रूसी स्टार्टअप 'मोस्तिक' ने एक क्रांतिकारी तकनीक विकसित की है जिससे AI मॉडल बिना टेक्स्ट का उपयोग किए सीधे गणितीय मानों के माध्यम से संवाद कर सकते हैं। यह नवाचार छोटे मॉडलों की बुद्धिमत्ता को बड़े मॉडलों के स्तर तक पहुँचाने में सक्षम है।
- मोस्तिक (Mostik) स्टार्टअप ने AI मॉडलों के बीच 'मशीन टेलीपैथी' जैसा संचार विकसित किया है।
- यह तकनीक टेक्स्ट के बजाय मॉडलों के 'वेट्स' (weights) का उपयोग करके संवाद करती है।
- इससे छोटे और सस्ते मॉडल, बड़े और महंगे मॉडलों के बराबर प्रदर्शन कर सकते हैं।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दुनिया में एक अभूतपूर्व क्रांति देखी जा रही है। रूसी गणितज्ञों के एक समूह ने एक ऐसी तकनीक विकसित की है जो AI मॉडलों को एक-दूसरे से संवाद करने की अनुमति देती है, और वह भी बिना किसी लिखित शब्द या टेक्स्ट के। मोस्तिक (Mostik) नामक स्टार्टअप द्वारा विकसित यह दृष्टिकोण 'मशीन टेलीपैथी' के समान है, जहाँ मॉडल सीधे अपने गणितीय मूल्यों (mathematical weights) के माध्यम से जानकारी साझा करते हैं।
इस तकनीक का मुख्य उद्देश्य विभिन्न AI मॉडलों की क्षमताओं को जोड़ना है। सामान्यतः, एक बड़े मॉडल का आउटपुट दूसरे मॉडल को देने में बहुत समय और पैसा खर्च होता है। लेकिन मोस्तिक की विधि में, एक बड़े मॉडल की बुद्धिमत्ता को सीधे छोटे मॉडल के गणितीय ढांचे में समाहित किया जा सकता है, जिससे छोटे मॉडल की कार्यक्षमता में भारी वृद्धि होती है।
यह क्यों महत्वपूर्ण है?
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह तकनीक AI के भविष्य को पूरी तरह बदल सकती है। वर्तमान में, OpenAI और Anthropic जैसे दिग्गज 'मोनोलिथिक' (एकल और विशाल) मॉडलों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। इसके विपरीत, मोस्तिक का दृष्टिकोण मॉडलों के 'एन्सेम्बल' (समूह) पर आधारित है। यदि यह तकनीक सफल होती है, तो ओपन-सोर्स मॉडल भी बड़े और महंगे क्लोज्ड-सोर्स मॉडलों को कड़ी टक्कर दे पाएंगे।
भविष्य के AI का विकास विशाल मॉडलों के बजाय विभिन्न विशेषज्ञ मॉडलों के कुशल मिलन से होगा।
मोस्तिक की टीम ने इस तकनीक का उपयोग करके ARC-AGI जैसी कठिन प्रतियोगिता में शीर्ष स्थान हासिल किया है। उन्होंने चीन के दो मॉडलों—753 बिलियन पैरामीटर वाले GLM-5.2 और मोबाइल पर चलने वाले 4-बिलियन पैरामीटर वाले Qwen-3.5—के बीच एक 'पुल' बनाया। परिणाम स्वरूप, एक ऐसा हाइब्रिड सिस्टम तैयार हुआ जिसकी लागत मूल मॉडल की तुलना में केवल 1/20 थी, लेकिन प्रदर्शन दोनों के बीच का एक उत्कृष्ट संतुलन था।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
मशीन लर्निंग में 'एन्सेम्बल लर्निंग' का सिद्धांत पुराना है, जहाँ कई मॉडलों के परिणामों को मिलाकर बेहतर निर्णय लिए जाते हैं। लेकिन अब तक, यह प्रक्रिया टेक्स्ट या डेटा ट्रांसफर पर निर्भर थी। मोस्तिक ने इस बाधा को गणितीय स्तर पर हल करके एक नया रास्ता दिखाया है।
| विशेषता | पारंपरिक विधि | मोस्तिक तकनीक |
|---|---|---|
| संचार माध्यम | टेक्स्ट/डेटा आउटपुट | गणितीय वेट्स (Weights) |
| लागत | अत्यधिक उच्च | बहुत कम (1/20 तक) |
| गति | धीमी | अत्यधिक तीव्र |
मोस्तिक की सीईओ साशा मालिशेवा और मुख्य वैज्ञानिक स्टैनिस्लाव स्मिरनोव (फील्ड्स मेडलिस्ट) का मानना है कि यह तकनीक मानव मस्तिष्क के सोचने के तरीके और AI के बीच के अंतर को समझने में भी मदद कर सकती है।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: 'मशीन टेलीपैथी' क्या है?
उत्तर: यह AI मॉडलों के बीच बिना शब्दों के, सीधे उनके गणितीय पैरामीटर्स के माध्यम से होने वाला संचार है।
प्रश्न 2: इससे आम उपयोगकर्ताओं को क्या लाभ होगा?
उत्तर: इससे शक्तिशाली AI तकनीक मोबाइल उपकरणों और सस्ते हार्डवेयर पर भी आसानी से उपलब्ध हो सकेगी।