आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते उपयोग से दुनिया भर की सार्वजनिक सेवाओं में आवेदनों और शिकायतों की संख्या में भारी वृद्धि हुई है। शोधकर्ताओं ने इसे 'एजेंटिक फ्लडिंग' का नाम दिया है, जो प्रशासनिक प्रणालियों के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है।
- ChatGPT और Claude जैसे AI टूल्स के कारण सरकारी शिकायतों और आवेदनों में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है।
- अमेरिका के CFPB में शिकायतों में 5 गुना और यूके के हाउसिंग ओम्बुड्समैन में 2.5 गुना से अधिक की बढ़ोतरी देखी गई है।
- शोधकर्ता क्रिस श्मिट्ज़ ने इस प्रवृत्ति को 'एजेंटिक फ्लडिंग' (Agentic Flooding) कहा है।
- अधिकांश नए आवेदन फर्जी नहीं, बल्कि उन पात्र लोगों के हैं जो पहले जटिल कागजी कार्रवाई के कारण आवेदन नहीं कर पाते थे।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) ने जिस तरह से फॉर्म भरने और शिकायतें दर्ज करने की प्रक्रिया को आसान बनाया है, उसका सीधा असर दुनिया भर की सार्वजनिक सेवाओं पर दिख रहा है। हालिया आंकड़ों के अनुसार, यूनाइटेड किंगडम में हाउसिंग ओम्बुड्समैन के पास आने वाली शिकायतों की संख्या 2022 में 2,600 थी, जो पिछले साल बढ़कर 7,000 से अधिक हो गई। इसी तरह, संयुक्त राज्य अमेरिका के कंज्यूमर फाइनेंशियल प्रोटेक्शन ब्यूरो (CFPB) ने शिकायतों में 5 गुना की वृद्धि दर्ज की है। यह रुझान केवल अंग्रेजी बोलने वाले देशों तक सीमित नहीं है, बल्कि ब्राजील की न्यायिक याचिकाओं और जर्मनी की संसदीय याचिकाओं में भी इसी तरह की उछाल देखी गई है।
शोधकर्ता क्रिस श्मिट्ज़ इस घटनाक्रम पर बारीकी से नज़र रख रहे हैं। उन्होंने इसे 'एजेंटिक फ्लडिंग' का नाम दिया है। श्मिट्ज़ ने 11 अलग-अलग न्यायक्षेत्रों में 84 विभिन्न मामलों का विश्लेषण किया और पाया कि AI उपकरण लोगों के सार्वजनिक सेवाओं के साथ बातचीत करने के तरीके को मौलिक रूप से बदल रहे हैं। उनके विश्लेषण के अनुसार, 2022 से पहले आवेदनों की संख्या स्थिर थी, लेकिन जैसे-जैसे AI तकनीक का प्रसार हुआ, आवेदनों की गति तेजी से बढ़ी और यह वृद्धि अभी भी जारी है।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह केवल एक तकनीकी समस्या नहीं है, बल्कि एक सामाजिक बदलाव है। जहाँ एक ओर सरकारी बजट सीमित हैं, वहीं आवेदकों की संख्या कई गुना बढ़ गई है। यदि इन सेवाओं को AI-अनुकूल नहीं बनाया गया, तो प्रशासनिक तंत्र पूरी तरह चरमरा सकता है। हालांकि, यह एक अवसर भी है कि सरकारें अपनी पुरानी और जटिल प्रक्रियाओं को सरल बनाएं।
"अधिकांश मामलों में, लोग उन चीजों के लिए दावा कर रहे हैं जिनके वे वास्तव में हकदार हैं, लेकिन पहले प्रशासनिक बोझ के कारण ऐसा नहीं कर पाते थे।"
यह स्थिति 'बग-बाउंटी' सेवाओं जैसी है, जहाँ कंपनियों को निम्न-गुणवत्ता वाली रिपोर्टों की बाढ़ का सामना करना पड़ा था। अंतर यह है कि सार्वजनिक सेवाओं के मामले में, ये आवेदन अक्सर वैध होते हैं। पहले लोग जटिल फॉर्म भरने या कानूनी भाषा समझने के डर से अपने अधिकारों का दावा नहीं करते थे, जिसे नीतिगत दुनिया में 'प्रशासनिक बोझ' (Administrative Burden) कहा जाता है। अब AI ने इस बाधा को हटा दिया है।
ऐतिहासिक रूप से, सरकारी आवेदन प्रक्रियाएं जानबूझकर या अनजाने में जटिल रखी गई थीं, जिससे कई पात्र लोग लाभ से वंचित रह जाते थे। AI अब एक 'डिजिटल वकील' के रूप में कार्य कर रहा है, जो आम नागरिक और राज्य के बीच की दूरी को कम कर रहा है।
| क्षेत्र/संस्था | वृद्धि का स्तर | प्रभाव |
|---|---|---|
| USA (CFPB) | 5 गुना वृद्धि | संसाधनों पर भारी दबाव |
| UK (Housing Ombudsman) | ~2.7 गुना वृद्धि | शिकायतों का अंबार |
| ब्राजील/जर्मनी | महत्वपूर्ण उछाल | न्यायिक/संसदीय दबाव |
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: क्या AI द्वारा भेजे गए सभी आवेदन फर्जी या स्पैम होते हैं?
नहीं, शोध के अनुसार अधिकांश आवेदन उन वास्तविक लोगों के हैं जो कानूनी रूप से लाभ के हकदार हैं, लेकिन जिन्हें आवेदन करने में कठिनाई होती थी।
प्रश्न 2: 'एजेंटिक फ्लडिंग' का सरकारी सेवाओं पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
इससे अल्पकालिक रूप से काम का बोझ बढ़ेगा, लेकिन दीर्घकालिक रूप से यह सरकारों को अपनी सेवाओं को डिजिटल और सरल बनाने के लिए मजबूर करेगा।