स्प्रे इंजीनियरिंग डिवाइसेस लिमिटेड (SED) आगामी SEMICON India 2026 में अपनी पेटेंटेड जल रिकवरी तकनीकों का प्रदर्शन करेगा, जो सेमीकंडक्टर और सोलर विनिर्माण में स्थिरता को बढ़ावा देंगी। यह पहल भारत के बढ़ते चिप इकोसिस्टम में संसाधन दक्षता सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

  • SED सेमीकंडक्टर और फोटोवोल्टिक उद्योगों के लिए उन्नत जल रिकवरी समाधान पेश करेगा।
  • कंपनी अपनी पेटेंटेड MVR-आधारित Low Temperature Evaporation (LTE®) तकनीक का प्रदर्शन करेगी।
  • लक्ष्य शून्य तरल निर्वहन (Zero Liquid Discharge - ZLD) के माध्यम से पर्यावरणीय प्रभाव को कम करना है।

भारत वर्तमान में वैश्विक सेमीकंडक्टर हब बनने की दिशा में तेजी से अग्रसर है। जैसे-जैसे देश में चिप निर्माण और फोटोवोल्टिक संयंत्रों का विस्तार हो रहा है, बुनियादी ढांचे की आवश्यकताएं भी बढ़ रही हैं। इसमें जल प्रबंधन एक सबसे महत्वपूर्ण चुनौती बनकर उभरा है, क्योंकि सेमीकंडक्टर निर्माण प्रक्रिया में वेफर क्लीनिंग और रासायनिक प्रसंस्करण के लिए भारी मात्रा में शुद्ध जल की आवश्यकता होती है।

इस परिदृश्य को देखते हुए, स्प्रे इंजीनियरिंग डिवाइसेस लिमिटेड (SED) ने घोषणा की है कि वह 17 से 19 सितंबर, 2026 तक नई दिल्ली के यशोभूमि (India International Convention & Expo Centre) में आयोजित होने वाले SEMICON India 2026 में अपनी उन्नत जल रिकवरी तकनीकों का प्रदर्शन करेगा। SED का मुख्य उद्देश्य विनिर्माण इकाइयों को अधिक टिकाऊ और संसाधन-कुशल बनाना है।

तकनीकी नवाचार: LTE® और ZLD

SED प्रदर्शनी के दौरान अपनी पेटेंटेड MVR-आधारित Low Temperature Evaporation (LTE®) तकनीक को प्रदर्शित करेगा। यह तकनीक विशेष रूप से उच्च-रिकवरी औद्योगिक अनुप्रयोगों के लिए डिज़ाइन की गई है। यह न केवल प्रक्रिया जल के पुन: उपयोग को अधिकतम करती है, बल्कि ऊर्जा की खपत को भी काफी कम करती है, जिससे कंपनियों को Zero Liquid Discharge (ZLD) लक्ष्यों को प्राप्त करने में मदद मिलती है।

"जल बुनियादी ढांचा अब उत्पादन बुनियादी ढांचे जितना ही रणनीतिक हो गया है। जो संयंत्र अधिक पानी बचाएंगे और कम ऊर्जा का उपयोग करेंगे, वे भविष्य में सबसे अधिक प्रतिस्पर्धी होंगे।" - श्री विमर्श वर्मा, निदेशक, SED

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, भारत का सेमीकंडक्टर मिशन केवल फैब्रिकेशन प्लांट लगाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे पर्यावरणीय रूप से टिकाऊ बनाना भी अनिवार्य है। जल की कमी वाले क्षेत्रों में, ZLD जैसी तकनीकें न केवल कानूनी अनुपालन सुनिश्चित करती हैं, बल्कि परिचालन लागत (OPEX) को भी कम करती हैं। SED का ग्रैडिएंट, VA टेक वाबाग और आयन एक्सचेंज जैसी वैश्विक कंपनियों के साथ सहयोग इसकी विश्वसनीयता को दर्शाता है।

SED केवल स्टैंडअलोन उपकरण प्रदान नहीं करता, बल्कि प्रत्येक सुविधा की विशिष्ट आवश्यकताओं, जैसे कि अपशिष्ट जल की विशेषताओं और उपयोगिता विन्यास के आधार पर एकीकृत वाष्पीकरण और जल रिकवरी प्रणालियों को इंजीनियर करता है। यह दृष्टिकोण ग्रीनफील्ड और ब्राउनफील्ड दोनों प्रकार के प्रोजेक्ट्स के लिए उपयुक्त है।

क्या आप जानते हैं?: एक आधुनिक सेमीकंडक्टर फैब (Fab) को प्रतिदिन लाखों गैलन अल्ट्रा-प्योर वाटर (UPW) की आवश्यकता होती है, जिससे जल पुनर्चक्रण की तकनीकें अनिवार्य हो जाती हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

प्रश्न 1: SEMICON India 2026 में SED का बूथ नंबर क्या है?
उत्तर: आगंतुक SED टीम से बूथ नंबर H7031 पर मिल सकते हैं।

प्रश्न 2: LTE® तकनीक का मुख्य लाभ क्या है?
उत्तर: यह कम तापमान पर वाष्पीकरण के माध्यम से ऊर्जा की बचत करती है और जल रिकवरी दर को अधिकतम करती है।