C-DOT के सीईओ राजकुमार उपाध्याय ने पुष्टि की है कि प्राकृतिक आपदाओं और मौसम संबंधी खतरों के लिए आपातकालीन सेल ब्रॉडकास्टिंग सेवा (CBS) फिर से शुरू हो गई है। भारत अब इस जटिल तकनीक प्रदान करने वाले दुनिया के चुनिंदा देशों में शामिल है।

  • आपातकालीन सेल ब्रॉडकास्टिंग सेवा (CBS) अब मौसम और आपदा अलर्ट के लिए फिर से सक्रिय है।
  • C-DOT दुनिया में इस महत्वपूर्ण तकनीक प्रदान करने वाला केवल तीसरा संस्थान है।
  • भारत 6G तकनीक में वैश्विक स्तर पर बराबरी करने की तैयारी कर रहा है।

नई दिल्ली: सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ टेलीमैटिक्स (C-DOT) के सीईओ राजकुमार उपाध्याय ने घोषणा की है कि भारत में अत्यधिक मौसम की घटनाओं और प्राकृतिक आपदाओं के लिए आपातकालीन सेल ब्रॉडकास्टिंग सेवा (CBS) को सफलतापूर्वक फिर से शुरू कर दिया गया है। यह सेवा दूरसंचार उपयोगकर्ताओं को तत्काल चेतावनी भेजने के लिए महत्वपूर्ण है।

यह प्रणाली C-DOT द्वारा विकसित की गई है और इसे राज्य आपदा प्रबंधन एजेंसियों (SDMAs) द्वारा संचालित किया जाता है। हाल ही में मध्य दिल्ली में एक गलत अलर्ट भेजे जाने के बाद यह सेवा कुछ समय के लिए बाधित हुई थी। उपाध्याय ने बताया कि इस तकनीक की जटिलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि एक ही संदेश को अलग-अलग वेंडरों जैसे Motorola, Siemens, ZTE, और Huawei के विभिन्न रेडियो संस्करणों तक पहुँचाने के लिए उन्हें 300 से 350 एडैप्टर लिखने पड़े।

तकनीकी जटिलता और वैश्विक स्थिति

C-DOT की यह उपलब्धि भारत को तकनीकी रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। उपाध्याय के अनुसार, C-DOT दुनिया में सेल ब्रॉडकास्ट सिस्टम सेवा प्रदान करने वाला केवल तीसरा प्रदाता है। सॉफ्टवेयर की जटिल प्रकृति के कारण इस स्तर की तकनीक विकसित करना बेहद कठिन है।

एक एकल संदेश को हर प्रकार के रेडियो और ऑपरेटर के कोर तक पहुँचाना तकनीकी रूप से एक बहुत बड़ी चुनौती है जिसे हमने सफलतापूर्वक पार कर लिया है।

हाल ही में जर्मनी स्थित Utimaco ने इस परियोजना को C-DOT को सौंपने के संबंध में सरकार के खिलाफ दिल्ली उच्च न्यायालय में मामला दर्ज किया था, लेकिन अदालत ने सरकार के पक्ष में फैसला सुनाया।

आत्मनिर्भर भारत और 6G का भविष्य

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'आत्मनिर्भर भारत' अभियान ने C-DOT के लिए एक नया मार्ग प्रशस्त किया है। उपाध्याय ने स्पष्ट किया कि 4G तकनीक पर ध्यान केंद्रित करना भविष्य की नींव रखने जैसा था, जिससे 5G और 6G की ओर संक्रमण आसान हो जाएगा।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण दिखाता है कि भारत का दूरसंचार क्षेत्र अब केवल उपभोगकर्ता नहीं, बल्कि निर्माता बनने की ओर अग्रसर है। मानक-अनिवार्य पेटेंट (SEPs) के कारण वैश्विक कंपनियों का दबदबा है, लेकिन स्वदेशी तकनीक के माध्यम से भारत इस वर्चस्व को चुनौती दे सकता है।

Did You Know?: भारत 6G तकनीक के क्षेत्र में दुनिया के साथ बराबरी पर है, जहाँ लक्ष्य कम से कम 10% बौद्धिक संपदा अधिकार (IPR) हासिल करना है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: सेल ब्रॉडकास्टिंग सेवा (CBS) क्या है?
उत्तर: यह एक ऐसी तकनीक है जो प्राकृतिक आपदाओं के समय सीधे मोबाइल उपयोगकर्ताओं के फोन पर चेतावनी संदेश भेजती है।

प्रश्न 2: C-DOT का मुख्य लक्ष्य क्या है?
उत्तर: C-DOT का लक्ष्य दूरसंचार उपकरणों के क्षेत्र में भारत को आत्मनिर्भर बनाना और स्वदेशी 4G/5G/6G तकनीक विकसित करना है।