ज़ूम के उत्पाद और इंजीनियरिंग प्रमुख वेलचम्य शंकरलिंगम ने खुलासा किया है कि चेन्नई कंपनी के वैश्विक कॉन्टैक्ट सेंटर के विकास में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। साथ ही, AI तकनीक ग्राहक सहायता के तरीके और आवश्यक कौशल को पूरी तरह से बदल रही है।

  • चेन्नई ज़ूम के वैश्विक कॉन्टैक्ट सेंटर व्यवसाय के लिए एक प्रमुख विकास केंद्र के रूप में उभरा है।
  • AI की मदद से ज़ूम अपने सपोर्ट टिकट्स में 40% की कमी लाने का लक्ष्य रख रहा है।
  • कंपनी अब ऐसे टैलेंट को प्राथमिकता दे रही है जो AI और बिजनेस प्रोसेस दोनों को समझते हों।

चेन्नई, भारत का एक प्रमुख आईटी हब, अब वैश्विक दिग्गज ज़ूम (Zoom) के लिए एक रणनीतिक केंद्र बन गया है। ज़ूम के उत्पाद और इंजीनियरिंग के अध्यक्ष, वेलचम्य शंकरलिंगम, ने पुष्टि की है कि चेन्नई टीम कंपनी के क्लाउड-आधारित ग्राहक सेवा प्लेटफॉर्म के महत्वपूर्ण घटकों को विकसित करने में अग्रणी भूमिका निभा रही है।

ज़ूम ने 2022 में चेन्नई में अपना टेक्नोलॉजी सेंटर स्थापित किया था। शुरुआत में इसका ध्यान केवल उत्पाद विकास पर था, लेकिन अब कंपनी ने इसे अपने व्यापक विस्तार रणनीति का हिस्सा बना लिया है। ज़ूम अब केवल वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग तक सीमित नहीं है, बल्कि वर्कप्लेस सहयोग और ग्राहक जुड़ाव (Customer Engagement) के क्षेत्र में भी तेजी से कदम बढ़ा रहा है।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि भारत, विशेष रूप से चेन्नई जैसे शहर, वैश्विक सॉफ्टवेयर कंपनियों के लिए केवल 'बैक-ऑफिस' नहीं रह गए हैं, बल्कि वे अब 'कोर प्रोडक्ट डेवलपमेंट' के केंद्र बन रहे हैं। ज़ूम का यह कदम भारत की इंजीनियरिंग क्षमता पर वैश्विक भरोसे को दर्शाता है।

AI केवल कार्यों को स्वचालित नहीं कर रहा है, बल्कि यह डेटा के माध्यम से उत्पाद की खामियों को पहचानने का एक नया जरिया बन गया है।

AI का प्रभाव ज़ूम के आंतरिक संचालन में भी स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। शंकरलिंगम के अनुसार, ज़ूम अपने स्वयं के AI क्षमताओं का उपयोग कर रहा है, जिससे वर्तमान में 95% से अधिक आने वाले सपोर्ट टिकटों को वर्चुअल एजेंटों द्वारा संभाला जा रहा है। कंपनी का लक्ष्य सपोर्ट टिकट्स में 40% की भारी कमी लाना है।

दिलचस्प बात यह है कि ज़ूम का दृष्टिकोण केवल स्वचालन (Automation) तक सीमित नहीं है। वे सपोर्ट बातचीत से उत्पन्न डेटा का विश्लेषण करते हैं ताकि उत्पाद टीमों को फीडबैक दिया जा सके और समस्याओं के मूल कारणों को हल किया जा सके।

AI और भविष्य का टैलेंट

AI के बढ़ते प्रभाव ने भर्ती के मानकों को भी बदल दिया है। पहले जहाँ केवल गहरे AI और मशीन लर्निंग विशेषज्ञों की मांग थी, वहीं अब कंपनी ऐसे पेशेवरों की तलाश कर रही है जो AI क्षमताओं को व्यावसायिक प्रक्रियाओं (Business Processes) के साथ जोड़ सकें।

Did You Know?: ज़ूम अपने AI मॉडल के लिए OpenAI, Anthropic और Google जैसे दिग्गजों के साथ एक 'मल्टी-मॉडल' रणनीति अपनाता है।

Frequently Asked Questions

1. ज़ूम चेन्नई में क्या काम कर रहा है?
चेन्नई टीम ज़ूम के वैश्विक कॉन्टैक्ट सेंटर के महत्वपूर्ण क्लाउड-आधारित घटकों और उत्पाद विकास पर काम कर रही है।

2. क्या AI से नौकरियों पर खतरा है?
शंकरलिंगम के अनुसार, कंपनी का लक्ष्य कर्मचारियों को कम दोहराव वाले कार्यों से हटाकर अधिक जटिल और रचनात्मक कार्यों की ओर ले जाना है।