NYU के प्रोफेसर ट्रिस्टन बकमस्टर ने OpenAI पर आरोप लगाया है कि कंपनी ने उनके गोपनीय शोध का उपयोग करके एक मिलियन डॉलर के 'नेवियर-स्टोक्स' गणितीय समस्या को हल करने की कोशिश की। यह विवाद AI नैतिकता और अकादमिक ईमानदारी पर गंभीर सवाल उठाता है।
- NYU प्रोफेसर ट्रिस्टन बकमस्टर ने OpenAI पर उनके शोध कार्य को चुराने का आरोप लगाया है।
- विवाद 'नेवियर-स्टोक्स' समस्या से जुड़ा है, जिसके समाधान पर 1 मिलियन डॉलर का इनाम है।
- आरोप है कि OpenAI ने अपनी कंप्यूटिंग शक्ति का उपयोग करके बकमस्टर के दृष्टिकोण को कॉपी किया।
- OpenAI के शोध प्रमुख सेबेस्टियन बुबेक ने इन दावों को 'झूठा और भड़काऊ' बताया है।
न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी (NYU) के गणित professor ट्रिस्टन बकमस्टर ने हाल ही में सैद्धांतिक गणित की सबसे कठिन समस्याओं में से एक पर तीन महत्वपूर्ण प्रमाण (proofs) पेश किए हैं। यह कार्य उन्होंने एंथ्रोपिक (Anthropic) के गणितज्ञ लेवेंट अल्पोगे के साथ मिलकर किया, जिसमें कोडेक्स (Codex) और क्लॉड (Claude) जैसे AI मॉडल्स की मदद ली गई। हालांकि, इस वैज्ञानिक उपलब्धि से ज्यादा चर्चा उस विवाद की हो रही है जिसने AI जगत को हिला कर रख दिया है।
बकमस्टर का दावा है कि जब वह और अल्पोगे अपने परिणामों को अंतिम रूप दे रहे थे, तब उनके शोध की गोपनीय जानकारी OpenAI तक पहुँचा दी गई। जब उन्होंने इस बारे में OpenAI से संपर्क किया, तो उन्हें बताया गया कि OpenAI ने पहले ही इस समस्या का पूर्ण प्रमाण खोज लिया है। हालांकि, जब बकमस्टर ने यह पूछा कि OpenAI ने इस पर शोध कब शुरू किया, तो कंपनी के जवाब संदिग्ध और टालमटोल वाले थे।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह मामला केवल एक गणितीय समस्या का नहीं है, बल्कि यह 'डेटा संप्रभुता' और AI कंपनियों के नैतिक व्यवहार का मुद्दा है। यदि कोई AI कंपनी किसी शोधकर्ता के इनपुट का उपयोग करके चुपके से उसी परिणाम तक पहुँचती है और फिर अपनी विशाल कंप्यूटिंग शक्ति (Compute) के दम पर उसे पहले प्रकाशित करती है, तो यह अकादमिक जगत के लिए एक खतरनाक मिसाल होगी।
विवाद का केंद्र 'नेवियर-स्टोक्स अस्तित्व और सुगमता' (Navier-Stokes existence and smoothness) समस्या है। यह क्ले मैथमेटिक्स इंस्टीट्यूट द्वारा घोषित सात 'मिलेनियम प्राइज' समस्याओं में से एक है। जो भी व्यक्ति या समूह इसका समाधान देगा, उसे 1 मिलियन डॉलर का पुरस्कार मिलेगा। ये समीकरण द्रव यांत्रिकी (Fluid Mechanics) में अत्यंत महत्वपूर्ण हैं, लेकिन सैद्धांतिक रूप से इन्हें समझना आज भी एक चुनौती है।
AI मॉडल्स का उपयोग शोध में सहायक हो सकता है, लेकिन जब AI खुद एक प्रतिस्पर्धी बन जाता है, तो यह बौद्धिक संपदा की चोरी के नए रास्ते खोलता है।
बकमस्टर का कहना है कि उन्होंने जिस विशिष्ट पद्धति का उपयोग किया, वह बहुत दुर्लभ थी। OpenAI का अचानक उसी पद्धति को अपनाना उनके लिए संदिग्ध था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि OpenAI के शोध प्रमुख सेबेस्टियन बुबेक ने उन्हें एक समझौते के रूप में अल्पोगे का नाम हटाने के लिए कहा और यहाँ तक कि उन्हें करियर बर्बाद करने की धमकी भी दी।
एक और गंभीर चिंता यह है कि बकमस्टर ने इस प्रोजेक्ट के लिए OpenAI के Codex का व्यापक उपयोग किया था। चूंकि OpenAI अपने मॉडल्स को यूजर इंटरैक्शन पर ट्रेन करता है, इसलिए यह संभव है कि AI ने बकमस्टर के काम को 'याद' कर लिया हो और उसे अपनी टीम के सामने पेश कर दिया हो।
Frequently Asked Questions
1. नेवियर-स्टोक्स समस्या क्या है?
यह तरल पदार्थों और गैसों के प्रवाह को समझने वाला एक जटिल गणितीय समीकरण है, जिसका पूर्ण सैद्धांतिक समाधान अभी तक नहीं मिला है।
2. OpenAI ने इन आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया दी?
OpenAI के सेबेस्टियन बुबेक ने इन दावों को पूरी तरह से गलत और भड़काऊ बताया है और कहा है कि उन्होंने अकादमिक मानदंडों का पालन किया है।