एक असामान्य कदम उठाते हुए, Apple ने iPhone 18 सीरीज के लॉन्च के साथ ही iPhone 17 और अन्य पुराने मॉडल्स की कीमतों में भारी बढ़ोतरी की है। इस वृद्धि का मुख्य कारण 'चिपफ्लेशन' और AI के कारण मेमोरी चिप्स की कमी है।
- Apple ने पुराने मॉडल्स (iPhone 17, 16, 17e, Air) की कीमतें घटाने के बजाय बढ़ा दी हैं।
- इसका मुख्य कारण 'चिपफ्लेशन' है—AI डेटा सेंटर्स की मांग से मेमोरी चिप्स की कीमतों में उछाल।
- भारत में iPhone 17 की कीमत ₹17,000 बढ़कर ₹99,900 हो गई है।
- Apple ने iPhone 18 Pro, Pro Max और अपना पहला फोल्डेबल 'iPhone Duo' पेश किया है।
Apple ने अपनी कीमतों की पुरानी परंपरा को तोड़ दिया है। आमतौर पर, जब नई जनरेशन के iPhone लॉन्च होते हैं, तो पुराने मॉडल्स की कीमतें कम कर दी जाती हैं ताकि स्टॉक खाली हो सके और बजट खरीदारों को आकर्षित किया जा सके। हालांकि, 9 सितंबर के "Surprise and Shine" इवेंट में, जहां दुनिया का ध्यान iPhone 18 Pro और पहले फोल्डेबल iPhone Duo पर था, वहीं एक चौंकाने वाली बात सामने आई: iPhone 17, iPhone 16 और iPhone Air की कीमतें अचानक बढ़ गईं।
इस असामान्य बदलाव की वजह है "चिपफ्लेशन" (Chipflation)। यह शब्द सेमीकंडक्टर, विशेष रूप से मेमोरी और स्टोरेज चिप्स की कीमतों में होने वाली भारी वृद्धि को दर्शाता है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते प्रभाव के कारण, क्लाउड प्रदाता और AI डेवलपर्स विशाल डेटा सेंटर्स बना रहे हैं, जिन्हें भारी मात्रा में हाई-बैंडविड्थ मेमोरी की आवश्यकता होती है। इससे बाजार में कॉम्पिटिशन बढ़ गया है और स्मार्टफोन निर्माताओं के लिए पुर्जे महंगे हो गए हैं।
यह क्यों महत्वपूर्ण है?
BozokMedia के विश्लेषण से पता चलता है कि यह केवल कीमतों में मामूली बदलाव नहीं है, बल्कि टेक सप्लाई चेन में एक बड़े संरचनात्मक बदलाव का संकेत है। मेमोरी, जो कभी स्मार्टफोन की निर्माण लागत (BoM) का एक छोटा हिस्सा होती थी, अब एक बड़ा खर्च बन गई है। TrendForce की रिपोर्ट के अनुसार, iPhone 18 Pro के लिए मेमोरी की हिस्सेदारी 2025 के 10% से बढ़कर 2026 की तीसरी तिमाही में लगभग 34% हो गई है।
विडंबना यह है कि जिस AI क्रांति ने तकनीक को शक्तिशाली बनाया है, वही अब आम उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स को महंगा कर रही है।
Apple ने इस संकेत पहले ही दे दिए थे। जून में, सीईओ टिम कुक ने वॉल स्ट्रीट जर्नल को बताया था कि AI डेटा सेंटर्स की मांग के कारण स्टोरेज लागत को झेलना मुश्किल हो रहा है। इसके तुरंत बाद MacBook Neo और iPad मॉडल्स की कीमतें बढ़ाई गई थीं। iPhone की कीमतों में यह वृद्धि उसी रणनीति का हिस्सा है ताकि कंपनी अपने प्रॉफिट मार्जिन को बचा सके।
भारतीय बाजार में इसका असर काफी गहरा है। iPhone 17 की कीमत ₹82,900 से बढ़कर ₹99,900 हो गई है, जो लगभग 20.5% की वृद्धि है। सबसे बड़ी छलांग iPhone Air में देखी गई, जिसकी कीमत ₹30,000 बढ़कर ₹1,49,900 हो गई है। यह उन ग्राहकों के लिए बड़ा झटका है जो नए लॉन्च के बाद पुराने मॉडल की कीमत गिरने का इंतजार कर रहे थे।
| मॉडल | पुरानी कीमत (INR) | नई कीमत (INR) | वृद्धि (INR) |
|---|---|---|---|
| iPhone 17 | 82,900 | 99,900 | 17,000 |
| iPhone 16 | 69,900 | 89,900 | 20,000 |
| iPhone Air | 1,19,900 | 1,49,900 | 30,000 |
| iPhone 17e | 64,900 | 79,900 | 15,000 |
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
प्रश्न: Apple ने iPhone 17 की कीमत क्यों नहीं घटाई?
उत्तर: 'चिपफ्लेशन' के कारण मेमोरी चिप्स (DRAM/NAND) की लागत बढ़ गई है, जिससे Apple को अपने मुनाफे को बचाने के लिए कीमतें बढ़ानी पड़ीं।
प्रश्न: iPhone Duo क्या है?
उत्तर: iPhone Duo Apple का पहला फोल्डेबल स्मार्टफोन है, जिसकी भारत में शुरुआती कीमत ₹2,99,900 रखी गई है।