ऑस्ट्रेलिया सरकार सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के लिए एक नया कानून लाने की तैयारी में है, जिससे यूजर्स को एल्गोरिदम आधारित फीड को 'ऑप्ट-आउट' करने का विकल्प मिलेगा।

  • ऑस्ट्रेलिया सरकार सोशल मीडिया एल्गोरिदम को नियंत्रित करने के लिए नया कानून लाएगी।
  • यूजर्स के पास 'रिकमेंडेड कंटेंट' को बंद करने का विकल्प होगा।
  • मेटा जैसी बड़ी कंपनियों पर 'डिजिटल ड्यूटी ऑफ केयर' लागू करने का प्रयास।
  • सोशल मीडिया के लत लगाने वाले स्वभाव पर लगाम लगाने की कोशिश।

ऑस्ट्रेलियाई सरकार इस सप्ताह एक महत्वपूर्ण कानून पेश करने की योजना बना रही है, जो सोशल मीडिया दिग्गजों के 'शक्तिशाली' एल्गोरिदम को चुनौती देगा। संचार मंत्री अनिका वेल्स ने घोषणा की है कि इस प्रस्तावित कानून के तहत, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को अपने उपयोगकर्ताओं को एल्गोरिदम आधारित कंटेंट फीड को बंद करने (Opt-out) का विकल्प देना अनिवार्य होगा।

यह कदम बिग टेक कंपनियों, विशेष रूप से Meta जैसी कंपनियों के विरुद्ध उठाया जा रहा है। सरकार का मानना है कि इन कंपनियों की एक 'डिजिटल ड्यूटी ऑफ केयर' (डिजिटल देखभाल का कर्तव्य) है, ताकि ऑनलाइन होने वाले नुकसानों को कम किया जा सके। वर्तमान में, एल्गोरिदम का उपयोग उपयोगकर्ताओं को अधिक समय तक ऐप पर बनाए रखने के लिए किया जाता है, जो अक्सर सनसनीखेज या चरम सामग्री की ओर ले जाता है।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, यह कानून वैश्विक स्तर पर डिजिटल संप्रभुता की दिशा में एक बड़ा कदम है। यदि ऑस्ट्रेलिया सफल होता है, तो यह दुनिया भर के अन्य देशों के लिए एक मॉडल बन सकता है जो सोशल मीडिया की लत और मानसिक स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं से जूझ रहे हैं।

'बिग टेक को उपयोगकर्ताओं को विकल्प देना चाहिए और उनके चुनाव का सम्मान करना चाहिए।' - अनिका वेल्स

हालांकि, इस प्रस्ताव को राजनीतिक विरोध का भी सामना करना पड़ रहा है। विपक्षी नेता एंगस टेलर ने इस बिल पर संदेह व्यक्त किया है। उनका तर्क है कि यह सरकार द्वारा सोशल मीडिया पर सेंसरशिप लगाने का एक प्रयास हो सकता है। हालांकि, अभी तक बिल का विस्तृत विवरण सार्वजनिक नहीं किया गया है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

दिसंबर 2025 में, ऑस्ट्रेलिया ने दुनिया में पहली बार 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगाने का ऐतिहासिक कदम उठाया था। इस कदम का उद्देश्य बच्चों को ऑनलाइन बुलिंग और 'शिकारी एल्गोरिदम' (Predatory Algorithms) से बचाना था। हालिया डेटा से पता चलता है कि प्रतिबंध के बावजूद इंस्टाग्राम और टिकटॉक जैसे ऐप्स का उपयोग बढ़ रहा है, जिसने सरकार को अब एल्गोरिदम नियंत्रण की ओर धकेला है।

Did You Know?: एल्गोरिदम का मुख्य उद्देश्य उपयोगकर्ता के व्यवहार का पूर्वानुमान लगाना है ताकि उन्हें वह दिखाया जा सके जो उन्हें ऐप पर रोके रखे।

Frequently Asked Questions

1. क्या यह कानून सभी सोशल मीडिया ऐप्स पर लागू होगा?
प्रस्ताव के अनुसार, यह उन सभी प्रमुख प्लेटफार्मों पर लागू होगा जो एल्गोरिदम आधारित अनुशंसाएँ प्रदान करते हैं।

2. 'ऑप्ट-आउट' का क्या अर्थ है?
इसका अर्थ है कि उपयोगकर्ता बिना किसी एल्गोरिदम के हस्तक्षेप के, केवल क्रोनोलॉजिकल (समय के अनुसार) फीड देख सकेंगे।