विशाखापत्तनम में आयोजित QUEST-AI सम्मेलन में विशेषज्ञों ने एआई की विश्वसनीयता के लिए स्वच्छ और विविध डेटा की आवश्यकता पर जोर दिया। विशेषज्ञों ने क्वांटम तकनीक और परमाणु ऊर्जा के संगम पर भी चर्चा की।
- एआई की सटीकता के लिए 'बिग डेटा' के बजाय 'क्लीन और विविध डेटा' पर ध्यान देना आवश्यक है।
- सिंथेटिक डेटा का अत्यधिक उपयोग लार्ज लैंग्वेज मॉडल्स (LLMs) में त्रुटियों को बढ़ा सकता है।
- भविष्य के डेटा सेंटरों के लिए परमाणु ऊर्जा एक महत्वपूर्ण समाधान हो सकती है।
विशाखापत्तनम में आंध्र विश्वविद्यालय इंजीनियरिंग कॉलेज द्वारा आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन 'क्वांटम एन्हांस्ड सस्टेनेबल टेक्नोलॉजीज फॉर एआई सिस्टम्स' (QUEST-AI) में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के भविष्य को लेकर महत्वपूर्ण विमर्श हुआ। इस सम्मेलन में दुनिया भर के विशेषज्ञों ने इस बात पर जोर दिया कि एआई प्रणालियों की विश्वसनीयता पूरी तरह से डेटा की गुणवत्ता पर निर्भर करती है।
टेक्नो इंटरनेशनल न्यू टाउन के प्रोफेसर और एआई विशेषज्ञ निलंजन डे ने कहा कि मशीन लर्निंग एल्गोरिदम डेटा पर आधारित होते हैं। यदि डेटा की गुणवत्ता खराब है, तो परिणाम भी दोषपूर्ण होंगे। उन्होंने एक महत्वपूर्ण बिंदु उठाते हुए कहा कि शोधकर्ताओं को केवल 'बिग डेटा' (विशाल डेटा) के पीछे भागने के बजाय 'क्लीन और विविध डेटा' पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। उन्होंने 'स्मॉल डेटा' (सीमित डेटा) के महत्व को भी रेखांकित किया, जहाँ डेटा की उपलब्धता कम होती है।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि जैसे-जैसे हम एआई पर अधिक निर्भर होते जा रहे हैं, डेटा की शुद्धता एक वैश्विक सुरक्षा और सटीकता का मुद्दा बन गई है। गलत डेटा न केवल गलत निर्णय ले सकता है, बल्कि एआई मॉडल में पूर्वाग्रह (bias) भी पैदा कर सकता है।
सिंथेटिक डेटा का उपयोग केवल तभी किया जाना चाहिए जब वास्तविक डेटा की कमी हो, अन्यथा यह LLMs में त्रुटियों को बढ़ा सकता है।
सम्मेलन के समापन सत्र में, BARC के वरिष्ठ वैज्ञानिक एस. प्रवीण कुमार ने भविष्य की तकनीक पर रोशनी डाली। उन्होंने बताया कि क्वांटम तकनीक और एआई का मेल भविष्य की दिशा तय करेगा। उन्होंने डेटा केंद्रों की बढ़ती बिजली की जरूरतों को देखते हुए परमाणु ऊर्जा को एक स्थायी विकल्प के रूप में प्रस्तावित किया। उन्होंने 'क्वांटम-एन्हांस्ड एआई डेटा सेंटरों' की अवधारणा भी पेश की।
इसके अतिरिक्त, ऑस्ट्रेलिया के बॉन्ड यूनिवर्सिटी से ग्रेग स्कुल्मोस्की ने विश्वविद्यालय अनुसंधान को वास्तविक दुनिया के व्यावसायिक अनुप्रयोगों में बदलने की आवश्यकता पर बल दिया। वहीं, NIT-वारंगल के NVSN शर्मा ने रक्षा और स्वास्थ्य सेवा में टेराहर्ट्ज़ (Terahertz) तकनीक के अनुप्रयोगों पर चर्चा की।
Frequently Asked Questions
1. एआई के लिए 'क्लीन डेटा' क्यों महत्वपूर्ण है?
क्लीन डेटा यह सुनिश्चित करता है कि एआई मॉडल सटीक और निष्पक्ष परिणाम दें, जबकि खराब डेटा गलत और हानिकारक निर्णय ले सकता है।
2. क्या परमाणु ऊर्जा डेटा केंद्रों के लिए उपयोगी है?
हाँ, विशेषज्ञों के अनुसार, एआई डेटा केंद्रों की भारी बिजली खपत को पूरा करने के लिए परमाणु ऊर्जा एक स्थिर और टिकाऊ स्रोत हो सकती है।