गवर्नर मौरा हीली ने एक कार्यकारी आदेश जारी किया है जिसके तहत 25MW से बड़े डेटा सेंटरों को अपनी स्वच्छ ऊर्जा खुद जुटानी होगी या रेटपेयर प्रोटेक्शन फंड में भुगतान करना होगा।
- 25MW से अधिक क्षमता वाले डेटा सेंटरों को अपनी स्वच्छ बिजली खुद उपलब्ध करानी होगी।
- मैसाचुसेट्स ने डेटा सेंटरों के लिए बिक्री कर छूट (Sales Tax Exemption) के आवेदनों पर फिलहाल रोक लगा दी है।
- राज्य ने स्थानीय समुदायों को टेक डेवलपर्स के साथ गैर-प्रकटीकरण समझौतों (NDA) पर हस्ताक्षर न करने की सलाह दी है।
सार्वजनिक बिजली ग्रिड की सुरक्षा और जलवायु लक्ष्यों को तेजी से पूरा करने के लिए, मैसाचुसेट्स की गवर्नर मौरा हीली ने एक ऐसा कार्यकारी आदेश जारी किया है जिसने राज्य में डेटा सेंटरों के विकास के तरीके को पूरी तरह बदल दिया है। यह आदेश विशेष रूप से उन सुविधाओं को लक्षित करता है जिनकी अधिकतम मांग 25 मेगावाट (MW) से अधिक है। अब इन ऊर्जा-खपत केंद्रों को या तो अपनी स्वच्छ बिजली खुद पैदा करनी होगी या पास में नवीकरणीय ऊर्जा बुनियादी ढांचे के निर्माण में निवेश करना होगा।
नीति में यह बदलाव राज्य सरकारों और टेक उद्योग के बीच संबंधों में एक नाटकीय मोड़ है। कुछ साल पहले तक, टेक कंपनियों को राज्य में सुविधाएं स्थापित करने के लिए भारी प्रोत्साहन और टैक्स छूट दी जाती थी। हालांकि, AI की बढ़ती मांग के कारण बिजली की खपत में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है, जिससे जनता में विरोध बढ़ रहा है। लोग बिजली की बढ़ती दरों और ग्रिड पर पड़ने वाले दबाव को लेकर चिंतित हैं।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
BozokMedia के विश्लेषण से पता चलता है कि मैसाचुसेट्स का यह कदम एक व्यापक राष्ट्रीय प्रवृत्ति का हिस्सा है। रेटपेयर प्रोटेक्शन फंड में भुगतान की अनिवार्यता के माध्यम से, राज्य प्रभावी रूप से ग्रिड अपग्रेड का वित्तीय बोझ आम नागरिकों से हटाकर अरबों डॉलर की टेक कंपनियों पर डाल रहा है। यह AI के विस्तार के लिए एक नई वित्तीय बाधा पैदा करता है, जो भविष्य में बड़े डेटा केंद्रों की तैनाती को धीमा कर सकता है।
बड़ी टेक कंपनियों के लिए 'मुफ्त सवारी' का दौर खत्म हो रहा है क्योंकि राज्य अब AI विस्तार के बजाय ग्रिड स्थिरता को प्राथमिकता दे रहे हैं।
स्वच्छ ऊर्जा की आवश्यकताएं राज्य के मौजूदा कानूनों से जुड़ी हैं। इसका मतलब है कि डेवलपर्स को पवन, सौर और हाइड्रो जैसे स्वीकृत स्रोतों से बिजली का एक निश्चित हिस्सा प्राप्त करना होगा। उदाहरण के लिए, 2030 तक, उनकी कुल बिजली का कम से कम 40% इन स्रोतों से आना चाहिए। इसके अलावा, गवर्नर ने इन सौदों में गोपनीयता के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है और नगर पालिकाओं को निर्देश दिया है कि वे डेवलपर्स के साथ NDA साइन न करें।
मैसाचुसेट्स उन राज्यों की सूची में शामिल हो गया है जो टेक इंफ्रास्ट्रक्चर पर लगाम लगा रहे हैं। अगस्त में, टेक्सास के गवर्नर ग्रेग एबॉट ने ERCOT के माध्यम से नए डेटा सेंटरों के ऑडिट अनिवार्य किए, और जुलाई में न्यूयॉर्क ने 50MW या उससे बड़े केंद्रों के निर्माण पर रोक लगा दी।
| राज्य | प्रतिबंध का प्रकार | सीमा/आवश्यकता |
|---|---|---|
| मैसाचुसेट्स | क्लीन पावर मैंडेट | > 25 MW |
| न्यूयॉर्क | निर्माण पर रोक | > 50 MW |
| टेक्सास | PUC/ERCOT ऑडिट | सभी नए केंद्र |
इस स्थिति पर प्रतिक्रिया देते हुए, AI समर्थकों ने राजनीतिक मोर्चा खोल दिया है। मार्क एंड्रीसन और बेन होरोविट्ज़ जैसे दिग्गजों द्वारा वित्तपोषित सुपर PAC 'लीडिंग द फ्यूचर' अब चुनावी राज्यों में विज्ञापन चला रहा है ताकि मतदाताओं को यह समझाया जा सके कि डेटा सेंटर आर्थिक विकास के लिए अनिवार्य हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न: यदि कोई डेटा सेंटर अपनी स्वच्छ बिजली खुद पैदा नहीं कर पाता है तो क्या होगा?
उत्तर: उन्हें या तो पास में नए नवीकरणीय ऊर्जा संयंत्रों के निर्माण के लिए धन देना होगा या जनता के बिजली खर्च की भरपाई के लिए 'रेटपेयर प्रोटेक्शन फंड' में भुगतान करना होगा।
प्रश्न: क्या यह नियम डेटा सेंटरों पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाता है?
उत्तर: नहीं, यह प्रतिबंध नहीं है, लेकिन 25MW से अधिक क्षमता वाले केंद्रों के लिए कठिन वित्तीय और पर्यावरणीय शर्तें लागू करता है।