भारत ने आपदा प्रबंधन को मजबूत करने के लिए अपने स्वदेशी सेल ब्रॉडकास्ट सिस्टम (CBS) को फिर से सक्रिय किया है। यह तकनीक भूकंप और सुनामी जैसी आपात स्थितियों में सेकंडों के भीतर लाखों लोगों को चेतावनी भेजने में सक्षम है।
- C-DOT द्वारा विकसित स्वदेशी सेल ब्रॉडकास्ट सिस्टम (CBS) अब भारत में पूरी तरह सक्रिय है।
- यह सिस्टम बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप के भूकंप, सुनामी और बिजली गिरने जैसी आपदाओं की चेतावनी दे सकता है।
- यह तकनीक 2G से लेकर आधुनिक स्मार्टफोन तक, लगभग सभी हैंडसेट के साथ काम करती है।
भारत सरकार ने देश में आपदा प्रबंधन को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने के लिए सेल ब्रॉडकास्ट सिस्टम (CBS) को फिर से शुरू किया है। सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ टेलीमैटिक्स (C-DOT) के सीईओ राजकुमार उपाध्याय के अनुसार, यह प्रणाली प्राकृतिक आपदाओं और चरम मौसम की स्थिति में दूरसंचार उपयोगकर्ताओं तक कुछ ही सेकंड में अलर्ट पहुंचाने में सक्षम है। हाल ही में दिल्ली में एक गलत अलर्ट के कारण राज्य आपदा प्रबंधन एजेंसियों (SDMA) ने इसे कुछ समय के लिए रोका था, लेकिन अब इसे पुनः बहाल कर दिया गया है।
यह तकनीक कैसे काम करती है?
CBS एक ऐसी प्रणाली है जो विशिष्ट भौगोलिक क्षेत्रों में मौजूद सभी मोबाइल फोन पर एक प्रमुख अलर्ट प्रदर्शित करती है। यह सामान्य मैसेजिंग प्रोटोकॉल का उपयोग करता है जिसे दुनिया के सभी प्रमुख हैंडसेट निर्माताओं ने अपनाया है। C-DOT के सीईओ ने बताया कि यह एक अत्यंत जटिल तकनीक है क्योंकि बाजार में विभिन्न कंपनियों के रेडियो गियर (जैसे मोटोरोला, सीमेंस, ZTE और हुआवेई) उपलब्ध हैं।
इस प्रणाली को सार्वभौमिक बनाने के लिए C-DOT को लगभग 300-350 अलग-अलग एडेप्टर्स के लिए कोड लिखना पड़ा। इस प्रक्रिया में BSNL के नेटवर्क ने एक 'तकनीकी संग्रहालय' के रूप में कार्य किया, जिससे यह सुनिश्चित हुआ कि यदि सिस्टम BSNL के विविध बुनियादी ढांचे पर काम करता है, तो यह किसी भी अन्य नेटवर्क पर आसानी से काम करेगा।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि CBS का कार्यान्वयन भारत की 'डिजिटल संप्रभुता' की दिशा में एक बड़ा कदम है। निजी विदेशी कंपनियों के बजाय C-DOT जैसे घरेलू संस्थान द्वारा इसे विकसित करना यह सुनिश्चित करता है कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा विदेशी नियंत्रण से मुक्त रहे। यह प्रणाली न केवल जीवन बचाएगी बल्कि घबराहट को कम कर व्यवस्थित निकासी में मदद करेगी।
"सेल ब्रॉडकास्ट सिस्टम का असली मूल्य इसकी गति और व्यापक पहुंच में है, जो पारंपरिक SMS की तुलना में कहीं अधिक प्रभावी है।"
अलर्ट की गति और स्वचालन
CBS की सबसे बड़ी विशेषता इसकी गति है। एक बार अलर्ट भेजे जाने के बाद, यह पूरे जिले, राज्य या देश तक सेकंडों में पहुंच सकता है। आमतौर पर, अलर्ट भेजने की जिम्मेदारी राज्य आपदा प्रबंधन एजेंसियों (SDMA) की होती है, जो स्थानीय ज्ञान के आधार पर संदेश को संशोधित कर सकते हैं।
हालांकि, कुछ गंभीर आपदाओं जैसे भूकंप, सुनामी, गैस रिसाव और बिजली गिरने के मामलों में, सिस्टम मानवीय हस्तक्षेप का इंतजार नहीं करता है। ऐसे मामलों में, यदि 10 सेकंड के भीतर कोई कार्रवाई नहीं होती, तो सिस्टम स्वचालित रूप से अलर्ट जारी कर देता है। यह डेटा सीधे मौसम विभाग और राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) से प्राप्त होता है।
| विशेषता | पारंपरिक SMS अलर्ट | सेल ब्रॉडकास्ट सिस्टम (CBS) |
|---|---|---|
| पहुंच की गति | धीमी (नेटवर्क कंजेशन संभव) | अत्यंत तीव्र (सेकंडों में) |
| डिवाइस संगतता | केवल SMS सक्षम फोन | स्मार्टफोन और फीचर फोन दोनों |
| हस्तक्षेप | हमेशा मानवीय नियंत्रण | पूर्णतः स्वचालित विकल्प उपलब्ध |
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: क्या CBS अलर्ट के लिए इंटरनेट कनेक्शन की आवश्यकता होती है?
उत्तर: नहीं, सेल ब्रॉडकास्ट सिस्टम मोबाइल नेटवर्क के रेडियो सिग्नल का उपयोग करता है, इसलिए इसके लिए डेटा या इंटरनेट की आवश्यकता नहीं होती।
प्रश्न 2: क्या यह सिस्टम केवल नए स्मार्टफोन्स पर काम करता है?
उत्तर: नहीं, यह पिछले दशक में बेचे गए अधिकांश स्मार्टफोन्स और कई बेसिक फीचर फोन्स पर भी काम करता है।