खतरनाक हैकर्स सुरक्षा प्रणालियों को धोखा देने के लिए गूगल की विभिन्न सेवाओं का उपयोग कर रहे हैं, जिसका उद्देश्य संवेदनशील डेटा चुराना और सिस्टम का नियंत्रण हासिल करना है।
- हमलावर सुरक्षा गेटवे को चकमा देने के लिए गूगल मीट, एनालिटिक्स और टैग मैनेजर जैसे भरोसेमंद डोमेन का उपयोग कर रहे हैं।
- यह अभियान क्रेडेंशियल चोरी करने और 'ScreenConnect' जैसे रिमोट एक्सेस टूल इंस्टॉल करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
- पीड़ितों की पहचान छुपाने के लिए URL में Base64 एन्कोडिंग और हैश फ्रैगमेंट का उपयोग किया जा रहा है।
हाल ही में साइबर सुरक्षा फर्म KnowBe4 द्वारा किए गए शोध में एक बेहद परिष्कृत फिशिंग अभियान का खुलासा हुआ है। इस हमले की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि हमलावर सीधे तौर पर किसी संदिग्ध लिंक का उपयोग नहीं कर रहे हैं, बल्कि वे Google की कई सेवाओं के माध्यम से एक 'मल्टी-हॉप' रिडायरेक्ट चेन बना रहे हैं।
आमतौर पर, ईमेल फिल्टर और सुरक्षा गेटवे संदिग्ध यूआरएल (URL) को ब्लॉक कर देते हैं। लेकिन इस मामले में, लिंक पहले गूगल मीट, डबलक्लिक (DoubleClick), गूगल कस्टम सर्च, गूगल इमेज सर्च, गूगल टैग मैनेजर और गूगल एनालिटिक्स जैसे विश्वसनीय डोमेन से होकर गुजरता है। जब सुरक्षा उपकरण इन लिंक्स की जांच करते हैं, तो उन्हें केवल भरोसेमंद गूगल डोमेन दिखाई देते हैं, जिससे लिंक आसानी से पास हो जाता है।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह हमला पारंपरिक फिशिंग से कहीं अधिक खतरनाक है क्योंकि यह 'भरोसे' (Trust) का फायदा उठाता है। जब सुरक्षा प्रणालियाँ गूगल जैसे दिग्गजों पर भरोसा करती हैं, तो हमलावर उसी भरोसे को एक ढाल की तरह इस्तेमाल करते हैं। यह दर्शाता है कि केवल डोमेन-आधारित फिल्टरिंग अब पर्याप्त नहीं है।
एक बार जब पीड़ित इस लिंक पर क्लिक करता है, तो वह एक फर्जी लैंडिंग पेज पर पहुँच जाता है। यह पेज जावास्क्रिप्ट का उपयोग करके पीड़ित की कंपनी की वेबसाइट का एक लाइव स्क्रीनशॉट प्रदर्शित करता है, जिससे यह पूरी तरह असली लगता है। इसके अलावा, यह इंटरफ़ेस बहुभाषी है, जो उपयोगकर्ता की लोकेशन के अनुसार खुद को बदल लेता है।
"जब लिंक में # के बाद ईमेल पता होता है, तो यह एक स्पष्ट संकेत है कि यह लिंक विशेष रूप से उसी व्यक्ति को निशाना बनाने के लिए बनाया गया है।"
हमलावरों ने इस अभियान के लिए दस्तावेज़ समीक्षा, क्रेडेंशियल समाप्ति, पैकेज डिलीवरी और सरकारी लाभ जैसे विभिन्न प्रलोभनों (Lures) का उपयोग किया है। जैसे ही पीड़ित अपनी जानकारी दर्ज करता है, वह डेटा कुछ ही सेकंड में हमलावर के Telegram चैनल पर पहुँच जाता है, जिसमें आईपी पता, जियोलोकेशन और ब्राउज़र विवरण शामिल होते हैं।
सुरक्षा विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि संगठनों को अपने DNS फिल्टर और SIEM स्तर पर IOCs (Indicators of Compromise) को ब्लॉक करना चाहिए और अनाधिकृत ScreenConnect इंस्टॉलेशन की जांच करनी चाहिए।
Frequently Asked Questions
1. क्या गूगल की सेवाएं वास्तव में असुरक्षित हैं?
नहीं, गूगल की सेवाएं सुरक्षित हैं, लेकिन हमलावर उनके रिडायरेक्ट फंक्शन का दुरुपयोग केवल एक 'पुल' के रूप में कर रहे हैं ताकि वे सुरक्षा फिल्टर को धोखा दे सकें।
2. हम इस तरह के हमलों से कैसे बच सकते हैं?
किसी भी ईमेल में दिए गए लिंक पर क्लिक करने से पहले यूआरएल की जांच करें और मल्टी-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (MFA) का अनिवार्य रूप से उपयोग करें।