कर्नाटक सरकार के 'बियॉन्ड बेंगलुरु मिशन' के तहत आयोजित HDB टेकसेलरेशन 2026 ने हुबली-धारवाड़-बेलगावी क्षेत्र में निवेश और स्टार्टअप की अपार संभावनाओं को उजागर किया है। इस शिखर सम्मेलन में 700 से अधिक प्रतिनिधियों और 100 स्टार्टअप्स ने हिस्सा लिया।

  • HDB क्षेत्र में वर्तमान में 158 आईटी कंपनियां और 800 से अधिक DPIIT-मान्यता प्राप्त स्टार्टअप मौजूद हैं।
  • क्षेत्र में निवेश आकर्षित करने के लिए ₹56 करोड़ का सरकारी समर्थन और 24 एकड़ का आईटी पार्क उपलब्ध है।
  • एयरोस्पेस (Airbus, Boeing) और जापानी निवेश के कारण यह क्षेत्र एक महत्वपूर्ण मोड़ पर है।
  • शिखर सम्मेलन का मुख्य ध्यान AI, इलेक्ट्रिक वाहन और सेमीकंडक्टर जैसे क्षेत्रों पर है।

हुबली, कर्नाटक: कर्नाटक सरकार के महत्वाकांक्षी 'बियॉन्ड बेंगलुरु मिशन' के तहत आयोजित दो दिवसीय HDB (हुबली-धारवाड़-बेलगावी) टेकसेलरेशन 2026 का भव्य शुभारंभ हुआ। इस छठे संस्करण ने तकनीकी नवाचार और औद्योगिक विकास के एक नए युग की शुरुआत की है, जिसमें 700 से अधिक प्रतिनिधियों, 100 स्टार्टअप्स और 25 प्रमुख निवेशकों ने शिरकत की।

KDEM के मुख्य कार्यकारी अधिकारी संजीव कुमार गुप्ता ने उद्घाटन सत्र के दौरान कहा कि यह क्षेत्र अब एक 'महत्वपूर्ण मोड़' पर पहुंच गया है। उन्होंने बताया कि इस क्षेत्र में उद्योगों, स्टार्टअप्स और प्रतिभा का एक मजबूत आधार तैयार हो चुका है। वर्तमान में यहाँ 158 आईटी कंपनियां और 800 से अधिक DPIIT-मान्यता प्राप्त स्टार्टअप कार्यरत हैं, जो इस क्षेत्र की बढ़ती ताकत का प्रमाण हैं।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि कर्नाटक का यह प्रयास बेंगलुरु पर अत्यधिक निर्भरता को कम करने और राज्य के अन्य हिस्सों में आर्थिक विकास को समान रूप से वितरित करने की एक रणनीतिक चाल है। HDB क्षेत्र का विकास न केवल स्थानीय रोजगार पैदा करेगा, बल्कि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में भारत की स्थिति को भी मजबूत करेगा।

HDB क्षेत्र अब केवल एक कृषि प्रधान क्षेत्र नहीं, बल्कि एयरोस्पेस और डीप-टेक का उभरता हुआ पावरहाउस है।

गुप्ता ने आगे जानकारी दी कि 38 नई कंपनियां इस क्षेत्र में अपना परिचालन स्थापित करने की योजना बना रही हैं। सरकार ने 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' के लिए ₹56 करोड़ का समर्थन और एक 24 एकड़ के आईटी पार्क की सुविधा प्रदान की है। विशेष रूप से, जापानी निवेश और AirbusBoeing जैसी एयरोस्पेस दिग्गजों से जुड़े अवसरों ने इस क्षेत्र की वैश्विक विश्वसनीयता बढ़ा दी है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

कर्नाटक सरकार का 'बियॉन्ड बेंगलुरु मिशन' राज्य के भीतर तकनीकी पारिस्थितिकी तंत्र को विकेंद्रीकृत करने के लिए शुरू किया गया था। इसका उद्देश्य उत्तर कर्नाटक के हुबली, धारवाड़ और बेलगावी जैसे शहरों को वैश्विक स्तर के तकनीकी केंद्र के रूप में विकसित करना है, ताकि प्रतिभा पलायन को रोका जा सके और स्थानीय स्तर पर नवाचार को बढ़ावा मिल सके।

बेलगावी के उद्योग प्रतिनिधि वेंकटेश पाटिल ने कहा कि HDB क्षेत्र अब उद्योग, शिक्षा और सरकार के बीच एक मजबूत सेतु बन चुका है। उन्होंने उल्लेख किया कि गुजरात और बेंगलुरु के स्टार्टअप अब इस क्षेत्र के कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं। वहीं, हुबली के उद्योग प्रतिनिधि संतोष हुरालीकोप्पी ने भी इस पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने के लिए उद्योग और शैक्षणिक संस्थानों के बीच सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया।

Did You Know?: कर्नाटक का 'बियॉन्ड बेंगलुरु मिशन' भारत के सबसे बड़े क्षेत्रीय विकास कार्यक्रमों में से एक है, जिसका लक्ष्य तकनीकी विकास को राज्य के हर कोने तक पहुँचाना है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: HDB टेकसेलरेशन 2026 का मुख्य उद्देश्य क्या है?
उत्तर: इसका उद्देश्य उन्नत विनिर्माण, AI, इलेक्ट्रिक वाहन और स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा देना और निवेशकों को आकर्षित करना है।

प्रश्न 2: इस क्षेत्र में किन प्रमुख उद्योगों का विकास हो रहा है?
उत्तर: यहाँ मुख्य रूप से एयरोस्पेस, इलेक्ट्रॉनिक्स, डीप टेक्नोलॉजी, सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रिक वाहन (EV) सप्लाई चेन पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।