।
मौसम विभाग (IMD) के आंकड़ों के अनुसार, अगस्त में बंगाल की खाड़ी से कुल 6 लो प्रेशर सिस्टम बने, जिनमें से 2 गहरे डिप्रेशन में तब्दील हो गए। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि ये सिस्टम सामान्य दिनों की तुलना में कहीं अधिक समय तक सक्रिय रहे। जहाँ आमतौर पर ये सिस्टम 16.3 दिन सक्रिय रहते हैं, वहीं इस बार ये पूरे 26 दिनों तक सक्रिय रहे।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows कि मानसून के पैटर्न में यह बदलाव न केवल कृषि उत्पादन को प्रभावित कर सकता है, बल्कि यह जलवायु परिवर्तन के बढ़ते प्रभावों का भी एक स्पष्ट संकेत है। लो प्रेशर सिस्टम का लंबे समय तक रुकना और वेस्टर्न डिस्टर्बेंस का मानसून के दौरान सक्रिय होना, पारंपरिक मौसम चक्र को पूरी तरह से बाधित कर रहा है।
लो प्रेशर सिस्टम की असामान्य सक्रियता और वेस्टर्न डिस्टर्बेंस का मेल मानसून की पारंपरिक दिशा और तीव्रता को बदल रहा है।
क्षेत्रीय स्तर पर देखें तो पूर्वी, पूर्व-मध्य और उत्तर-पश्चिम भारत में बारिश का प्रभाव सबसे अधिक रहा। हालांकि, दक्षिण भारत में स्थिति काफी चिंताजनक रही, जहाँ अगस्त में सामान्य से 27.1% कम बारिश हुई। आंध्र प्रदेश में तो मानसून सीजन के दौरान 42% की भारी कमी दर्ज की गई है।
तापमान के आंकड़ों ने भी सबको चौंका दिया है। अगस्त का महीना न केवल बारिश के लिए बल्कि गर्मी के लिए भी रिकॉर्ड तोड़ रहा है। देश का औसत अधिकतम तापमान 1901 के बाद अगस्त का चौथा सबसे गर्म महीना रहा, जबकि औसत न्यूनतम तापमान पिछले 126 वर्षों में सबसे अधिक दर्ज किया गया।
| क्षेत्र | बारिश में कमी/वृद्धि (%) |
|---|---|
| देश का औसत | 16.3% कम |
| दक्षिण भारत | 27.1% कम |
| मेघालय | 58% कम |
| लद्दाख | 195% अधिक |
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: अगस्त में बारिश कम होने का मुख्य कारण क्या है?
उत्तर: लो प्रेशर सिस्टम का एक ही स्थान पर अधिक समय तक रुकना और वर्षा के वितरण में क्षेत्रीय असंतुलन इसका मुख्य कारण है।
प्रश्न 2: किस राज्य में सबसे कम बारिश हुई?
उत्तर: मेघालय में इस मानसून सीजन में सबसे बड़ी कमी (58%) दर्ज की गई है।